Breaking News

✍️ रीवा  ब्रेकिंग💎  जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान के ग्राम पंचायतों में हो रहे लगातार भ्रष्टाचार कहीं बड़े अधिकारियों की सहमत तो नहीं आखिर भ्रष्टाचारी कौन सरपंच सचिव या उच्च अधिकारियों की भूमिका





रीवा/रायपुर कर्चुलियान जनपद अंतर्गत आने वाली कई ग्राम पंचायतों में लगातार जिस प्रकार से भ्रस्टाचार के मामले सामने आ रहे है इस मे कही ना कही उच्च अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध नजर आती है सवाल यह है कि कही बड़े अधिकारियों की सहमति या मिलीभगत से तो भ्रस्टाचार नही हो रहा है? क्योंकि जिस तरीके से सरपंच व सचिवों के भस्टाचारी वाली खबरे सामने आ रही है इन मे यह सवाल उठना तय है जिसमे बड़े अधिकारियों का संरक्षण होने की बात*जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान के ग्राम पंचायतों में हो रहे लगातार भ्रस्टाचार कही बड़े अधिकारियों की सहमति तो नही ,आखिर भ्रस्टाचारी कौन? सरपंच ,सचिव या उच्चाधिकारियो की भूमिका*

रीवा/रायपुर कर्चुलियान जनपद अंतर्गत आने वाली कई ग्राम पंचायतों में लगातार जिस प्रकार से भ्रस्टाचार के मामले सामने आ रहे है इस मे कही ना कही उच्च अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध नजर आती है सवाल यह है कि कही बड़े अधिकारियों की सहमति या मिलीभगत से तो भ्रस्टाचार नही हो रहा है? क्योंकि जिस तरीके से सरपंच व सचिवों के भस्टाचारी वाली खबरे सामने आ रही है इन मे यह सवाल उठना तय है जिसमे बड़े अधिकारियों का संरक्षण होने की बात एक नया एक दिन अवश्य सामने आएगी , मामला पड़रा पंचायत का है जहां ग्रामीणों और यहां तक कि जेल में बंद रघुवीर कोल ( निर्माण कार्य के दौरान जेल में बंद ) का नाम सड़क निर्माण के मस्टर रोल में भरकर पैसों का आहरण किया गया, और मनरेगा मजदूरों को मनमानी तरीके से 1 रुपया से लेकर 100 रुपया तक मजदूरी दी गई, कुछ मजदूरों की मजदूरी सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गयी, मामले की शिकायत मनरेगा मजदूरों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जनपद पंचायत, जिला पंचायत, सगरा थाना मे की थी, जिसमे जांच टीम गठित करके मामले में लगातर लीपापोती का प्रयास कर सरपंच, सचिब, रोजगार सहायक को बचाने का प्रयास किया जा रहा है, ग्रामीणों ने 15 दिनो में सरपंच,सचिब,रोजगार सहायक को निलंबित न किये जाने पर जनपद की घेराव और पंचायत भवन में न्याय न मिलने तक ताला बन्दी की बात कही है ग्रामीणों में कभी आक्रोश व्याप्त है एक नया एक दिन अवश्य सामने आएगी , मामला पड़रा पंचायत का है जहां ग्रामीणों और यहां तक कि जेल में बंद रघुवीर कोल ( निर्माण कार्य के दौरान जेल में बंद ) का नाम सड़क निर्माण के मस्टर रोल में भरकर पैसों का आहरण किया गया, और मनरेगा मजदूरों को मनमानी तरीके से 1 रुपया से लेकर 100 रुपया तक मजदूरी दी गई, कुछ मजदूरों की मजदूरी सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गयी, मामले की शिकायत मनरेगा मजदूरों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जनपद पंचायत, जिला पंचायत, सगरा थाना मे की थी, जिसमे जांच टीम गठित करके मामले में लगातर लीपापोती का प्रयास कर सरपंच, सचिब, रोजगार सहायक को बचाने का प्रयास किया जा रहा है, ग्रामीणों ने 15 दिनो में सरपंच,सचिब,रोजगार सहायक को निलंबित न किये जाने पर जनपद की घेराव और पंचायत भवन में न्याय न मिलने तक ताला बन्दी की बात कही है ग्रामीणों में कभी आक्रोश व्याप्त है



भारत न्यूज़ लाइव 24 हर खबर आप तक (MP   क्राइम हेड) धीरेंद्र पांडेय रीवा

No comments