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कोरोना की आधी अधूरी तैयारी व स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से कोरोना संक्रमित युवक की मौत
सीधी जिला के माथे पर लगा काला धब्बा, जल्द ही होगा जन आंदोलन- अरविंद शुक्ल अध्यक्ष सपाक्स समाज
सीधी 24 सितम्बर

BNL24NEWS
राजीव तिवारी संभागीय हेड



कोरोना संक्रमण को लेकर केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार के साथ सीधी जिले का स्वास्थ्य विभाग अपने लापरवाही की सभी हदें पार कर चुका है दिनांक 21 सितंबर की रात इसी का एक दिल दहला देने वाला परिणाम भी सामने देखने को मिला। सीधी जिला का होनहार युबा ब्यवसाई कोरोना पॉजीटिव होने के बाद रीवा के लिए रेफर होने के उपरांत सीधी मे 5 घंटे तक एंबुलेंस उपलब्ध ना हो पाने के कारण तड़प-तड़प कर मौत हो गई।
केंद्र व राज्य सरकार के साथ सीधी जिले के स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही कल खुलकर सामने आई और कोरोना संक्रमित मरीजों को लेकर जो आरोप जिले के स्वास्थ्य अमले पर लगाए जाते थे वो पूरी तरह सत्य साबित हो गए। जिस तरह कोरोना संक्रमित  मरीज को मंगलवार की शाम तकरीबन 6 बजे रीवा के लिए रेफर किया गया था उसके परिजनों को रात 11 बजे तक एंबुलेंस के इंतजार में अपने मरीज को तिल-तिल कर मरते हुए देखना पड़ा।
उल्लेखनीय है कि सीधी शहर के जिला न्यायालय के बगल में स्थित शॉपिंग कंपलेक्स में प्रेम स्वीट्स के बगल में प्रकाश कंप्यूटर की दुकान के संचालक  निशांत प्रकाश श्रीवास्तव उम्र 40 बर्ष जो रिटायर्ड प्राचार्य वेद प्रकाश श्रीवास्तव के सुपुत्र थे उन्हें 21 सितंबर को कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर जिला अस्पताल परिसर के आइसोलेशन वार्ड में 22 सितंबर को सुबह 8 बजे भर्ती कराया गया था। निशांत प्रकाश श्रीवास्तव की तबीयत मंगलवार को अचानक ज्यादा खराब होने के कारण उन्हें शाम तकरीबन 6 बजे आइसोलेशन वार्ड के प्रभारी डॉ. जान ने रीवा के लिए रेफर कर दिया था। रीवा के लिए रेफर होने के उपरांत निशांत प्रकाश श्रीवास्तव के परिजन बेसब्री के साथ एंबुलेंस का इंतजार करने लगे पर जिले की चिकित्सा सेवाओं का आलम यह रहा कि 5 घंटे बाद भी रात 11 बजे तक उन्हें एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। इस दौरान लगातार कोरोना पेशेंट निशांत की तबीयत खराब होती चली गई और रात 11 के उपरांत जब एंबुलेंस वाहन आइसोलेशन सेंटर में पहुंचा तो आनन-फानन मरीज को उस में शिफ्ट किया जाने लगा।इस दौरान एक बेहद शर्मनाक और लापरवाह घटना यह भी घटी की आइसोलेशन वार्ड में उपस्थित स्वास्थ्य कर्मियों ने कोरोना पेशेंट निशांत प्रकाश के स्ट्रेचर को अपने स्वास्थ्य अमले द्वारा एंबुलेंस वाहन तक भेजने के बजाय उनके बड़े भाई नमीश प्रकाश श्रीवास्तव जो हैवी डायबिटिक हैं उन्हें बिना पीपीई किट पहनाए ही सिर्फ हैंड ग्लब्स पहनाकर उनसे स्ट्रेचर उठवाकर एंबुलेंस में शिफ्ट किया गया इन सारी वेदनापूर्ण विषम परिस्थितियों को झेल रहे परिजनों ने अंततः फिर से आइसोलेशन वार्ड के प्रभारी डॉ. जान को उनके बंगले से विनती करके आइसोलेशन सेंटर में बुलवाया जिन्होंने वहां पहुंचते ही एंबुलेंस में शिफ्ट किए गए कोरोना पेशेंट निशांत प्रकाश श्रीवास्तव को देखते ही मृत घोषित कर दिया गया।
सपाक्स समाज के जिला अध्यक्ष एडवोकेट अरविंद शुक्ल ने प्रेस बिज़्याप्ति जारी करते हुए बताया है कि देश की मोदी सरकार व प्रदेश की शिवराज सरकार कैरोना जैसी बैस्विक बीमारी के आड़ में सत्ता परिबर्तन करते रहे नेता अपना-अपना खजाना भरते रहे और जिला स्तर पर आधी अधूरी ब्यवस्था के कारण जान जा रही है। एम्बुलेंस उपलब्ध नही होने के कारण आज एक परिबार बिखर गया है जिस लापरबाही की सम्पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की बनती है। यदि जिला प्रशासन 1 सप्ताह के अंदर ब्यवस्था अपनी ब्यवस्था नही सुधार कर पाता है तो सपाक्स समाज सड़क पर उतरकर आंदोलन को बाध्य होगा।

सादर प्रकाशनार्थ
अरविंद शुक्ल एडवोकेट
अध्यक्ष
सपाक्स समाज जिला सीधी
मो. 9981343545

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