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बिहार के राजधानी पटना में वीडियो कांफ्रेंसिंग उद्घाटन के माध्यम से 1470  करोड़ की 30 योजनाओं का उद्घाटन लोकार्पण कार्यारंभ शिलान्यास🔷🔷🔷👇👇




*बिहार के राजधानी पटना में  वीडियो कन्फ्रेंसिग उद्घाटन  के माध्यम से 1470 करोड़ की  30 योजनाओं का उद्घाटन लोकार्पण कार्यारंभ शिलान्यास।*
 गया, 26 अगस्त 2020,
रिपोर्ट
दिनेश कुमार पंडित
बिहार के राजधानी पटना में  माननीय मुख्यमंत्री, श्री नीतीश कुमार ने 1 अणे मार्ग स्थित  में वीडियो कन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 1470 करोड़ की 30 योजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण एवं कार्यारंभ (शिलान्यास) किया, जिसमें 7 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। उपरोक्त परियोजनाओं के अंतर्गत *गया जिला के फतेहपुर प्रखंड अंतर्गत सोहजना गांव में ढाढर अपसरण परियोजना* का उद्घाटन भी माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा किया गया।
इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के उद्घाटन एवं शुभारंभ कार्यक्रम में जल संसाधन विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि 89% लोग गांव में निवास करते हैं तथा 76% लोग खेती पर आश्रित हैं। आज बाढ़ प्रबंधन, सिंचाई एवं यातायात प्रबंधन योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया जा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि 73.06% भाग बिहार की कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का बाढ़ से समय-समय पर प्रभावित रहता है। उन्होंने बताया कि 2006 से अब तक नए क्षेत्र में 406000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित किया गया है। सिंचाई के क्षेत्र में काफी काम किया जा रहा है। 2016 में बाढ़ प्रबंधन एवं सिचाई प्रबंधन के कार्यों को अलग अलग करने से अब बाढ़ प्रबंधन एवं सिचाई प्रबंधन कार्य करने में सहूलियत हो रही है।
माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि *फिजिकल मॉडलिंग सेंटर के निर्माण बिहार के लिए एक शानदार उपलब्धि है।* उन्होंने कहा कि पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए अक्षय उर्जा को काफी आगे ले जा रहे हैं। जल-जीवन-हरियाली के क्षेत्र में भी काफी कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जहां जल की कमी महसूस की जा रही है छोटी छोटी नदियों को लिंक करके पानी को संरक्षित रखने का कार्य कर सकते हैं। उन्होंने गया का उल्लेख करते हुए कहा कि गया निर्वाण की भूमि है, जहां जल की कमी महसूस की जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए *गंगाजल उद्धव परियोजना का निर्माण कराया जा रहा है, जिसमें गया, बोधगया, राजगीर, नवादा में जल को संरक्षित कर इसे पीने के पानी के प्रयोग में लाया जा सकता है,* जिससे लोगों को जल की समस्या से निजात मिलेगी। उन्होंने बताया कि *9 अगस्त 2020 तक राज्य में 3.47 करोड़ वृक्षारोपण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा किया गया है* उन्होंने कहा कि बिहार में पर्यावरण के प्रति उत्कृष्ट एवं अनूठा अभियान जल जीवन हरियाली के रूप में चलाए जा रहे हैं। हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने का संकल्प हमने लिया जिसे पूरी मुस्तैदी के साथ समय पर पूरा करने को कहा।
ढाढर अपसरण परियोजना के संबंध में जिलाधिकारी गया श्री अभिषेक सिंह ने बताया कि ढाढर नदी पर बराज का निर्माण किया गया है, जिसका उद्घाटन माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा किया गया है। बराज का जल ग्रहण क्षेत्र 349.65 वर्ग किलोमीटर है तथा नदी का अधिकतम जल स्राव 2012 क्यूसेक है। बराज की लंबाई 138 मीटर, बराज-वे स्पीलवे 8 की संख्या में है जो 12.19 मीटर का है। बराज का शिर्ष तल स्पीलवे 142.38 मीटर तथा बराज का शीर्ष तल अंडरस्लुईस 141.77 मीटर है। उन्होंने बताया कि इस *बराज के निर्माण से 6900 हेक्टेयर क्षेत्र लाभान्वित होंगे जिसके द्वारा लगभग 100 गांव लाभान्वित होंगे इस बराज के निर्माण से जिले के चार प्रखंड यथा फतेहपुर, मोहरा, वजीरगंज एवं टनकुप्पा लाभान्वित होंगे।* उन्होंने बताया कि स्पीलवे गेट की ऊंचाई 2.5 मीटर तथा अंडरस्लुईस गेट की ऊंचाई 3.16 मीटर है।
उन्होंने बताया कि इस बराज के निर्माण से इस क्षेत्र के लोगों का चीर प्रतिक्षित मांग पूरा किया गया है। इस बराज के निर्माण से लोगों में काफी उत्साह एवं हर्ष देखा गया। संबंधित क्षेत्र के किसान श्री लालजी कुमार सिंह एवं श्री राम बालक पासवान ने बताया कि पहले सुखाड़ का सामना हम लोग कर रहे थे इस बराज के बनने से सिंचाई करने में किसान को काफी सहूलियत मिलेगी जिससे क्षेत्र के किसान आर्थिक रूप से मजबूत होंगे। बराज के उद्घाटन के समय आसपास के गांव के काफी लोग स्थल पर थे, जिनकी आंखों में उत्साह एवं उमंग के सपने थे। बराज के उद्घाटन के समय माननीय सांसद गया श्री विजय कुमार, पूर्व विधायक, संबंधित प्रखंड के प्रखंड प्रमुख एवं अन्य जनप्रतिनिधि, जिले के वरीय पदाधिकारी तथा जल संसाधन विभाग के वरीय अभियंता उपस्थित थे।

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