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*जिले में 15 अक्टूबर तक धारा 144 लागू* *सभा, धरना, रैली, जुलूस, धार्मिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक, खेल कार्यक्रम के आयोजन प्रतिबंधित रहेगा,*


*छतीसगढ़ हेड  :-मोहर सिंह*
   *हर खबर आप तक*

*कोरोना संक्रमित ब्यक्ति को जानकारी देना अनिवार्य,*
*जिला दण्डाधिकारी ने जारी किया आदेश*
        जांजगीर-चांपा 16 सितंबर 2020/    कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री यशवंत कुमार द्वारा कोविड-19 के संक्रमण पर प्रभावी रोकथाम और नियंत्रण के लिए संपूर्ण जिले में आज से 15 अक्टूबर तक धारा-144 लागू कर दिया गया है। इस दौरान सभा, रैली, जुलूस, राजनैतिक, सांस्कृतिक और खेल आदि संबंधी आयोजन प्रतिबंधित रहेगा ।
  विश्व स्वास्थ्य संगठन ने नोबेल कोरोना वायरस को विश्व महामारी घोषित किया है। कोरोना वायरस के कारण भारत सहित पूरे विश्व में खतरा उत्पन्न हो गया है।  कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आम जनता के स्वास्थ्य के दृष्टिगत पीड़ित अथवा संदेही व्यक्ति के संपर्क में नहीं रहने, संक्रमित ब्यक्ति से बचने के सभी संभावित उपायों को अमल करने की सलाह दी गयी है।  वर्तमान स्थिति में कोरोना वायरस की संक्रामक बीमारी पर पूरी तरह काबू नहीं पाया गया है। अभी भी संक्रमण का फैलाव जारी है। जिले में लगातार कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
      कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री यशवंत कुमार ने कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव हेतु जिले में स्वास्थ्यगत आपातकालीन स्थिति को नियंत्रण में रखने हेतु  विभिन्न प्रकार की सभा, धरना, रैली, जुलूस, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक कार्यक्रम के आयोजन आदि को प्रतिबंधित किया है।   जिला दंडाधिकारी द्वारा एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए जिले में दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144  लागू किया गया है। जारी आदेश में कहा गया है कि जिले में उक्त अवधि में
       विभिन्न प्रकार की सभा, धरना, रैली, जुलूस, धार्मिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक, खेल कार्यक्रम के आयोजन,  अवांछित विचरण तथा अन्य आयोजन  प्रतिबंधित रहेंगे।
   यदि कोई व्यक्ति कोरोना से संक्रमित है या किसी ऐसे संक्रमित के संपर्क में है, जो संक्रमित हो सकता है, को अनिवार्य होगा कि वह इससे संबंधित सभी जानकारी घोषित करें। निगरानी दल को सहयोग करे। उन्हें निगरानी दल के मौखिक एवं लिखित निर्देशों का पालन करना होगा।
   यदि कोई भी व्यक्ति जो निवारण या इलाज के अन्य उपायों या सहयोग देने से मना करता है अथवा संबंधित जानकारी देने से इंकार करता है या निगरानी दल के निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो वह भारतीय दंड संहिता 1960 की धारा 270 के दंड का भागी होगा।
    किसी व्यक्ति, संस्था, संगठन द्वारा कोरोना वायरस की रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु जारी किसी भी निर्देश का उल्लंघन किया जाता है तो, वह भारतीय दंड संहिता 1960 की धारा 188 के अंतर्गत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा।
   यह आदेश जांजगीर-चांपा जिले की समस्त सीमा सीमा क्षेत्र के लिए  17 अगस्त से 15 अक्टूबर को  रात्रि 12ः00 बजे तक प्रभाशील रहेगा।

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