Breaking News

✍️ *संवाददाता राजीव तिवारी*✍️ *लोकायुक्त मे टैप घूसखोर शिक्षक पर मेहरबान हुआ लोकायुक्त विभाग रीवा* *लोकायुक्त से उठ रहा जनता का विश्वास ,कार्यवाही पर लगे पश्न चिन्ह* *घूसखोर शिक्षक को बचाने में लगा लोकायुक्त 5 वर्ष मे भी पेस नही हुया चालान*


*रीवा/* प्रदेश सरकार दिन प्रतिदिन भ्रष्टाचार कम करने के दावो से पीछे नहीं हट रही है वही रीवा जिला कलेक्टर की ताबड़तोड़ कार्यवाही से भ्रष्टाचारियों के होश उडे हुए हैं वहीं दूसरी ओर रीवा जिले में कुछ ऐसे भी अधिकारी हैं जो कि भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं शासन के बड़े अधिकारियों की हीलाहवाली के चलते सरकार के इरादों पर प्रश्न चिन्ह लग रहे हैं।मामला रीवा जिले के हनुमना ब्लाक अन्तर्गत शिक्षा विभाग का है। जहाँ पांच वर्ष पूर्व 2015 मे हायर सेकंडरी स्कूल बराँव के प्रभारी प्राचार्य राम खेलावन पटेल को लोकायुक्त पुलिस ने अतिथि शिक्षक भर्ती के लिये 3000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाँथ पकड़ा था। लेकिन कार्यवाही के नाम पर दिखावा कर रही है आज तक लोकायुक्त ने कोई कार्यवाही की न ही विभाग ने आज तक उक्त रिश्वतखोर प्राचार्य को निलंबित ही किया। यहाँ तक की उक्त रिश्वतखोर प्राचार्य ने शिकायत करता को मरवाने कि कोशिश कर रहा लेकिन भ्रष्ट कानून व्यवस्था जिले के अधिकारी मौन जिससे न सिर्फ विभाग बल्कि लोकायुक्त की कार्यवाही पर भी प्रश्न चिन्ह लग रहा है। आखिर पांच वर्ष पूर्व रिश्वत लेते हुये रंगे हाँथ लोकायुक्त द्वारा पकड़े जाने के बावजूद आज तक प्रशासन द्वारा रिश्वतखोर प्राचार्य के खिलाफ कार्यवाही क्यों नही की गई यह समझ से परे है। किन्तु विभाग द्वारा इस तरह रिश्वत लेते पकड़े गये प्राचार्य को संरक्षण देने से लोगो मे तरह तरह की चर्चाएं हैं। वही अधिकारियों के संरक्षण के चलते उक्त प्राचार्य आज तक लूट खसोट पर उतारू हैं। शिकायतकर्ता सगरा पतुलखी निवासी रामलाल साहू ने सम्भागायुक्त राजेश जैन,कलेक्टर इलैया राजा टी और लोकायुक्त एस पी से पुन: माँग की है की रंगे हाँथ रिश्वत लेते पकड़े गये दोषी प्राचार्य रामखेलावन पटेल को निलंबित कर लोकायुक्त पुलिस प्रकरण क्रमांक 556/2015 को न्यायालय मे प्रस्तुत करें। रिश्वतखोर प्राचार्य के गांव के आसपास का लोकायुक्त भोपाल में पदस्थ आरक्षक कर रहा बचाव लोकायुक्त कार्यवाही होने के बाद उस रिश्वतखोर को निलंबित होना चाहिए लेकिन इस प्राचार्य का निलंबन आज तक नहीं हुआ। अगर इस मामले में बारीकी से जांच बैठाई जाए तो कहीं ना कहीं लोकायुक्त की भी मिलीभगत सामने आ सकती है हल्की जिला कलेक्टर के आदेशों को अन्य आला अधिकारी तार-तार करने से पीछे नहीं हट रहे हैं वही लोकायुक्त में आरोपी शिक्षक सुकून से दूसरे भ्रष्टाचार को अंजाम देने की तैयारी में लगा हुआ है जिससे जिला प्रशासन सहित अन्य आला अधिकारियों की कमी देखी जा सकती है अगर ऐसा ही चलता रहा तो आम जनता का भरोसा सभी विभागों से उठ जाएगा।

No comments