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वंदे भारत मिशन के तहत अबतक 20,217 प्रवासी भारतीयों को गया अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा पर लाया गया

*वंदे भारत मिशन के तहत अबतक 20,217 प्रवासी भारतीयों को गया अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा पर लाया गया
*
*12 देशों से 15 एयरला hइन्स के सहयोग से 127 फ्लाइट ने प्रवासियों को अपने वतन पहुँचाया*
गया, 02 अगस्त, 2020,
रिपोर्टः
दिनेश कुमार पंडित
बिहार के जिला गया में. कोविड-19 वैश्विक महामारी कोरोना से सुरक्षा व बचाव को लेकर किए गए लॉकडाउन के दौरान विभिन्न देशों में फंसे अप्रवासी भारतीय, जो अपने वतन वापस लौटने को इच्छुक हैं, के लिए *वंदे भारत मिशन* के तहत हवाई जहाज चलाए जा रहे हैं। इस मिशन के तहत *बिहार के लिए लैंडिंग पॉइंट गया जिला को बनाया गया है* और यह अभियान श्री असंगबा चुबा आओ, आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया की देखरेख में संपन्न किया जा रहा है।
विदित है कि 18 मई, 2020 से हवाई जहाज द्वारा विदेशो में फसे भारतीयों को भारत लाया जा रहा है। बताया गया कि अब तक यू०के०,ओमान, कतर, किर्गिस्तान, म्यंमार, बांग्लादेश, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, रूस, सऊदी अरब, यूक्रेन और श्रीलंका कुल 12 देशों से 15 एयरलाइंस के द्वारा यात्री आए हैं उनमें एयर इंडिया, इंडिगो, स्पाइसजेट, म्यंमार एयरलाइंस, जजीरा एयरलाइंस, फ्लाइ दुबई, कुवैत एयरलाइंस, क़तर एयरलाइन्स, सलाम एयर, एयर अराबिया और आविया ट्रैफिक शामिल हैं, से 127 उड़ानें आ चुकी हैं। 
वंदे भारत अभियान के तहत गया हवाई अड्डा पर अबतक 20,227 यात्री आ चुके है, जिनमें बिहार के 18,930 एवं झारखंड के 1,287 यात्री शामिल हैं, जिनमें से 4,813 पेड क्वॉरेंटाइन, 14,117 सरकारी क्वॉरेंटाइन में रहे हैं, अब तक 16,845 लोगों ने क्वॉरेंटाइन अवधि पूर्ण किया कर लिया है, जिन्हें क्वॉरेंटाइन प्रमाण पत्र प्रदान कर उनके गंतव्य के लिए छोड़ा जा चुका है। वर्तमान में 2,085 यात्री क्वॉरेंटाइन में है, जिनमें 463 पेड क्वॉरेंटाइन एवं 1,622 सरकारी क्वॉरेंटाइन में हैं।
विभिन्न देशों से आये प्रवासी, जिनमें
● संयुक्त अरब अमीरात से 5,631
● कुवैत से 3,748
● क़तर से 2,963
● ओमान से 3,139
● बाग्लादेश से 899
● सऊदी अरब से 2,719
● किर्गिस्तान से 598
● रूस से 234
● यूक्रेन से 130
● श्रीलंका से 70
● म्यांमार से 45
● यूनाइटेड किंगडम से 41
वन्दे भारत अभियान के अंतर्गत विदेश से आने वाले *सभी यात्रियों का गया हवाई अड्डा पर शत प्रतिशत मेडिकल स्क्रीनिंग कराई गई, सभी को वेलकम किट्स दिया गया, जिसमें क्या करें, क्या ना करें भी शामिल है।* वैसे लोग जो पेड क्वॉरेंटाइन में रह सकते थे, उन्हें पेड क्वॉरेंटाइन में रखा गया और जिन लोगो ने पेड क्वॉरेंटाइन मे रहने में असमर्थता जाहिर की उन्हें सरकारी क्वॉरेंटाइन में रखने की व्यवस्था की गई। सरकारी क्वॉरेंटाइन में रखे गए लोगों के भोजन, आवासन, डिग्निटी किट्स की व्यवस्था की गई तथा लगातार उनके मेडिकल स्क्रीनिंग एवं सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम किए गए।
ज़िला जन सम्पर्क पदाधिकारी,
गया।

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