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डूबते सूरज को छठ व्रतियों ने अर्घ्य देते हुए किया पूजा-अर्चना l

BHARAT NEWS LIVE24औरंगाबाद में डूबते सूरज को छठ व्रतियों ने अर्घ्य देते हुए किया पूजा-अर्चना l

*  कोरोना काल में भी आस्था व विश्वास के कारण छठ व्रतियों ने सोशल डिस्टेंस का प्रयोग करते हुए डूबते सूरज को किया बंदना l
विश्वनाथ आनंद
 औरंगाबाद-  बिहार के औरंगाबाद में कोरोना के  दहशत के बाद भी आस्था और विश्वास के बीच औरंगाबाद वासियों ने पवित्र छठ की पूजा डूबते सूरज को अर्घ्य देते हुए वंदना के साथ पूजा अर्चना किया l इस अवसर पर छठ  व्रतियों  एवं भक्तों को घर एवं नदी तालाबों के बीच पूजा अर्चना करते देखा गया l वहीं दूसरी तरफ छठ व्रतियों एवं भक्तों द्वारा सोशल डिस्टेंस और सरकार द्वारा दिया गया दिशा निर्देश का ख्याल रखते हुए कार्यक्रम को करते देखा गया l ऐसे तो जिला पदाधिकारी सौरभ जोरवाल ने औरंगाबाद के विभिन्न स्थानों को भ्रमण करते हुए ,सुरक्षा की पुख्ता ख्याल रखते हुए गाइडलाइन जारी किया है l ऐसे तो छठ को लेकर पूरे शहर विभिन्न फलों से  पट चुका है l वही फल एवं सम्मान खरीदने वालों की बाजारों में भीड़ उमड़ रही है l छठ को लेकर बाजारों में फल की दाम भी आसमान छू चुका है l लेकिन प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष कोरोना भय आक्रांत को लेकर छठ व्रतियों की संख्या में कमी आई है l लेकिन जिला प्रशासन सभी घाटों पर पुलिस बल एवं दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति सुरक्षा के दृष्टिकोण से किया है l  औरंगाबाद के दाउदनगर, हसपुरा, रफीगंज, बारुण, मदनपुर ,देव ,औरंगाबाद, ओबरा ,जम्होर, दोमुहान, सहित दर्जनों स्थानों में छठ व्रतियों ने डूबते  सूर्य की वंदना करते हुए अर्घ्य दिया और पूजा अर्चना की l ऐसे तो छठ व्रत को लेकर पवित्रता  और आस्था के बीच कोरोना जैसी महामारी भी पीछे छूट चुकी है l  वहीं दूसरी तरफ आस्था के सामने कोरोना बौना साबित हो रहा है l सुबह से ही भक्तों श्रद्धालुओं एवं छठ व्रतियों द्वारा छठी मैया के गीत गाते  देखे गए l और  सूर्य ढलते ही छठ व्रतियों द्वारा स्नान कर वंदना करते हुए पूजा अर्चना किया गया l वही विद्वान पंडितों ने छठ व्रतियों को श्लोक के माध्यम से पूजा अर्चना कराते हुए डूबते सूरज  की पूजा करने का फायदा  तथा तथ्य बताया l  ऐसे तो कोरोना को लेकर औरंगाबाद के सूर्य की नगरी से विख्यात देव में सरकार द्वारा दी गई दिशा निर्देश के आलोक में छठ व्रतियों को देव में छठ करने पर पाबंदी लगा दी गई l जिसके कारण देव में भक्तों, श्रद्धालुओं एवं छठ व्रतियों को एक के दो के छोड़कर भीड़ भाड़ नहीं देखी गई है l जबकि औरंगाबाद के सब्जी मंडी के समीप तत्कालीन जिला पदाधिकारी एवं वर्तमान कटिहार के जिला पदाधिकारी कंबल तनुज के फैंस द्वारा सूप मोनी, छठ व्रतियों के बीच सहयोग के रूप में वितरण करते देखा गया l तथा औरंगाबाद वासियों को छठ के पवित्र महापर्व के अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी जिला वासियों को  देते देखा गया l यह महापर्व चार दिनों का होता है lजहां पवित्रता ,आस्था के साथ महिला, पुरुष, बच्चे   सूर्य भगवान का पूजा अर्चना करते हैं l ऐसे तो औरंगाबाद के देवनगरी में साक्षात पश्चिमाविमुख मंदिर में ब्रह्मा, विष्णु ,महेश स्वयं विराजमान हैं l जहां भक्तों श्रद्धालुओं द्वारा पूजा ,अर्चना प्रतिदिन की जाती है l जिसका कई प्रकार के देवनगरी की एवं पश्चिम विमुख मंदिर की चर्चाएं  और कहानियां की जानकारी मिलती है l बताया जाता है कि भगवान विश्वकर्मा ने एक ही रात में भगवान सूरज की तीन मंदिर निर्वाण कर रहे थेl जिसमें देव हसपुरा एवं उमगा  का नाम शामिल है l दो मंदिर का निर्माण भगवान विश्वकर्मा द्वारा देव और हसपुरा को कर लिया गया परंतु उमगा की मंदिर का निर्माण करते करते  प्रातः काल हो गया जिसके कारण उमगा का मंदिर अधूरा रह गया l बताया जाता है कि सूर्य की उपासना एवं पूजा अर्चना करने से सभी कष्टों से मुक्ति मिल जाता है वही कुष्ठ रोग से ग्रसित लोगी भी मुक्ति मिलती है l यही कारण है कि औरंगाबाद के देव की नगरी में छठ व्रतियों द्वारा देश विदेश से आकर पूजा अर्चना करते हैं l

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