Breaking News

स्वच्छता ग्रही संघ ने मीडिया कर्मियों पर किया भरोसा, सरकार तक बात पहुंचाने का किया अपील


                   ( स्वच्छता ग्रही संघ के औरंगाबाद जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह ने मीडियाकर्मियों के समक्ष कहा बिहार - सरकार हम लोगों से 30 दिन काम ले, मानदेय 30 दिन का दे, अन्यथा जो 07 दिन   है?  वो भी कैंसिल करें, 07 दिन का लॉलीपॉप हमको नहीं चाहिए ).                            मगध ब्यूरो:  अजय कुमार पाण्डेय                                  औरंगाबाद: ( बिहार ) मुख्यालय स्थित कर्पूरी मंच कक्ष में मंगलवार को स्वच्छता ग्रही मंच के बैनर तले एक संवाददाता  सम्मेलन का आयोजन किया गया! जितने स्वच्छता ग्रही संघ के मुख्य संरक्षक रविंद्र कुमार सिंह, संयोजक धीरेंद्र कुमार सिंह एवं जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह ने संयुक्त रूप से मौजूद मीडिया कर्मियों के समक्ष अपना पक्ष रखा! स्वच्छता ग्रही संघ के औरंगाबाद जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह ने सरकार के उदासीन रवैया से क्षुब्ध मीडिया कर्मियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि आप लोग लोकतंत्र के चौथे स्तंभ है! अब आप लोगों पर ही हम लोगों का सिर्फ भरोसा रह गया है कि चाहे बिहार - सरकार के पास हम लोगों की बात पहुंचाना हो या केंद्र -  सरकार के पास? आप ही लोगों के माध्यम से पहुंचाया जा सकता है! जिलाध्यक्ष ने उपस्थित मीडिया कर्मियों के समक्ष दुखड़ा सुनाते हुए कहा की सरकार ने हम लोगों को सन 2015 से 2018 तक प्रत्येक पंचायतों में 4 - 5 की संख्या में सभी को प्रशिक्षण देकर कार्य में लगाया! हम लोग को उस समय 150 रुपया प्रति शौचालय के रूप में प्रोत्साहन राशि, 200 रुपया प्रतिदिन का दैनिक भत्ता और यदि जिला ओ0डी0एफ0 घोषित हो जाता है?  तो 25 हजार रुपया इनामी राशि के रूप में देने की बात कही थी! 04 वर्षों से हम लोग काम कर रहे हैं!  लेकिन -  आज तक देखा जाए?  तो किसी प्रखंड,  किसी पंचायत में 50% प्रोत्साहन राशि भी नहीं मिल सका है! हम लोग को 200 रुपया प्रतिदिन जो दैनिक भत्ता मिलना था? पूरे बिहार के *स्वच्छता ग्रही* को नहीं मिल पाया! हम लोग जितना भी आज -  तक काम कर रहे हैं?  स्वयं का पैसा खर्च करके काम कर रहे हैं! इसके लिए हम लोगों ने धरना दिया था, प्रदर्शन किया था! पटना में भी किया था!  लेकिन उसका भी परिणाम हम लोगों को आज - तक शून्य हीं मिला! हम लोगों को आज - तक जो भी वर्क मिला है?  प्रखंड से स्वच्छता के?  अब शौचालय का जीरो टैगिंग करना, सत्यापन कार्य करना या फिर प्रखंड में जो भी कार्य चला? यहां तक की  कोरोना जैसी महामारी में भी हम लोगों को कार्य में लगाया गया! हम लोग को भी जब कोरोना ड्यूटी में लगाया गया? तो हम लोगों का भी सारे परिवार है? लेकिन -  बिहार सरकार या भारत - सरकार इस पर भी ध्यान नहीं दे रही है की कोरोना में भी आप बिना किस्त भुगतान के काम करवा रहे हैं? इसके बदले हम स्वच्छता ग्रही को  क्या दिए? यदि ऐसी महामारी की परिस्थिति में आज हमें कुछ हो जाता है?  तो मेरे परिवार का भरण - पोषण भी कौन करेगा? लेकिन हम लोगों को ऐसी परिस्थिति में भी ऑन ड्यूटी रखा जाता है! इसके बावजूद हम लोगों को एक पैसा भी नहीं मिल पाया?  और न ही सरकार द्वारा हम लोगों को महामारी में भी बीमा ही कराया गया? हम लोगों ने ज्ञापन दिया! लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हो पाया? तो अब हम लोग यथाशीघ्र आप लोगों के माध्यम से सरकार से मांग करते हैं कि प्रोत्साहन राशि, दैनिक भत्ता, इनामी राशि के रूप में था! वो तत्काल रुप से हम लोग को भेजा जाए ताकि हम लोग जो *भुखमरी के कगार* पर हैं? उससे बच सके? जिलाध्यक्ष ने कहा कि अब आप लोगों के माध्यम से ही दूसरी तरफ सरकार को ध्यान आकृष्ट कराना चाहते हैं कि सन 2016 से आज - तक सरकारी काम हम लोग से सारा लेती है! इसके बदले आज - तक हम लोगों को मानदेय भी तय नहीं किया गया है? की कितना मिलेगा? और आगे भी हम लोगों का भविष्य क्या होगा? इसके बारे में भी सरकार क्लियर खुलासा नहीं कर रही है? यदि सरकार, पदाधिकारी द्वारा ओ0डी0एफ0 प्लस में हम लोगों को लगाया गया है? तो ओ0डी0एफ0 का पैसा तो हमलोग को मिला नहीं है? और ओ0डी0एफ0 प्लस की बात कर रहे है? स्वच्छता ग्रही संघ में शामिल लोगों ने मौजूद मीडिया कर्मियों के समक्ष दुख प्रकट करते हुए कहा कि प्रखंड विकास पदाधिकारी बार-- बार धमकी देते हैं कि कार्य मुक्त कर देंगे? हमेशा हम लोगों के साथ पदाधिकारी अमानवीय व्यवहार ही करते रहते हैं? इसलिए अब धमकी देना बंद करें? क्योंकि स्वच्छता ग्रही मैं भी जो लोग काम कर रहे हैं! वो बी0ए0, बी0एस0सी0 की डिग्री से कम नहीं है? इसके अलावे स्वच्छता ग्रही संघ औरंगाबाद जिलाध्यक्ष ने मौजूद मीडियाकर्मियों के समक्ष संबोधित करते हुए कहा कि बिहार - सरकार हम लोग से 30 दिन काम ले, मानदेय 30 दिन का दे, अन्यथा जो 07 दिन है? वो भी कैंसिल करें और हम लोग को क्लियर जवाब दें की हम आप लोगों को काम नहीं दे सकते हैं?  या फिर काम देना है?  तो 30 दिन का दे! 07 दिन का लॉलीपॉप हमको नहीं चाहिए!

No comments