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BHARAT NEWS LIVE24. मतदाताओं में नहीं दिख रहा दिलचस्पी, किसी दल के नेताओं को भी नहीं है भरोसा

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मतदाताओं में नहीं दिख रहा दिलचस्पी, किसी दल के नेताओं को भी नहीं है भरोसा                   अजय कुमार पाण्डेय।    औरंगाबाद: ( बिहार  ) इस बार चुनाव आयोग द्वारा बिहार -  विधानसभा चुनाव 2020  तिथि की घोषणा भले ही कर दी गई है! औरंगाबाद जिले में मतदान की तिथि भी *चुनाव आयोग द्वारा* प्रथम चरण में ही  28 अक्टूबर 2020 निर्धारित की गई है! लेकिन हकीकत है कि इस बार संपन्न होने जा रही आगामी बिहार -  विधानसभा चुनाव 2020 में न तो किसी दल के पार्टी कार्यकर्ताओं में ही कहीं उत्साह देखा जा रहा है?  और न ही औरंगाबाद जिले के अंदर किसी भी क्षेत्र में मतदाताओं की कोई दिलचस्पी? हो भी तो क्यों नहीं? होना स्वाभाविक है? क्योंकि पार्टी कार्यकर्ताओं से लेकर विभिन्न क्षेत्रों में कई मतदाताओं से भी जब संवादाता की बात होती है? तो साफ तौर पर कहना है कि एक तो इस वक्त वैश्विक महामारी कोरोना मार की वजह से प्रत्येक व्यक्ति का कमर टूट चुका है? हर व्यक्ति का सारा धंधा चौपट हो गया है? देश के प्रत्येक नागरिकों को अपना खर्चा चलाना मुश्किल हो गया है? इसके बावजूद इस संकट की घड़ी में भी नेताओं को सिर्फ चुनाव ही नजर आ रहा है? जबकि अभी तक किसी का जिंदगी पटरी पर नहीं लौटा है? आखिर हम लोग मतदान क्यों करें? सभी दलों के नेताओं का तो वही हाल है? चुनाव खत्म? नागरिकों का समस्या खत्म? जब विभिन्न क्षेत्रों में संवाददाता द्वारा कई लोगों से पूछा जाता है? कि इस बार आगामी बिहार - विधानसभा चुनाव 2020 मैं आखिर आप लोग किस दल को बेहतर मान रहे हैं? तो पूछे गए सवालों का जवाब नहीं मिलता है कि सब का तो वही हाल है? अब किसी भी दल के नेताओं की राजनीति सिर्फ अपने अपने स्वार्थों की राजनीति बनकर रह गई है? जनता की समस्या सुनने -  देखने वाला कोई भी जनप्रतिनिधि नहीं रह गया है? तो हम लोग भी मतदान क्यों करें? वही दूसरी ओर कई दलों के धरातल पर कार्य करने वाले कार्यकर्ता का भी कहना है कि हम लोग अपनी पार्टी के लिए काफी लंबा समय तक सिर्फ जिंदाबाद - जिंदाबाद करते रहते हैं और जब किसी भी विधानसभा या लोकसभा चुनाव में पार्टी द्वारा टिकट धरातल पर कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं द्वारा मांग किया जाता है? तो पार्टी के दिग्गज लोग कहते हैं कि फला व्यक्ति को जाकर चुनाव में सपोर्ट करो? टिकट की खरीद- फरोख्त ऊंची दामों पर होने लगती है? और अंत में पार्टी द्वारा टिकट वैसे नेताओं को ही दिया जाता है? तो फिर हम लोग भी दिलचस्पी क्यों ले? इसके अलावे विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं का कहना है अभी तो किसी भी दल में गठबंधन का ही अता -  पता  नहीं है? कि गठबंधन भी होगा या नहीं? या कोई भी पार्टी के लोग बिना किसी गठबंधन के ही अपना - अपना सिंबल पर सभी विधानसभा  क्षेत्रों में जनप्रतिनिधि को सिंगल चुनाव ही लड़ाएंगे? स्पष्ट नहीं हो पा रहा है? तो हम लोग अभी क्या कहें? की पार्टी की तरफ से किस उम्मीदवार को टिकट मिलेगा भी या नहीं? तो चुनाव की क्या बात करें? इसलिए इस परिस्थिति को देखते हुए तो  यही लग रहा है?  की आगामी बिहार - विधानसभा चुनाव 2020 चुनाव में चुनाव परिणाम किस राजनीतिक दल के पक्ष में जाएगा? स्पष्ट रूप से कहा नहीं जा सकता? हालांकि चुनाव आयोग और जिला - प्रशासन, पुलिस - प्रशासन अथक प्रयास कर रही है की बिहार के शत -  प्रतिशत मतदाता सोच समझकर अपने - अपने मताधिकार का भयमुक्त माहौल में निष्पक्ष रुप से मतदान अवश्य करें! इसके लिए प्रत्येक नागरिकों को प्रशासन भरपूर सहयोग करेगी! इसीलिए निर्वाचन विभाग एवं प्रशासन द्वारा मतदाताओं को जागरूक करने के लिए कई प्रकार के जागरूकता अभियान भी चला रही है! मतदाताओं के लिए जागरूकता रथ रवाना किया जा रहा है! लेकिन अब देखने वाली बात होगी की इस बार के संपन्न होने जा रही बिहार -  विधानसभा चुनाव 2020 में यहां की जनता क्या फैसला लेती है? यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा? ज्ञात हो कि कई मीडियाकर्मी, मतदाता, विभिन्न राजनीतिक दलों के पॉलीटिकल लीडर द्वारा यह भी कयास लगाया जा रहा है? कि बिहार में जो 2005 में स्थिति उत्पन्न हो गई थी?  वही स्थिति कहीं फिर दोबारा न उत्पन्न हो जाए? मतलब बिहार में फिर से कहीं *त्रिशंकु चुनाव परिणाम* ही न आ जाए? गौरतलब हो कि औरंगाबाद जिले में सभी 06 विधानसभा क्षेत्रों में शामिल औरंगाबाद विधानसभा, नबीनगर - बारुण विधानसभा, कुटुंबा - देव विधानसभा, रफीगंज - मदनपुर विधानसभा, ओबरा - दाउदनगर विधानसभा एवं गोह विधानसभा क्षेत्र में चुनाव लड़ने वाले इच्छुक प्रत्याशियों के लिए 01 अक्टूबर 2020 से ही नामांकन फॉर्म भरने के लिए डेट भी प्रारंभ हो चुकी है और फॉर्म भरने की अंतिम तिथि भी 08 अक्टूबर तक हीं है! इसके अलावे नामांकन समीक्षा तिथि 9 अक्टूबर एवं नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 12 अक्टूबर 2020 ही निर्धारित है! इसके बावजूद समाचार प्रेशर पूर्व तक किसी भी राजनीतिक दलों द्वारा गठबंधन स्पष्ट नहीं हो पाया है जबकि औरंगाबाद जिले में चुनाव भी 28 अक्टूबर 2020 को प्रथम चरण में ही होना है और चुनाव परिणाम 10 नवंबर 2020 को मतगणना तिथि घोषित की गई है और 12 नवंबर 2020 तक निर्वाचन प्रक्रिया पूरी कर लिए जाने की तिथि निर्धारित है!

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