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❇ जाति प्रमाण पत्र के कारण राहत राशि के वितरण में विलंब नही करें- कमिश्नर शहडोल







❇ अत्याचार पीड़ितों को राहत राशि का भुगतान समय  पर सुनिश्चित कराएं- कमिश्नर

कमिश्नर शहडोल संभाग श्री नरेश पाल की अध्यक्षता में आज  अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की अनुश्रवण समिति की संभाग स्तरीय बैठक कमिश्नर कार्यालय के सभागार में आयोजित की गई। बैठक में उप पुलिस महानिदेशक श्री जी. जनार्दन, अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक श्री पीएस उइके, कलेक्टर शहडोल डाॅ. सतेन्द्र सिंह, कलेक्टर उमरिया श्री संजीव श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक शहडोल श्री सतेन्द्र कुमार शुक्ला, पुलिस अधीक्षक उमरिया श्री विकास सहवाल, पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री मागीलाल सोलंकी, उपायुक्त आदिम जाति कल्याण श्री जगदीश सरवटे, उपायुक्त राजस्व श्री डीपी वर्मन एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहें।
        
बैठक में उपायुक्त आदिवासी विकास श्री जगदीश सरवटे द्वारा 31 मार्च 2020 को हुई अनुश्रवण समिति की बैठक पर की गई कार्यवाही का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। बैठक में कमिश्नर ने निर्देश दिए कि, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के अत्याचार पीड़ितों को राहत राशि के वितरण में विलंब नही होना चाहिए। उन्होने कहा कि जाति प्रमाण पत्र समय पर उपलब्ध नही होने के कारण अत्याचार पीड़ितों को राहत राशि  के वितरण में विलंब होता है इस गतिरोध को दूर किया जाएं जाति प्रमाण पत्र के प्रकरणो को समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक के समय अनुविभागीय अधिकारियों के संज्ञान में लाया जाए ताकि अत्याचार पीड़ितों को समय पर राहत राशि का वितरण मुहैया कराया जा सके। 

कमिश्नर ने यह भी निर्देश दिए कि अस्पृश्यता निवारण के संबध में जनजागरण कार्यक्रम के तहत प्रचार-प्रसार करना भी सुनिश्चित करें तथा लोगों में सामाजिक सौहाद्र्व और भाईचारे की भावना को बढ़ाने के प्रयास करें।  बैठक में अत्याचार पीड़ितों के प्रकरणों में गवाहों और आश्रितो को यात्रा भत्ता, परिवहन व्यय, आहार व्यय एवं भरण-पोषण व्यय पर चर्चा की गई। जिस पर सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया कि, अब यह राशि आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण के प्रभारियों द्वारा गवाहों एवं पीड़ितों को नगद उपलब्ध कराई जाएगी, इसके लिये आवंटन प्राप्त हो चुका है। 

बैठक में कमिश्नर द्वारा पुलिस थानों में दर्ज की स्थिति एवं न्यायालयीन प्रकरणेां की स्थिति की भी समीक्षा गई तथा अपेक्षा की गई कि त्वरित विवेचना कर मामले संक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किये जाए पीड़ित व्यक्तियों के जाति प्रमाण  पत्र शीघ्र जारी किये जाने हेतु कलेक्टर्स से समन्वय की अपेक्षा की गई।

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