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✍️✍️✍️✍️बिहार के पूर्व  माननीय श्री जीतन राम मांझी ने लिया फैसला एनडीए में जदयू के साथ काम करेंगे माझी🔷🔷🔷👇👇




*बिहार के पूर्व माननीय श्री जीतन राम मांझी ने लिया फैसला एनडीए में जदयू के साथ काम करेंगे :- मांझी*

पटना 2 सितंबर 2020
रिपोर्टःडीके पंडित
बिहार के राजधानी पटना में 
        हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने आज के प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि हमारा राजनीतिक कार्यक्रम चल रहा था महागठबंधन में रहकर हम जब समन्वय समिति, कोआर्डिनेशन कमेटी की बात हमेशा करते रहे उसके बावजूद उसमें राजद और महागठबंधन के अन्य सदस्यों द्वारा तीन चार महीना राजद को दिया फिर दो-तीन महीना कांग्रेस को दिया l कांग्रेस नेताओं का आश्वासन था कि हम सब ठीक कर लेंगे पर कांग्रेस नेताओं द्वारा भी कोऑर्डिनेशन कमिटी को लेकर कुछ बात  नहीं बनती दिखी l 
     मांझी ने कहा कि हम बचपन से ही सिद्धांत पर चलने का मन बनाया है और उसी पर हम चलते रहें l महागठबंधन में अंत अंत तक देखा कि यह लोग महागठबंधन के लोग समन्वय समिति के पक्ष में नहीं है l 
      मांझी ने कहा कि हम सब चीज को समझ कर  ही पिछले महीना 20 अगस्त को महागठबंधन से अलग होने का फैसला कर लिया l अब उसके बाद आप लोगों की जिज्ञासा रहती थी अगला कदम क्या रहेगा ? हमने कहा कि जल्दबाजी में कोई ऐसा निर्णय नहीं लेंगे l  मांझी ने कहा  हमने  इस महीने के  3 तारीख को हम निर्णय लेने का मन बनाए थे l लेकिन आज हम दो-तीन दिन के बाद अपने क्षेत्र का दौरा कर आए l लगा आज की जल्दबाजी में तो नहीं जो अच्छा कम होता वह शीघ्र हो जाए इसीलिए हमने आज आप लोगों को प्रेस वार्ता कर बुलाया हैl
   मांझी ने कहा की हमने निर्णय ले लिया कि कहां हम लोग जाएंगे आज हमारा फैसला यह है कि हम नीतीश कुमार जी के जदयू पार्टी का एक अंग होकर एलाइव हो करके हम उनके साथ रहने का इरादा किया है l मर्जर की बात हमारे लोग नहीं करते थे l इसलिए हम एनडीए में जदयू के साथ एलाइव के रूप में काम करेंगे नेचुरल है जब जदयू नेता माननीय नीतीश कुमार जी एनडीए के साथ पार्टनर हैं तो हम भी अपने आप को मानते हैं कि हम आज से एनडीए के पार्टनर हैं l हम नीतीश कुमार जी के जदयू के नजदीक हैं उन्हीं को अपना पार्टनर मान कर  काम करने का फैसला किया है l 
      मांझी ने कहा कि अब इसमें एक प्रश्न आता है आपके द्वारा कि कितने सीट पर लड़ेंगे हम कहना चाहते हैं कि प्यार और युद्ध में जीत और हार की कोई बात नहीं होती जब हमने एक दूसरे के साथ दिल में दिल मिलाने की बात किया है तो ऐसा कुछ नहीं होता l  हम एक दूसरे के सम्मान देखेंगे एनडीए को आगे बढ़ाना है, जदयू को आगे बढ़ाना है l सीटों का जहां तक बटवारा का सवाल है हमारा कोई शर्त नहीं है कि हमें कितना सीट चाहिए l हम बिना शर्त के ही नीतीश कुमार जी के साथ हैं l नीतीश कुमार जी ने हमको  मुख्यमंत्री बनाने का काम किया, यह अलग बात है कि वह किन कारणों से हमें हटाए l जहां तक सम्मान मिला है उस सम्मान को आज भी हम याद रखते हुए कहना है कि हमें नीतीश कुमार जी के साथ रहेंगे मर्जर ना के रूप में नहीं एक पार्टनर के रूप में नीतीश कुमार जी के साथ रहने का फैसला किया है l यही फैसला के लिए हमने आप लोगों को बुलाया l सीट पर हम किसी प्रकार का कोई सवाल का जवाब नहीं देंगे l उनके साथ सीट का कोई बात ही नहीं है l हमारी जो भी बात होगी हम लोग आपस में बैठकर बात करेंगे, जो भी बातें होंगी हम आप तक पहुंचा देंगे l
       मांझी ने कहा कि हमारे पार्टी के नेताओं कार्यकर्ताओं द्वारा हमें अधिकृत किया गया, जो भी निर्णय होगा मुझे लेना है l  किनके साथ काम करना है l नीतीश कुमार जी के साथ बिहार में हमारे कार्यकर्ता काम करने के लिए, एनडीए की सरकार बने इसके लिए हम लोग एड़ी पसीना एक  कर काम करेंगे l कोई भी काम जब भी होता है तो विचार के साथ होता है l हमारी पार्टी में जम्हूरियत है हमने अपने कार्यकर्ताओं एवं पार्टी के नेताओं के मन को टटोला l
     मांझी ने कहा कि आज हम इस निष्कर्ष पर आए हैं की हमारे साथ 99% कार्यकर्ताओं के विचार के बाद यह फैसला लिया l   
     मांझी ने कहा कि हमने आरजेडी को अररिया और जहानाबाद का चुनाव और  हमने 7 विधायक जिताया l आरजेडी ने हमें कुछ नहीं दिया l हमने आरजेडी को दिया ही है l 
     मांझी से एमएलसी बनाए जाने के पूछे गए सवाल के जवाब पर उन्होंने कहा कि हमारा पुत्र संतोष कुमार सुमन पढ़ा लिखा और काबिल ब्यक्ति है। एनडीए में सब तरह से मेरा सम्मान और प्रतिष्ठा थी। बहुत लोग नहीं जानते हैं 2015 में किसी का नाम मीटिंग में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नहीं लेते थे लेकिन जीतन राम मांझी का नाम लेते थे। इंडिया राइजिंग दिल्ली में हम जब बैठक में बैठे थे उसमें भी उन्होंने बिहार के प्रतिनिधि के रुप में मेरा नाम लिया था एक दूसरे। वहां भी सब लोगो ने देखा जीतन राम मांझी कहाँ है।  हमें वहां सम्मान था ।
        मांझी ने कहा हमने लालू प्रसाद जी के गलत चक्कर में पड़कर NDA छोड़ने का निर्णय लिया था। लालू जी ने कहा था कि हम आपका साथ देंगे आपके विचारों को लेकर सामाजिक न्याय का मामला हो हम हमेशा आपके साथ रहेंगे l वहाँ भाई भतीजा बाद है l करप्शन है । अपने लोगो के बारे में कुछ विशेष कोई सोच नहीं  है।
  मांझी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए हमने अभी नहीं सोचा है l पहले हमने कहा था बचपन से हम सिद्धांत पर चलने  का काम किया है । हमने कहा था 75 वर्ष की उम्र तक सक्रिय राजनीतिक चुनाव मे रहना चाहिए। 75 वर्ष की उम्र के बाद चुनाव की राजनीति में नहीं जाना चाहिए। ऐसी परिस्थिति में 80 परसेंट हम यह सोच रहे हैं कि हम चुनाव नहीं लड़ेंगे, परंतु जम्हूरियत की राजनीत है । जिस दल में हम लोग रह रहे हैं उस दल में उनका क्या विचार है, उस पर हम आगे चलकर  विचार लेंगे। हम अपने मन से चुनाव लड़ने के पक्ष में नहीं है । नीतीश कुमार के साथ काम करने के सवाल पर मुद्दा को हल करने का एक बात होती है। जब साफ होता है तो मिलजुल कर नीतीश कुमार के साथ काम कर हम दूर करने का प्रयास करेंगे हम नीतीश जी के साथ एनडीए मैं इसलिए आए हैं कहीं कोई ऐसी बातें होंगी इन बातों पर विचार करके ठीक रास्ते पर चले इसका भी प्रयास हम करेंगे ।
       प्रेस वार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामेश्वर यादव, पूर्व मंत्री डॉ अनिल कुमार, प्रदेश अध्यक्ष बीएल बैश्यन्त्री, राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ दानिश रिजवान, धीरेंद्र कुमार मुन्ना, ज्योति सिंह, प्रदेश प्रवक्ता विजय यादव, अमरेंद्र त्रिपाठी, रामविलास प्रसाद, दीपक कुमार, रंजीत चंद्रवंशी साधना देवी आदि हम पार्टी नेता मौजूद थे।

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