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BHARAT NEWS LIVE24न जात की, न पात की, बात सिर्फ विकास की - मनोज सिंह।

BHARAT NEWS LIVE24न जात की,  न पात की, बात  सिर्फ विकास की  - मनोज सिंह

।         मगध ब्यूरो:अजय कुमार पाण्डेय                                   औरंगाबाद: ( बिहार. ) जैसे - जैसे बिहार में प्रथम चरण के दौरान 28 अक्टूबर 2020 को संपन्न होने वाली चुनावी तिथि नजदीक आते जा रही हैं! वैसे -  वैसे सभी राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि भी धुआंधार जनसंपर्क अभियान चलाकर दिन - रात एक करते हुए दिखाई देने लगे हैं!  इसी कड़ी में बात करते हैं औरंगाबाद जिला अंतर्गत रफीगंज विधानसभा क्षेत्र के लोक जनशक्ति पार्टी प्रत्याशी मनोज सिंह का! संवाददाता ने जब लोजपा प्रत्याशी से मुलाकात होने के बाद विभिन्न मुद्दों पर सवाल पूछा? तो पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय चिराग पासवान जी का सिर्फ एक ही नारा है! न जात की, न पत की,  बात सिर्फ विकास की! इसके अलावे हमारे माननीय नेता ने स्पष्ट कह दिया है कि अब बहुत हुई बिहार पर राजनीति? बिहार का भी अब एक ही होगा नारा! बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट! जब पूछा कि इस बार रफीगंज विधानसभा क्षेत्र में एन0डी0ए0 में शामिल जदयू ने भी दो बार से लगातार विधायक बने अपने पुराने विधायक अशोक कुमार सिंह को ही टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा है! राष्ट्रीय जनता दल ने भी अपने पुराने विधायक नेहालुद्दीन को ही टिकट देकर चुनाव मैदान में उतार दिया है! लोक जनशक्ति पार्टी के ही सीट पर  बिहार - विधानसभा चुनाव 2015 में रफीगंज - पदमपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके एवं टिकट वितरण से पूर्व तक कांग्रेस के संभावित प्रत्याशी माने जा रहे प्रमोद सिंह ने भी इस बार निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में अपना नामांकन दाखिल कर दिया हैं! आप भी इस बार रफीगंज - मदनपुर विधानसभा क्षेत्र से ही लोक जनशक्ति पार्टी के सीट पर चुनाव लड़ रहे हैं? 2015 बिहार -  विधानसभा चुनाव तक बिहार में लोक जनशक्ति पार्टी भी एन0डी0ए0 के बैनर तले एक साथ मिलकर चुनाव लड़ा था? लेकिन 2020 बिहार - विधान सभा चुनाव में लोजपा 143 सीटों पर एन0डी0ए0 में शामिल खासकर जनता दल यूनाइटेड से बगावत करते हुए सभी जगहों पर अपना अकेला प्रत्याशी उतार दिया है? इसके अलावे इस बार रफीगंज - मदनपुर विधानसभा क्षेत्र से विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ-साथ निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनाव मैदान में हैं? इससे आप कैसे निपटेंगे? तब कहा कि देखिए रफीगंज - मदनपुर विधानसभा क्षेत्र में इस बार भी वो  सभी पुराने चेहरे ही चुनाव मैदान में है?  यही हमें लाभ है और जनता के पास कोई विकल्प नहीं दिख रहा था? और उस विकल्प के रूप में लोजपा ने हमें चुनाव मैदान में उतारा है? जिस तरह से आप जान रहे हैं? कि पिछले 30 वर्षों में बिहार की जनता लालू जी और नीतीश जी के शासन से ये दोनों बड़े भाई और छोटे भाई से उठ चुकी है? लेकिन उनके पास कोई विकल्प नहीं था? विकल्प के अभाव में लोग मजबूर होकर कभी इनको?  कभी उनको?  वोट कर रहे थे? लेकिन आज उसी विकल्प का तलाश जनता को खत्म हुआ? और लोजपा बिहार की जनता के सामने खड़ी है? और मुझे पूरा विश्वास है कि रफीगंज की जनता, पूरे बिहार की जनता चिराग पासवान के नेतृत्व में विश्वास कर रही है? बड़े पैमाने पर समर्थन मिल रहा है और लोगों का समर्थन हासिल हो रहा है? और जहां तक रफीगंज विधानसभा क्षेत्र का प्रश्न है?  तो आप जानते ही हैं? कि रफीगंज विधानसभा क्षेत्र में दो प्रमुख जो विधायक हैं? एक नेहालुद्दीन जी है?  एक अशोक कुमार सिंह जी है? इन लोग पुराने विधायक रह चुके है? जनता की इच्छा, आकांक्षा को पूरा किए हैं?  या नहीं किए है? ये तो उनको खुद समझ में आ रहा होगा? एक निर्दलीय प्रत्याशी हैं!  सभी जगह से थक गए? हार गए? वो तो उनके लिए सभी जगह से दरवाजा बंद हो चुका है? ऐसे में कोई भी व्यक्ति जो राज्य के विकास के प्रति थोड़ा सा भी संजीदा होंगे? तो उनके पास विकास के विकल्प के रूप में लोजपा मौजूद है? और हम आभारी हैं!  आदरणीय चिराग पासवान जी का? जिन्होंने मुझ पर विश्वास जताते हुए और जनता की सेवा करने के लिए मुझे मौका दिया! जब पूछा कि रफीगंज जदयू विधायक का तो कहना है?  कि दाएं - बाएं करने वाले लोग दाएं - बाएं ही करते रह जाएंगे? लोजपा आए?  या कोई भी पार्टी के लोग आए? कुछ भी नहीं है? इससे हमें कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है?  रफीगंज विधानसभा क्षेत्र में लड़ाई सिर्फ एन0डी0ए0 बनाम महागठबंधन की है? जदयू मुखिया नीतीश कुमार पर पूरे बिहार की जनता न्याय के साथ विकास पर विश्वास करती है? हमें कोई फर्क नहीं पड़ेगा? तब कहां की ये तो कहने का अब उनका अपना सोच है? और अब वे किस आधार पर कह रहे हैं? लेकिन उनको ये बखूबी मालूम है? के जो भी पिछले विधानसभा चुनाव में चुनाव जीते थे? उसमें लोजपा का ही सहयोग था? जब पूछा कि इस बार तो बिहार में लोजपा भी भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है? और जनता दल यूनाइटेड को साइड कर दिया है? इस संबंध में आप क्या कहेंगे? तब कहा कि देखिए ऐसा कुछ भी नहीं है? पूरे बी0जे0पी0 के वर्कर पिछले नीतीश जी के शासन में जिस प्रकार से उनको हतोत्साहित किया गया? उनको थाना,  ब्लॉक,  कचहरी हर जगह से बैईजती किया गया? वे लोग इतना उपेक्षित महसूस किए अपने आप को? शासन - व्यवस्था से? कि खुद - बखुद उनका भी सपोर्ट हमें मिल रहा है? जब पूछा कि दावे तो जनता दल यूनाइटेड,  राष्ट्रीय जनता दल के सभी लोग कर रहे हैं? कि मैं शत - प्रतिशत चुनाव जीतूंगा? लोजपा कुछ भी नहीं है? तब कहां कि दावा करना अपना -  अपना काम है! आपको मालूम है कि चिराग पासवान जी के आने के बाद जिस तरह से बिहार की जनता चिराग जी के नेतृत्व को लेकर इतना आशान्वित है? कि अभी हम गांव में जा रहे हैं? हम रफीगंज विधानसभा क्षेत्र से पहला बार चुनाव में आए हैं? लोग चिराग जी को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं? और यहां तक की सारे भाजपाई मिल रहे हैं? जिनका बैकग्राउंड पिछले कई वर्षों से बी0जे0पी0 के साथ जुड़ा रहा है? वे लोग का इतना जबरदस्त प्यार और समर्थन मिल रहा है? कि लोग का कहना है की भाजपा ने नीतीश जी के साथ किस मजबूरी में गठबंधन कर रही है? यह हम लोग को भी मालूम नहीं है? लेकिन चिराग पासवान जी ने जो हम लोग को आशा जगाया है? विश्वास जगाया है? उनसे अब लगता है कि आने वाला भविष्य में भाजपा और लोजपा की संयुक्त सरकार बिहार में बनेगी? जब पूछा कि जब - जब बिहार में चुनाव आता है? तो सिर्फ जाति - धर्म,  मंदिर -  मस्जिद, आरक्षण के नाम पर राजनीति की जाती है? अन्य विकसित देशों की तरह विकास के नाम पर वोट मांगने की बात कभी भी नहीं की जाती है? इस संबंध में आप क्या कहना चाहेंगे? तब कहा कि मैं इस संबंध में आपको क्लियर करना चाहता हूं?  कि जिस प्रकार से लालू प्रसाद यादव जी ने और नीतीश कुमार जी ने जाति और धर्म के नाम पर शासन करने का काम किया है? उसी शासन व्यवस्था को तो छिन्न - भिन्न करने के लिए चिराग पासवान जी आए हैं? जिन्होंने सिर्फ बिहार के विकास की बात की है? वो जाति - धर्म सब को पहले से ही कह रहे हैं? कि न जात के न पात की, न धर्म की, बात सिर्फ विकास की! हमारे नेता की यह घोषणा है कि हम न जात की, न धर्म की बात करेंगे? हम केवल बिहार फर्स्टऔर बिहारी फर्स्ट! किस प्रकार हमारी बिहार की जनता अन्य क्षेत्रों में जो पिछड़ी हुई है? अन्य राज्यों की अपेक्षा में? वह किस प्रकार हम बिहार को फर्स्ट ले जाएं? और किस प्रकार बिहारियों को हम फर्स्ट करें? उससे प्रत्येक  क्षेत्रों में? यही तो हमारा नारा है और यही बिहार के केवल विकास की बात जाति - धर्म से ऊपर उठकर कोई पहली बार नेता करने आए हैं! उनका नाम चिराग पासवान जी है और मुझे पूरा भरोसा है की इस क्षेत्र की जनता चिराग पासवान के नेतृत्व को स्वीकारेगी एवं आने वाले दिनों में चिराग पासवान के नेतृत्व में एक लोकप्रिय सरकार की स्थापना होगी! जब पूछा कि जन अधिकार पार्टी के लोग भी तो कह रहे हैं की जन अधिकार सुप्रीमो पप्पू यादव ने भी कोर्ट में एफिडेविट करके दिए हुए हैं?  कि 03 साल बनाम 15 साल की सरकार?  घोषणा किए हुए हैं?  उन्होंने वादा करके दिया है ? कि यदि मैं इस वादा को पूरा नहीं करूंगा? तो कोर्ट हमें निलंबित कर देगी? चलिए वो तो उनका मामला है? वो समझे? हम लोग तो अपना चिराग पासवान जी के नेतृत्व को समझते हैं? पूरे देश की जनता बिहार, बिहार की जनता ने एक नेगेटिव रोल बना दिया? लालू और नीतीश जी ने? वो नेगेटिव रोल को स्थापनिक एक अच्छे लीडर के रूप में स्थापित होने का?  ये एक अच्छा मौका आया है?  बिहार की जनता के पास? चिराग जी राष्ट्रीय लीडर है! जिनके नेतृत्व को सब कोई आशा से देख रही है? अन्य राज्य की जनता भी? वहां क्या होता है चुनाव में? यदि राज्य की जनता चिराग जी के नेतृत्व को स्वीकार करती है ? तो हम समझते हैं कि बिहार नहीं?  पूरे देश में जो बिहार का एक रोल अलग प्रवृत्ति का बन गया है? उसको सुधारने का मौका मिलेगा? जो हम तो राज्य की जनता और खासकर रफीगंज की जनता से अपील करना चाहेंगे कि आप सभी लोग हमें पूर्ण रूप से समर्थन दें!  ताकि चिराग जी ने जो विश्वास व्यक्त किया है?  जात और धर्म के खिलाफ लड़ने का? वैसे लोगों का जो राजनीति में जातीयता फैलाकर, नफरत फैलाकर और शासन पिछले 30 वर्षों से करने का काम कर रहे हैं? ये दोनों को समाप्त करना है? जातीयता को समाप्त करना है? तो चिराग जी के नेतृत्व को स्वीकार करना होगा? जब पूछा कि इस चुनाव में आप क्या एजेंडा लेकर चुनाव मैदान में हैं? तब कहां की हमारा मुख्य एजेंडा सबके सामने है! हमारे नेता ने साफ कहा कि बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट! बिहार में हर क्षेत्र में जो पिछड़ापन है? आपने पिछले कुछ दिनों से देखा होगा? कि लॉक डाउन के समय में इतनी भारी संख्या में बिहारी दूसरे राज्यों में पलायन करके अपना जीवन बसर कर रहे है? और पलायन को रोकने के लिए बिहार में मुझे उद्योग धंधा स्थापित करना होगा? शिक्षा की बेहतरीन व्यवस्था करने के लिए और जब -  तक लोगों को शिक्षा और रोजगार नहीं मिलेगा? तब - तक बिहार हर क्षेत्र में पिछड़ा हुआ रहेगा? और इसको सुधारने के लिए चिराग पासवान जी ने नारा दिया है!  बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट! यही मेरा मुख्य एजेंडा है? कि मैं उद्योग धंधा और शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए बिहार को हर क्षेत्र में आगे ले जाने का काम करेंगे?

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