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विश्व मच्छर दिवस पर ग्रामीणों ने लिया, नियमित मच्छरदानी उपयोग करने एवं मलेरिया मुक्त गाँव बनाने का संकल्प”

विश्व मच्छर दिवस पर ग्रामीणों ने लिया, नियमित मच्छरदानी उपयोग करने एवं मलेरिया मुक्त गाँव बनाने का संकल्प”


शिवपुरी ब्रेकिंग न्यूज


विनोद कुमार प्रजापति
9713214512



शिवपुरी, 20 अगस्त 2020/  विश्व मच्छर दिवस के अवसर पर जिले में क्रियान्वित एम्बेड परियोजना के द्वारा खनियांधाना व पिछोर ब्लॉक के गाँव में मलेरिया व डेंगू की रोकथाम हेतु विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी शिवपुरी, डॉ. ए.एल.शर्मा के निर्देशन में एम्बेड टीम  के सदस्य दीपक, महेश, रियाज़, सतेन्द्र, बंटी, हरगोविंद, केशव, विवेक एवं चन्दन द्वारा आज  गुरुवार को पिछोर व खानियांधाना में ग्राम– डगरिया, पुनावली, श्रीनगर, ऊमरिकला, रूपनवारा, बनोता, एवं धमकन में ग्रामीणों के समक्ष मच्छरदानी का प्रदर्शन कर इसकी सही ढंग से उपयोग के तरीकों व इसके महत्त्व को समझाया। इसके अलावा एम्बेड टीम द्वारा गाँव में घर-घर घूमकर मच्छर के लार्वा विनिष्टीकरण की कार्यवाही करते हुए मच्छरों अथवा मलेरिया नियंत्रण की दिशा में सकारात्मक प्रयास किए गए।
इस अवसर पर जिला मलेरिया अधिकारी श्री लाल जू शाक्य व जिला समन्वयक एम्बेड परियोजना शिवपुरी श्री विजय मिश्रा ने बताया कि ब्रिटिश चिकित्सक रोनाल्ड रास ने 1897 में यह खोज की थी कि मनुष्य में मलेरिया के संचरण के लिए मादा मच्छर जिम्मेदार है इसके बाद 1930 में पहली बार विश्व मच्छर दिवस मनाया गया। मलेरिया- मादा एनाफ्लीज मच्छर के कटाने से और चिकिनगुनिया, डेंगू, जीका व पीत ज्वर–मादा एडीज मच्छर के कटाने से होता है। इसके अलावा क्युलेक्स प्रजाति की मादा मच्छर के काटने से फाइलेरिया जैसी बीमारी होती है। यदि हमें इस सभी बीमारियों से बचना है तो हमें मच्छर से बचना होगा।
कार्यक्रम में दौरान सभी से अपील की गई कि वे मच्छर पनपने वाली परिस्थितयों को अपने घर व आस-पास ना बनाने दें अर्थात पानी को ढककर रखें, कबाड़ व पानी का जमाव ना होने दें, इसके अलावा मच्छर व मलेरिया से बचने के लिए हमेशा मच्छरदानी, क्रीम, अगरबत्ती, नीम का धुआं आदि का उपयोग करें और हाथ-पैर को ढककर रखें, फुल कपड़े पहने, बुखार होने पर तुरंत खून की जाँच व पूरा इलाज जरूर करावें। ये शुरुआत हमें खुद से करना होगी तभी हम जिले को मलेरिया व डेंगू मुक्त बना सकते है।
कार्यक्रम के अंत में ग्रामवासियों द्वारा परिवार के सभी सदस्यों के साथ मच्छरदानी के नियमित उपयोग करने की शपथ ले कर गाँव को मलेरिया व डेंगू मुक्त बनाने का संकल्प भी लिया गया।

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