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अवैध रेत परिवहन करते 3 ट्रेक्टर जप्त ......! बरगवां थाना क्षेत्र व खुटार चौकी से बड़े पैमाने पर होती है अवैध रेत की निकासी BNL24NEWS राजीव तिवारी संभागीय हेड




रेत की दलाली में बड़े बड़ो के हाथ काले......!

बरगवां थाना क्षेत्र व खुटार चौकी से बड़े पैमाने पर होती है अवैध रेत की निकासी 


सिंगरौली। रेत की अवैध निकासी तथा परिवहन सिंगरौली जिले में सबसे बड़ा कमाऊ धंधा बन गया है। जिले भर की नदियों के सीने को छलनी करके अवैध रूप से रेत की बिक्री यहां बेखौफ जारी है। जिले में सबसे चर्चित जो क्षेत्र हैं वह बरगवां थाना क्षेत्र तथा खुटार चौकी क्षेत्र बताये जाते हैं। रेत का अवैध खनन व परिवहन न हो इसके लिए खनिज विभाग तथा पुलिस विभाग एक साथ काम करता है परन्तु जब पुलिस विभाग ही पैसे लेकर रेत का अवैध खनन तथा परिवहन करवाये तो उक्त गोरखधंधे पर कैसे लगाम लगेगा यह सोचने वाली बात है।

कुछ महीनों पहले बंद रेत का अवैध धंधा अब पुन: कमाई का बड़ा जरिया बन गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बरगवां थाना क्षेत्र में सैकड़ो की संख्या में ट्रैक्टरों द्वारा दिन का उजाला हो या रात का अंधेरा बेखौफ रेत का खनन व परिवहन किया जा रहा है। सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि बरगवां थाने की पुलिस का इस अवैध धंधे में संरक्षण हासिल है, यूं कहें कि रेत का अवैध धंधा खूद बरगवां पुलिस चलवाती है तो इसे अतिशयोक्ति नहीं कहा जा सकता। पुलिस के पास हर उस ट्रैक्टर का लेखा जोखा होता है जो अवैध रेत के धंधे में लिप्त है। प्रतिदिन की दर पर वह थाने में पैसा पहुंचाता है इसकी एवज में उसे पुलिस का संरक्षण मिलता है। 

यही हाल खुटार चौकी का भी है। खुटार चौकी से भी रोजाना दर्जनों की संख्या में ट्रैक्टरों द्वारा रेत का खनन एवं परिवहन किया जाता है जिसमें खुटार पुलिस खुद अवैध धंधेबाजों को संरक्षण प्रदान करती है। पुलिस द्वारा रोजाना सुविधा शुल्क लेकर ट्रैक्टरों को अवैध रेत खनन एवं परिवहन करने वालों को धंधा करने के लिए संरक्षण प्रदान करती है। सूत्रों की मानें तो पुलिस द्वारा वसूली गयी राशि ऊपर तक पहुंचती है जिससे उक्त धंधे पर कोई आवाज उठाने को तैयार नहीं है। जिले में कुछ महीनों पूर्व रेत के अवैध धंधे पर विराम लग गया था। अवैध रेत के धंधे में लिप्त हाथ पॉव मार रहे थे परन्तु अब पुन: धंधा प्रारंभ होने से पुलिस तथा अवैध रेत के धंधे में लिप्त लोगों की चांदी हो गयी है। 

खनिज विभाग कार्यवाही करना चाहता है, कई बार कार्यवाही भी करता है परन्तु पुलिस का सहयोग नहीं मिलने के कारण कार्यवाही नहीं हो पाती। पिछले दिनों एक कार्यवाही के दौरान खनिज विभाग के एक इंस्पेक्टर पर जानलेवा हमला हो गया था जिस कारण अब खनिज विभाग भी कार्यवाही करने से कतराता है। यदि पूरे मामले की जांच सही से हो जाये तो उक्त धंधे में लिप्त बड़े-बड़े ओहदेदारों की पोल खुल सकती है। 

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