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बिहार में महिलाओं एवं पुरुषों के बीच मतदान में अंतर रहने के कारण जिला प्रशासन का यह उद्देश्य है कि अधिक से अधिक महिला मतदाताओं को मतदान हेतु प्रेरित*

BHARAT NEWS LIVE24*बिहार में महिलाओं एवं पुरुषों के बीच मतदान में अंतर रहने के कारण जिला प्रशासन का यह उद्देश्य है कि अधिक से अधिक महिला मतदाताओं को मतदान हेतु प्रेरित*

गया 14अक्टू2020
रिपोर्टः गया से डीके पंडित

बिहार विधान सभा आम निर्वाचन, 2020 के अवसर पर गया जिला में महिला मतदाता को 28 अक्टूबर को मतदान हेतु विशेष रूप से प्रेरित किया जा रहा है। पिछले कुछ चुनाव में महिलाओं एवं पुरुषों के बीच मतदान में अंतर रहने के कारण जिला प्रशासन का यह उद्देश्य है कि अधिक से अधिक महिला मतदाताओं को मतदान हेतु प्रेरित करते हुए मतदान केंद्र तक लाया जाए। इस कार्य हेतु महिला संगठनों, जीविका दीदियों, आँगनबाडी सेविका-सहायिका, शिक्षिकाओं सहित अन्य महिला मतदान कर्मियों को लगाया जा रहा है, ताकि महिलाओं को मतदान के लिए अधिक से अधिक प्रेरित किया जा सके। शहरी क्षेत्र एवं नगर पंचायत क्षेत्रो में  महिला मतदाताओं  की संख्या में अंतर रहने के कारण नुक्कड़ नाटक,जागरूकता रथ इत्यादि के माध्यम से भी महिला मतदाताओं को जागरूक एवं मतदान हेतु प्रेरित किया जा रहा है।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी श्री अभिषेक सिंह के निदेश के आलोक में स्वीप गतिविधि के अंतर्गत रैली, रंगोली, पेंटिंग प्रतियोगिता, पोस्टर, बैनर, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से भी महिला मतदाताओं को मतदान हेतु जागरूक किया जा रहा है। जीविका दीदी, शिक्षिकाओं, आँगनबाड़ी सेविका-सहायिका द्वारा मतदाता जागरूकता अभियान को अधिक से अधिक प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही रंगोली, डोर टू डोर कैंपेन, चुनाव चौपाल के माध्यम से भी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के महिला मतदाता को जागरूक किया जा रहा है।

उपरोक्त उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जिले में लगभग 422 महिला मतदान केंद्र बनाए जा रहे हैं, जिसमें सभी मतदान कर्मी महिला होंगी। लगभग 475 मतदान केंद्रों पर दो पुरुष एवं दो महिला मतदान कर्मी की प्रतिनियुक्ति की जा रही है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह- जिला पदाधिकारी द्वारा जिले के सभी महिला मतदाताओं से अपील किया गया है कि वह बिना किसी डर के निर्भिक होकर मतदान केंद्र तक आए। उनकी सुरक्षा तथा कोविड-19 से बचाव हेतु पूरी व्यवस्था की गई है। उन्होंने आधी आबादी से अनुरोध किया है कि 28 अक्टूबर को मतदान कर लोकतंत्र को और अधिक मजबूत करते हुए मतदान जैसे राष्ट्रीय त्योहार का स्वागत करें।

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