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ईयर टैगिंग’ के माध्यम से हो रहा है पुषओं का पंजीकरण, टीकाकरण, पषु बीमा जैसी योजनाओं को लाभ मिलने में होगी सुविधा- डा॰ प्रेम कुमार

*‘ईयर टैगिंग’ के माध्यम से हो रहा है पुषओं का पंजीकरण, टीकाकरण, पषु  बीमा जैसी योजनाओं को लाभ मिलने में होगी सुविधा- डा॰ प्रेम कुमार
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(दिनांक 02.08.2020)
रिपोर्टः
दिनेश.कुमार पंडित
बिहार में 
डाॅ॰ प्रेम कुमार, माननीय मंत्री, कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार ने पषुपालन विभाग द्वारा पषुओं के पहचान के लिये किये गये निःषुल्क ईयर टैगिंग की प्रगति की जानकारी मगध प्रमण्डल के क्षेत्रीय निदेषक डा॰ तरुण कुमार उपाध्याय से लिया। 
जानकारी लेने के बाद माननीय मंत्री ने कहा कि पषुओं का इयर टैगिंग अथवा कनैली कराकर उनका पंजीकरण कराया जा रहा है। यह कार्य सभी पषुओं के लिये अनिवार्य रुप से किया जायेगा। इयर टैगिंग का कार्य टीकाकरण से पूर्व कराया जा रहा है, ईयर टैगिंग के साथ ही पषुपालकों को उनके पषु का हेल्थकार्ड भी दिया जा रहा है। हेल्थ कार्ड को पषुपालकों को संभाल के रखना चाहिये क्योंकि इसमें पषुओं को दिये जाने वाले टीका, उनको दिये जाने वाले कृमिनाषक, दुग्ध उत्पादन क्षमता आदि का विवरण अंकित रहेगा। इससे पषुओं की खरीद बिक्री में सुविधा होगी एवं आॅनलाईन खरीद बिक्री की व्यवस्था प्रारम्भ हो सकेगी। 
माननीय मंत्री ने कहा कि इयर टैग के माध्यम से पषुओं एवं उनके मालिकों की पहचान कर उसके आॅकड़े रखे जाते हैं, जिससे सरकार द्वारा चलायी जाने वाली निःषुल्क टीकाकरण योजना, कृत्रिम गर्भाधान योजना, नस्ल सुधार कार्यक्रम एवं पषुओं की वंषावली का रिकार्ड रखने में सहायता होती है। टैग लगाने से खो गये अथवा चोरी हो गये पषुओं का पता लगाना आसान हो जायेगा। बाढ़ जैसी आपदा में पषुओं के षव की पहचान कर सरकार द्वारा दी जाने वाली सहायता का लाभ सुगमता से मिल सकेगा। सभी पषुपालक बन्धु अपने सभी पषुओं का ईयर टैग अनिवार्य रुप से करवायें, राज्य सरकार का पषुपालन विभाग, काम्फेड एवं बाएफ के माध्यम से ईयर टैगिंग की जा रही है। पषुपालन विभाग के टीकाकरण कर्मी इस कार्य को कर रहे हैं।

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