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✍️✍️✍️मनमाना बिजली बिल से उपभोक्ता हलाकान गरीब की व्यथा नाहीं विभाग में सुनवाई🔷👇👇





मनमाना बिजली बिल से उपभोक्ता हलाकान , गरीब की व्यथा, नही विभाग में सुनवाई।* 
 *जिन उपभोक्ताओं की है सेटिंग उनके कम आ रहे हैं बिल, अन्य उपभोक्ताओं को किया जा रहा परेशान।* 


🔷🔷🔷 भारत न्यूज़ लाइव 24 हर खबर आप तक जिला रीवा संभागीय ब्यूरो  चीफ बिनोद कुमार पाठक👇




 बिजली उपभोक्ता इन दिनों मनमाना अनाप-शनाप बिजली बिल से परेशान है। 90 फीसदी उपभोक्ताओं का खपत क्षमता से, कई गुना अधिक बिल आ रहा है जिसे चुकाने में दिक्कत हो रही है। अधिक बिल आने की गड़बड़ी की शिकायत विभागीय कर्मचारियों से करने के बावजूद सुनवाई नहीं हो रही है। गौरतलब हो कि जिन उपभोक्ताओं को सरल बिजली योजना के तहत प्रतिमाह औसत बिल 100 रुपए प्रतिमाह तक आना था उन उपभोक्ताओं को भी हजारों रुपये तक का बिल आ रहा है। इस योजना के पात्र हितग्राही बड़ी संख्या में शिकायत कर रहे हैं मगर विभाग त्रुटिपूर्ण बिल के सुधार की अनदेखी करके इनसे अभद्र सलूक किया जाता है तथा गलत बिल जमा करने के लिए दबाव बनाया जाता है। कई उपभोक्ताओं का बिल इतना अधिक होता है कि जमा करना मुश्किल होता है। कुछ उपभोक्ता बिजली न कट जाए, इस डर से कर्ज लेकर बिल चुकाते है वहीं जिन उपभोक्ताओं की बिभागीय कर्मचारियों से सेटिंग है उनके बिल नाम मात्र के आते है।

 *नमूने के बतौर हनुमानगढ़ विद्दुत वितरण केंद्र की मनमानी।* 
विद्युत वितरण केंद्र हनुमानगढ़ में मनमानी विद्युत देयक भेज कर उपभोक्ताओं के साथ लूट की जा रही है लुट के सिलसिले के कहर से वितरण केंद्र हनुमानगढ़ के उपभोक्ता महेश साकेत भी कराह रहे है। हनुमानगढ़ के महेश साकेत का उपभोक्ता आईवीआरएस क्रमांक 564205 774 558 है। यह गरीबी रेखा के नीचे के नागरिक हैं एक कच्चे मकान में परिवार सहित रहते हैं। इन्हें राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना से निःशुल्क विद्युत कनेक्शन दिया गया है, यह उपभोक्ता विद्युत देयक से छूट की श्रेणी में आते हैं फिर भी विद्युत वितरण केंद्र हनुमानगढ़ द्वारा इन्हें जुलाई माह में 6289 रुपये का बिल दिया गया था और अगस्त महीने में का 11716 रुपए कुल 18230 रुपये का बिल दिया गया है। पूर्णतः मजदूरी पर निर्भर महेश साकेत इस भारी भरकम बिल से अचंभित हैं साथ ही सरकारी नुमाइंदों के प्रति क्रोधित भी है उनका कहना है कि विभाग के कर्मचारियों को कौन सी फैक्ट्री हमारे यहां लगी दिखी जो इतना बिल दिया गया ?
ग्रामीणों को मनमाने बिजली बिल देकर उपभोक्ताओं के साथ लूट की जा रही है नेता और प्रशासनिक अधिकारी चुप्पी साधकर बैठे हैं। इस तरह की समस्या एक नहीं दो नहीं सभी गांवों की है। ग्रामीण क्षेत्र के घरेलू उपभोक्ताओं को जहां एक ओर मनमाना व अनाप शनाप बिजली बिल दिया जा रहा है वही पिछले कई महीने से बिजली की आंख मिचौली चल रही है, रोज बिजली गुल हो जाती है, मरम्मत के नाम पर कई-कई घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहती है।
 हम जबाबदेहों से माँग करते है कि जनता को भारी भरकम बिजली बिलों से मुक्ति दिलायी जावे और कोरोना महामारी को देखते हुए कोरोंनाकाल के बिजली बिल माफ़ किये जाये अन्यथा इस माँग को लेकर सड़क पर लड़ाई लड़ी जाएगी।

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