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बिहार के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना-II के तहत 21.77 लाख मैट्रीक टन खाद्यान्न का आवंटन- केंद्रीय खाध उपभोक्ता मंत्री

*बिहार के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना-II के तहत 21.77 लाख मैट्रीक टन खाद्यान्न का आवंटन- केंद्रीय खाध उपभोक्ता मंत्री
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29-07-2020
रिपोर्टः
दिनेश कुमार पंडि

बिहार के राजधानी पटना में
केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री  रामविलास पासवान  ने अपने मंत्रालय से आवश्यक दिशानिर्देश जारी करते हुए भारतीय खाद्य निगम के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक डी.वी.प्रसाद को अप्रैल से जून,2020 तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के सफल कार्यान्वयन का दायित्व दिया है । भारत सरकार ने इस योजना को जुलाई से नवंबर 2020 तक 5 महीने के लिए और बढ़ा दिया है। इस योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए ) और अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) में शामिल लगभग 81 करोड़ लाभार्थियों को 5 किलोग्राम चावल / गेहूं मुफ्त प्रदान किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत जुलाई से नवंबर,2020 तक राशन वितरण हेतु पीएमजीकेएवाई-II के तहत कुल आवंटन 200.19 एलएमटी खाद्यान्न (91.33 एलएमटी गेहूं और 109.96 एलएमटी चावल) है। इस योजना के लाभार्थियों के साथ-साथ राज्य सरकारों से भी बहुत उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। यह योजना को 08.07.20 को शुरू कर दी गई और 27.07.20 तक 33.40 एलएमटी खाद्यान्न (13.42 एलएमटी गेहूं और 19.98 एलएमटी चावल) लाभार्थियों के बीच वितरण के लिए राज्य सरकारों को सौंप दी गई है,जो जुलाई 2020 के पूरे महीने के लिए आवंटन का लगभग 83 प्रतिशत है।
बिहार में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना-Iके तहत अप्रैल से जून 2020 तक कुल 871 लाख लाभार्थियों केलिए कुल 12.96 एलएमटी खाद्यान्न का आवंटन किया गया था जिसका शत प्रतिशत उठाव भी हो चुका है।पीएमजीकेएवाई-II के लिए आवंटित 200.19 एलएमटी अतिरिक्त खाद्यान्न सहित भारत सरकार द्वारा 5 महीनों के दौरान समाज के कमजोर वर्गों को वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न की कुल मात्रा लगभग 455 एलएमटी होगी और एनएफएसए और एएवाई के तहत प्रत्येक लाभार्थी को सब्सिडी वाले कीमतों पर अपने नियमित रूप से मिलने वाले अनाज के कोटा के अलावा 5 किलोग्राम गेहूं या चावल बिल्कुल मुफ्त मिलेगा।प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना-II के तहत बिहार राज्य के लिए 21.77 एलएमटी खाद्यान्न का  आवंटन जुलाई से नवंबर 2020 तक 5 महीने के लिए किया गया है जिसके तहत बिहार राज्य के प्रत्येक लाभार्थी को सब्सिडी वाले कीमतों पर अपने नियमित रूप से मिलने वाले अनाज के कोटा के अलावा 2 कि.ग्रा गेहूं एवं 3 कि.ग्रा चावल(5 किलोग्राम खाद्यान्न) बिल्कुल मुफ्त मिलेगा।भारतीय खाद्य निगम  व्यापक और विस्तृत लॉजिस्टिक प्लानिंग पहले ही कर चुका है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इन 5 महीनों में आवंटन के अनुसार खाद्यान्न का स्टॉक देश के हर हिस्से तक पहुँच सके। यह एक बड़ी चुनौती है क्योंकि यह सामान्य आवंटन से दोगुना है और मौजूदा भंडारण क्षमता और परिवहन की व्यवस्था नियमित आवंटन के अनुसार ही है। हालांकि, एफसीआई  इस चुनौती के लिए पूरी तरह से तैयार है और अनाज वितरित करने की इसकी क्षमता लॉकडाउन अवधि के दौरान की सबसे कठिन परिस्थितियों में पहले ही देखी जा चुकी है जब लॉजिस्टिक संचालन के संदर्भ में नए रिकॉर्ड बनाए गए थे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि आवंटन के अनुसार देश के हर कोने तक खाद्यान्न पहुंचे और सरकार के उस घोषित उद्देश्य को हासिल कर लिया जाएगा जिसमें कहा गया है कि किसी भी गरीब व्यक्ति को भोजन के अभाव में भूखा नहीं रहना पड़ेगा।इस बाबत जानकारी देते हुए भारतीय खाद्य निगम बिहार क्षेत्र के महाप्रबंधक संदीप कुमार पाण्डेय ने बताया कि एफसीआई ने लॉकडाउन के प्रारंभ से अबतक 914 रैक के माध्यम से 25.05 एलएमटी खाद्यान्न अन्य राज्यों से मंगाकर बिहार राज्य के लाभार्थियों के लिए निर्बाध रूप से खाद्यान्न की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है । 
एफसीआई ने चालू सत्र के लिए खरीद का काम पहले ही पूरा कर लिया है और गेहूं तथा चावल दोनों की खरीद में नए रिकॉर्ड बनाए हैं। हाल ही में समाप्त फसल सीजन में एफसीआई ने कुल 389.76 एलएमटी गेहूं और 504.91 एलएमटी चावल की खरीद की है। मॉनसून के वर्तमान रुझान को देखते हुए, 2020-21 के आगामी खरीफ सीजन के भी अच्छा होने की उम्मीद है।भारतीय खाद्य निगम बिहार क्षेत्र के महाप्रबंधक संदीप कुमार पाण्डेय ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आवंटित खाद्यान्न का दिनांक 28.07.2020 तक लगभग 46% उठाव कर लिया गया है तथा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना-II के तहत 2.65 एलएमटी खाद्यान्न का उठाव कर लिया गया है ।

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