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शुष्क बागवानी अन्तर्गत लगने वाले नींबू, अनार, बेर, शरीफा और सन्तरा के लक्ष्य को शतप्रतिषत प्राप्त करें सहायक उद्यान पदाधिकारी - डा॰ प्रेम कुमार

प्रेस विज्ञप्ति
*शुष्क बागवानी अन्तर्गत लगने वाले नींबू, अनार, बेर, शरीफा और सन्तरा के लक्ष्य को शतप्रतिषत प्राप्त करें सहायक उद्यान पदाधिकारी - डा॰ प्रेम कुमार
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(दिनांक 18.07.2020)
 रिपोर्टः
दिनेश कुमार पंडित
      बिहार में डाॅ॰ प्रेम कुमार, माननीय मंत्री, कृषि, पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार ने मगध प्रमण्डल के पाॅचों जिला के सहायक निदेषक, उद्यान, गया से बरसात के मौसम में लगने वाले फलदार वृक्षों के क्षेत्र विस्तार एवं गया, औरंगाबाद तथा नवादा में शुष्क बागवानी के फलदार वृक्षों को लगाये जाने सहित उद्यान की सभी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा आॅनलाईन बैठक कर किया। बैठक में उप निदेषक, उद्यान मगध प्रमण्डल श्री राकेष कुमार भी आॅनलाईन सम्मिलित हुये। 
     माननीय मंत्री ने कहा कि गया, औरंगाबाद एवं नवादा जिला का अधिकतर क्षेत्र रेनफेड कन्डीषन के अन्तर्गत पड़ता है जहाॅ के किसान खेती करने के लिये पूरी तरह मानसून में होने वाली वर्षा पर निर्भर करते हैं। अच्छी और समय पर वर्षा होने पर उनकी फसल अच्छी होती है अन्यथा मायूस होना पड़ता है। ऐसे क्षेत्र में किसानों की अनिष्चितता दूर करने के लिये राज्य सरकार शुष्क बागवानी की योजना को लागू कर रही है। इस योजना अन्तर्गत किसान पाॅच प्रकार के कम पानी में होने वाले फलों की खेती करके अपने लिये एक निष्चित आय का साधन सृजत कर सकते हैं। इन जिलों की जलवायु के अनुकूल नींबू, शरीफा, बेर, अनार एवं सन्तरा की खेती का प्रत्यक्षण कार्यक्रम लागू किया गया है। योजना अन्तर्गत खेती हेतु पौध रोपण सामग्री एवं जैविक खाद आदि सामग्रियों के लिए 75 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान किया गया है। छोटी जोत के किसान भी योजना का लाभ ले सकें इसलिये योजनान्तर्गत एक ईकाई प्रत्यक्षण का क्षेत्रफल मात्र 2000 वर्ग मीटर रखा गया है। कोई भी किसान अधिकतम दो ईकाई अर्थात 4000 वर्ग मीटर हेतु आवेदन कर सकता है।
समीक्षा के क्रम में सहायक निदेषक, उद्यान, गया श्री शषांक कुमार ने बताया कि गया जिला में नीबू के लिये 90 प्रत्यक्षण का लक्ष्य है जिसमें लागत 10885 रुपये है एवं सरकार से 8164 रुपये सहायता दिया जायेगा। शरीफा का 40 प्रत्यक्षण स्वीकृत है जिसकी लागत 18000 रुपये प्रति ईकाई है और सरकारी सहायता 13500 रुपये प्रति ईकाई है। बेर के लिये 26 ईकाई प्रत्क्षण का लक्ष्य है जिसकी प्रति ईकाई लागत 7800 रुपये है और सरकारी सहायता 5850 रुपये दिया जा रहा है। अनार के लिये 110 ईकाई का लक्ष्य है जिसकी प्रति ईकाई लागत 15664 रुपये है एवं सरकारी सहायता 11748 रुपये स्वीकृत है। संतरा के लिये 50 ईकाई का प्रत्यक्षण आयोजित किया जाना है जिसकी प्रति ईकाई लागत 8224 रुपये स्वीकृत है एवं योजना अन्तर्गत 6168 रुपये सहयोग के राषि व्यय की जायेगी। उद्यान विभाग किसानों को 05 हेक्टेयर के कलस्टर में पौधे लगाने के लिये प्रोत्साहित कर रहा है। योजना के लिये आॅनलाईन आवेदन www.horticulture.bihar.gov.in  पर जाकर किया जा सकता है। इच्छुक किसान अपने प्रखण्ड के प्रखण्ड उद्यान पदाधिकारी से सम्पर्क कर सकते हैं। अभी तक गया जिला में कुल 316 प्रत्यक्षणों के लिये 66 आवेदन प्राप्त हुये हैं।  
माननीय मंत्री ने योजना की प्रगति संतोष जनक नहीं रहने पर नाराजगी व्यक्त की और कहा कि वर्षा का मौसम वृक्ष लगाने का सर्वोतम समय है सभी सहायक निदेषक, उद्यान योजना अन्तर्गत शतप्रतिषत लक्ष्य प्राप्त करने के लिये कार्ययोजना बनाकर कार्य करें और आवेदन सृजित करायें। आत्मा अन्तर्गत गठित कृषक हित समूह एवं महिला खाद्य सुरक्षा समूह के सदस्यों से आॅनलाईन आवेदन कराया जाय।

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