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✍️✍️✍️बिहार में उपेंद्र कुशवाहा जी को समय बताएगा माझी का महागठबंधन छोड़ने का निर्णय हड़बड़ाहट में था या सही अमरेंद्र त्रिपाठी🔷🔷🔷👇👇





*बिहार में उपेंद्र कुशवाहा जी को समय बताएगा मांझी का महागठबंधन छोड़ने का निर्णय हड़बड़ाहट में था या सही :- अमरेन्द्र त्रिपाठी (हम)*
पटना 27 अगस्त 2020
 रिपोर्टः
दिनेश कुमार पंडित
  बिहार के राजधानी पटना में   रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के द्वारा दिए गए बयान जिसमें उन्होंने कहा कि बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी हड़बड़ा कर महागठबंधन से बाहर चले गए l
       हम प्रदेश प्रवक्ता अमरेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने कहा की हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का लंबा राजनीतिक अनुभव रहा है और उन्होंने अपने कम समय के मुख्यमंत्री काल में सैकड़ों निर्णय लिए जिसे देर ही सही वर्तमान सरकार भी उन निर्णयों पर काम कर रही है । यह मांझी जी की काबिलियत को दर्शाता है कि मांझी कोई भी निर्णय हड़बड़ाहट में नहीं लेते हैं ।
        अमरेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि महागठबंधन मे हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी जब तक थे, तभी तक रालोसपा सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा जी और वीआईपी पार्टी के मुकेश साहनी का महागठबंधन में एक छोटे दल के संयुक्त ताकत के रूप में देखे जा रहे थे । 
     त्रिपाठी ने कहा कि महागठबंधन से जीतन राम मांझी के अलग होने पर हमें नहीं लगता है कि रालोसपा सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा और श्री मुकेश साहनी जी को महागठबंधन मे अब उनकी बात को नोटिस लिया जाएगा ।    
     त्रिपाठी ने कहा कि रालोसपा सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी 243 सीटों पर अपनी तैयारी मजबूत रखने का बयान से चिंता साफ झलक रही है । महागठबंधन में उनको और उनके दल को अधिक तहजीब मिले इस बयान से यह साफ जाहिर होता है कि महागठबंधन में उनका कुछ नहीं चल रहा है ।
       त्रिपाठी ने कहा कि रालोसपा सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा जी द्वारा हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी पर महागठबंधन हड़बड़ाहट मे छोड़ने की जो बात कही गई है हमें पूरा विश्वास है कि समय आने पर उन्हें भी कहीं महागठबंधन छोड़ना ना पड़े ‌‌।
     त्रिपाठी ने कहा कि  रालोसपा सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा जी को आने वाला समय बताएगा कि हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जीतन राम मांझी का महागठबंधन छोड़ने का निर्णय हड़बड़ाहट में था या सही निर्णय ।

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