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BHARAT NEWS LIVE24 टिकारी बैंक ऑफ बड़ौदा के इंटरनेट लिंक फेल होने से बैंक उपभोक्ता हो रहे हैं परेशान l

BHARAT NEWS LIVE24टिकारी बैंक ऑफ बड़ौदा के इंटरनेट लिंक फेल होने से बैंक उपभोक्ता हो रहे हैं परेशान l
 वरीय संवाददाता
 टेकारी( गया)-  गया जिले के टेकारी अनुमंडल अंतर्गत बैंक ऑफ बड़ौदा के इंटरनेट सुविधा ठप होने एवं लिंक फेल होने से बैंक उपभोक्ता काफी दिनों से परेशान हैं l बताते चलें कि टेकारी थाना से महज 200 गज की दूरी पर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा बैंक है l जो टेकारी के पुराने बैंक के नाम से जाना जाता है l इस बैंक में हर बैंकों की तुलना में उपभोक्ता काफी हैं l इसका मुख्य कारण है कि सर्वप्रथम बैंक ऑफ बड़ौदा ही टिकारी में उपभोक्ताओं को सेवा देने के लिए अपना स्थान कायम किया था l लेकिन यह बैंक के प्रबंधक एवं व्यवस्थापक के मनमानी रवैया के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है l उपभोक्ताओं की बात सच मानी जाए तो कहना है कि  बैंक के प्रबंधक एवं व्यवस्थापक के मनमानी रवैया के कारण उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना उठाना पड़ रहा है l कभी लिंक फेल होने की बात कहीं जाती है ,तो कभी कर्मियों की कमी होने की रोना रोया जाता है l जिसके कारण उपभोक्ता अपने आप

को ठगी महसूस करता है l पीड़ित उपभोक्ता की बात सच मानी जाए तो कहना है कि चार दिनों से बैंक ऑफ बड़ौदा में इंटरनेट सुविधा  ठप है , वही लिंक फेल होने की बात कह कर उपभोक्ताओं को लौट आया जा रहा है l आज स्थिति यह है कि रूपए पैसे की निकासी बैंकों से नहीं होने के कारण कई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है l टेकारी बाजार के पीड़ित उपभोक्ता अपने नाम में छापे जाने की शर्त पर बताया कि मेरे पिता की मृत्यु हो गया l  पिताजी का खाता बैंक ऑफ बड़ौदा का था l पिताजी को इलाज कराने हेतु निकालने की आवश्यकता थी लेकिन बैंक के व्यवस्थापक एवं प्रबंधक द्वारा बैंक के गेट पर ही लिंक फेल होने की सूचना टांग दिया गया था l बैंक से रुपए नहीं निकलने के कारण एवं लिंक फेल के कारण उपभोक्ता की मृत्यु हो गई l संवाददाता ने जब समस्याओं से संबंधित जानकारी लेने हेतु बैंक पहुंचा तो कर्मचारी एवं प्रबंधक इंटरनेट सुविधा फेल होने की बात कह कर अपना जान बचाना ज्यादा मुनासिब समझा l आज स्थिति यह है कि बैंक की लापरवाही  का खामियाजा एक नहीं सैकड़ों उपभोक्ता हो चुके हैं l  उपभोक्ताओं का कहना है कि अपने रुपए पैसे बैंकों में रहने के बावजूद भी उपभोक्ताओं को कर्मचारी एवं प्रबंधक की लापरवाही के कारण परेशानी का सामना उठाना पड़ता है l    उपभोक्ताओं ने बैंक प्रबंधक पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा है कि यदि बैंक के प्रबंधक इंटरनेट खराब होने की सूचना की शिकायत विभाग को समय रहते किया जाता तो 4 दिनों से उपभोक्ता को बैंक के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ती l उपभोक्ता ने कहा कि बैंक से रुपए भी नहीं निकलते और समय भी पूरे दिन कट जाता l यह सिलसिला कब तक होते रहेगा समझ से परे है l ऐसे तो टेकारी गया व पंचानपुर गया मार्ग पर स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय के समीप बीएसएनल का केवल कट जाने के कारण भी बीएसएनल की इंटरनेट सुविधा बंद होने की बात बताई जा रही है l जबकि बैंक ऑफ बड़ौदा में उपभोक्ता टेकारी के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से आते और जाते हैं इसके बावजूद भी बैंक प्रबंधक द्वारा उपभोक्ताओं को सुविधा मुहैया नहीं करा ना भी कई सवाल को खड़ा करता है आखिर इसके लिए दोषी कौन l रूपए पैसे बैंकों में रहते हुए लिंक फेल इंटरनेट सुविधा मुहैया नहीं होने के कारण किसी उपभोक्ता को मृत्यु हो जाती हो इसके लिए दोषी कौन ऐसे कई सवाल हैं जो उपभोक्ताओं को सोचने को मजबूर करता है l ताज्जुब तो  इस बात की है की एक तरफ बैंकों द्वारा उपभोक्ताओं को सुविधा मुहैया कराने के लिए बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं वहीं दूसरी तरफ जब उपभोक्ता बन जाता है तो पदाधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा  उसकी समस्याओं को नहीं सुना जाता और पूरी तरह से इग्नोर कर दिया जाता है जिसके कारण बैंक उपभोक्ता अपने आप को  ठगा महसूस करता है l टेकारी के अनुमंडलीय बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव राजेश कुमार द्विवेदी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बैंक प्रबंधक पर आरोप लगाया है कि बैंक के पदाधिकारी के मनमानी रवैया के कारण उपभोक्ता ठगी मशहूर कर रहा है l श्री द्विवेदी ने बैंक ऑफ बड़ौदा बैंक में पहुंचा और अपनी समस्या को प्रबंधक के बीच में रखा परंतु उनके बातों को सुनने के जगह सिर्फ यह कह कर हटा दिया कि इंटरनेट सुविधा फेल है l आज स्थिति यह है कि उपभोक्ता को बैंक में रुपए  रहते हुए भी कई समस्याओं से जूझना पड़ रहा है l श्री द्विवेदी ने आगे कहा कि यदि बैंक प्रबंधक द्वारा उपभोक्ताओं को सुविधा मुहैया नहीं कराया जाता तो आने वाले दिनों में बैंक प्रबंधक के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने हेतु पत्राचार किया जाएगा l अब देखना है कि बैंक प्रबंधक उपभोक्ताओं को सुविधा मुहैया करा पाते हैं या नहीं यह तो आने वाला समय बताएगा लेकिन सच तो यह है कि बैंक प्रबंधक की लापरवाही के कारण किसी उपभोक्ता को रूपए पैसे के अभाव में मृत्यु होना मानवाधिकार को भी तार तार करता है l श्री द्विवेदी ने समाचार पत्र के माध्यम से बैंक ऑफ बड़ौदा के  महाप्रबंधक एवं जिला पदाधिकारी गया को ध्यान आकृष्ट कराते हुए शीघ्र उपभोक्ताओं के लिए सुविधा मुहैया कराने की मांग किया है l

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