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दुर्गा जी की प्रतिमा अपने प्रागण में स्थापित कर उत्सव मनाए : उदय कमल मिश्र



शारदीय नवरात्रि के समय हम सभी दुर्गा जी की भव्य प्रतिमा स्थापित कर उत्सव मनाते रहे हैं, लेकिन कोरोना महामारी से बचने के लिए जिला प्रशासन की मंशानुसार एवं स्वयं की सुरक्षा की दृष्टि से पूर्व के वर्षो की भांति इस वर्ष शारदीय नवरात्रि में सार्वजनिक स्थल पर भव्य दुर्गा प्रतिमा स्थापित करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।

अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता उदय कमल मिश्र ने जारी वक्तव्य में अपील की है कि शारदीय नवरात्रि के अवसर पर हम सनातन संस्कृति के अनुयायियों का दायित्व है कि सार्वजनिक स्थल पर दुर्गा जी की भव्य प्रतिमा स्थापित करने से परहेज़ करें।
हम सभी शारदीय नवरात्रि के अवसर पर दुर्गा जी की प्रतिमा अपने प्रांगण में स्थापित कर उत्सव मना सकते हैं। दुर्गा जी की प्रतिमा स्थापित करने के बाद इस बात का विशेष ध्यान दिया जाय कि श्रद्धालु आपस में एक दूसरे से दूरी बना कर मास्क पहनकर ही दुर्गा जी की पूजा आरती में शामिल हों। दुर्गा जी की प्रतिमा स्थापित करने वाले श्रद्धालुओं का यह दायित्व है कि प्रतिमा विसर्जन जिला प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थल पर ही कम से कम व्यक्तियों के साथ जाकर करें।
शारदीय नवरात्रि के अवसर पर इस तरह से दुर्गा जी की प्रतिमा स्थापित कर उत्सव मनाकर हम कोरोना महामारी से बचाव के साथ एक जिम्मेदार नागरिक की भूमिका का निर्वहन कर जिला प्रशासन की भी मदत करनें में सफल होंगे।

श्री मिश्र ने इस विज्ञप्ति के माध्यम से जिला एवं पुलिस प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है कि वर्तमान में सार्वजनिक स्थल पर कोरोना महामारी से बचाव के लिए जिले के आम नागरिकों एवं व्यापारियों के द्वारा कोई बचाव नहीं किया जा रहा है। सार्वजनिक कार्यक्रम हो या सार्वजनिक स्थल हो कोई भी व्यक्ति आपस में न तो दूरी बनाकर रहता है और न ही मास्क लगाता है। जिले में बहुत से व्यक्ति कोरोना वायरस से संक्रमित है कुछ व्यक्तियों कि कोरोना बीमारी से मृत्यु भी हो गई लेकिन इन सब के बाद भी कोरोना महामारी से बचाव के लिए घोर लापरवाही की जा रही है जो बहुत ही पीड़ादायक है।
शेष शुभ।
उदय कमल मिश्र अधिवक्ता सीधी।

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