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ओबरा के पुनपुन घाट पर पवित्र छठ के महापर्व छठ व्रतियों ने डूबते को किया पूजा अर्चना l

BHARAT NEWS LIVE24 ओबरा के पुनपुन घाट पर पवित्र छठ के महापर्व छठ व्रतियों ने डूबते को किया पूजा अर्चना l

 *  ओबरा के पुनपुन घाट पर सोशल डिस्टेंस के नियमों की उड़ती रही धज्जियां
* भीड़ भाड़ के इलाकों में नहीं देखी गई पुलिस प्रशासन की व्यवस्था l
*  कोरोना को लेकर प्रशासन ने नहीं दी थी छठ व्रतियों को घाट पर पूजा अर्चना करने की अनुमति l
  वरीय संवाददाता
ओबरा (औरंगाबाद)-   औरंगाबाद जिले के ओबरा प्रखंड के पुनपुन घाट पर आस्था एवं पवित्र छठ के महापर्व पर  छठ व्रतियों ने डूबते सूर्य को अर्घ्य एवं वंदना करते हुए पूजा अर्चना किया l इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ताओं  एवं संस्थाओं  विभिन्न राजनीतिक पार्टियों द्वारा छठ व्रतियों को सहयोग प्रदान करते देखा गया l वहीं पुलिस प्रशासन की व्यवस्था भीड़ भाड़ इलाकों में ना के बराबर देखी गई l वहीं दूसरी तरफ सोशल डिस्टेंस के नियमों की धज्जियां उड़ते देखा गया l ऐसे तो पुनपुन घाटों पर छठ व्रतियों की संख्या प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष कम  देखी गई l कई संस्थाओं द्वारा प्रचार प्रसार की बैनर भी देखे गए l चाइनीज रंगीन बल्बों के लेरियो से पुनपुन घाट पर जाने के रास्तों  को सजाया गया था l सड़कों पर भक्तों छठव्रतियों श्रद्धालुओं को घाट पर जाने  के क्रम में सुरक्षा के दृष्टिकोण से  कार्यकर्ताओं एवं होमगार्ड के जवानों को लगाया गया था l कुल मिलाकर कहा जाए तो आस्था और पवित्रता छठ के महापर्व के सामने कोरोना जैसी वैश्विक महामारी का भय लोगों से काफी दूर जा चुका था l छठ व्रती एवं भक्तों द्वारा छठी  मां का गीत गाते हुए घाटों पर जाते हुए देखा गया l ऐसे तो ओबरा के पुनपुन घाटों पर छठ व्रत को लेकर साफ सफाई किया गया था l वही पुनपुन नदी में पानी का स्तर निम्न था l इस पर में महिला पुरुष एवं बच्चों को भी  उत्सुकता पूर्वक पूजा अर्चना करते देखा गया l विद्वान पंडितों द्वारा डूबते सूर्य को जल एवं दूध से अर्घ्य देते हुए सूप ,फल ,फूल, मोनी एवं घी के दीपक जला कर पूजा अर्चना किया गया l इस संबंध में  छठ व्रती दीपा सिन्हा, एवं जयप्रकाश भारती ने संवाददाता को पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि हम सभी वर्ष 2004 से छठ व्रत का पूजा धूमधाम से करते आ रहे हैं l पूजा करने से मुझे शांति मिलती है l यही कारण है कि हम सभी परिवार सुख ,शांति, समृद्धि के लिए भास्कर की पूजा करते हैंl वही सोशल डिस्टेंस के नियमों के  पालक कर डूबते  सूर्य की पूजा अर्चना किया l
 *  ओबरा के पुनपुन घाट पर सोशल डिस्टेंस के नियमों की उड़ती रही धज्जियां
* भीड़ भाड़ के इलाकों में नहीं देखी गई पुलिस प्रशासन की व्यवस्था l
*  कोरोना को लेकर प्रशासन ने नहीं दी थी छठ व्रतियों को घाट पर पूजा अर्चना करने की अनुमति l
  वरीय संवाददाता
ओबरा (औरंगाबाद)-   औरंगाबाद जिले के ओबरा प्रखंड के पुनपुन घाट पर आस्था एवं पवित्र छठ के महापर्व पर  छठ व्रतियों ने डूबते सूर्य को अर्घ्य एवं वंदना करते हुए पूजा अर्चना किया l इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ताओं  एवं संस्थाओं  विभिन्न राजनीतिक पार्टियों द्वारा छठ व्रतियों को सहयोग प्रदान करते देखा गया l वहीं पुलिस प्रशासन की व्यवस्था भीड़ भाड़ इलाकों में ना के बराबर देखी गई l वहीं दूसरी तरफ सोशल डिस्टेंस के नियमों की धज्जियां उड़ते देखा गया l ऐसे तो पुनपुन घाटों पर छठ व्रतियों की संख्या प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष कम  देखी गई l कई संस्थाओं द्वारा प्रचार प्रसार की बैनर भी देखे गए l चाइनीज रंगीन बल्बों के लेरियो से पुनपुन घाट पर जाने के रास्तों  को सजाया गया था l सड़कों पर भक्तों छठव्रतियों श्रद्धालुओं को घाट पर जाने  के क्रम में सुरक्षा के दृष्टिकोण से  कार्यकर्ताओं एवं होमगार्ड के जवानों को लगाया गया था l कुल मिलाकर कहा जाए तो आस्था और पवित्रता छठ के महापर्व के सामने कोरोना जैसी वैश्विक महामारी का भय लोगों से काफी दूर जा चुका था l छठ व्रती एवं भक्तों द्वारा छठी  मां का गीत गाते हुए घाटों पर जाते हुए देखा गया l ऐसे तो ओबरा के पुनपुन घाटों पर छठ व्रत को लेकर साफ सफाई किया गया था l वही पुनपुन नदी में पानी का स्तर निम्न था l इस पर में महिला पुरुष एवं बच्चों को भी  उत्सुकता पूर्वक पूजा अर्चना करते देखा गया l विद्वान पंडितों द्वारा डूबते सूर्य को जल एवं दूध से अर्घ्य देते हुए सूप ,फल ,फूल, मोनी एवं घी के दीपक जला कर पूजा अर्चना किया गया l इस संबंध में  छठ व्रती दीपा सिन्हा, एवं जयप्रकाश भारती ने संवाददाता को पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि हम सभी वर्ष 2004 से छठ व्रत का पूजा धूमधाम से करते आ रहे हैं l पूजा करने से मुझे शांति मिलती है l यही कारण है कि हम सभी परिवार सुख ,शांति, समृद्धि के लिए भास्कर की पूजा करते हैंl वही सोशल डिस्टेंस के नियमों के  पालक कर डूबते  सूर्य की पूजा अर्चना किया l

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