Breaking News

राज्य के बाहर से आने वालों पर नजर रखेगी पंचायती राज संस्थाएं

*राज्य के बाहर से आने वालों पर नजर रखेगी पंचायती राज संस्थाएं
*
गया, 01 मई 2020, जिला पदाधिकारी, गया श्री अभिषेक सिंह ने अपने जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सभी अंचल अधिकारी, सभी थानाध्यक्ष, सभी मुखिया एवं सभी सरपंच को आदेश जारी हुए करते हुए कहा कि प्रवासी मजदूरों, विद्यार्थियों तथा अन्य नागरिकों के राज्य के बाहर से आगमन में पंचायती राज संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करायी जाए। इस सम्बंध में विभागीय आदेश प्रधान सचिव, पंचायती राज विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-27/गो. दिनांक 30.04.2020 का हवाला देते हुए सूचित किया गया है कि मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में दिनांक 30.04.2020 को हुई सी.एम.जी. की बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि बिहार राज्य के बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों, विद्यार्थियों एवं अन्य नागरिकों को सर्वप्रथम प्रखंड स्तरीय शिविरों में अनिवार्य रूप से स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। तदनुसार वैसे व्यक्ति जो बिना जांच कराए हुए विभिन्न मार्गो से ग्राम पंचायत क्षेत्र में पहुंच जाते हैं, उन्हें अनिवार्य रूप से प्रखंड स्तरीय शिविरों में भेजा जाएगा। इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए पंचायत राज संस्थाओं की निम्नलिखित भूमिका चिन्हित की गयी है।
1.ग्राम पंचायत के मुखिया, ग्राम कचहरी के सरपंच, सभी वार्ड सदस्य एवं सभी वार्ड पंच अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र में बाहर से आने वाले व्यक्तियों के आगमन पर नजर रखेंगे। किसी ग्राम में आने वाले ऐसे व्यक्ति के बारे में सूचना मुखिया/सरपंच के माध्यम से थाना प्रभारी को दी जाएगी। गांव में आने वाले हर नागरिक को सर्वप्रथम प्रखंड स्तरीय शिविर में भेजा जाएगा। बिना शिविर में जाए, कोई भी नागरिक गांव में प्रवेश नहीं कर पाए,इसे सुनिश्चित किया जाए।
2.ग्राम पंचायत के मुखिया सुनिश्चित करेंगे कि गांव में बिना जांच कराएं आने वाले व्यक्तियों को उचित परिवहन के माध्यम से तत्क्षण प्रखंड स्तरीय शिविर में भिजवा दिया जाए।
उक्त उद्देश्य की प्राप्ति के लिए ग्राम पंचायत क्षेत्र में ग्राम पंचायत के मुखिया द्वारा, विभाग द्वारा जारी आम सूचना का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाएगा ताकि गांव का हर नागरिक COVID 19 कोरोना से बचाव की मुहिम में पहरेदार के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा सके। यह प्रचार लाउड स्पीकर के माध्यम से पांच दिनों तक किया जाए।
3. प्रत्येक ग्राम पंचायत में, कोई भी नागरिक, इन निर्देशों का उल्लंघन कर अपने घर में आकर नहीं रहना चाहिए। इसके उल्लंघन के दृष्टांत मिलने पर संबंधित जनप्रतिनिधियों को इसके लिए उत्तरदायी ठहराया जा सकेगा।
दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 40(r) के तहत ग्राम के मामलों में कतिपय रिपोर्ट करने का उत्तरदायित्व निर्धारित किया गया है। जिसमें व्यवस्था बनाए रखने एवं अपराध का निवारण व्यक्ति के स्वास्थ्य पर सम्भवतः प्रभाव डालने वाला कोई भी विषय हो, तो इसकी सूचना जिला दंडाधिकारी या विशेष आदेश द्वारा जिसे निर्देश दिया गया है, उसे संसूचित करेंगे। स्पष्ट है कि कोरोना संक्रमण से बचाव एवं निराकरण के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ग्राम स्तर पर संबंधित मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्यों एवं पंचों के द्वारा सभी तरह की व्यापक कार्रवाई की जानी है, जो कोई वर्तमान में प्रवासी मजदूरों, विद्यार्थियों तथा अन्य नागरिकों के राज्य के बाहर से आगमन पर प्रखंड स्तर पर क्वारंटाईन सेंटर में रखना सुनिश्चित कराएंगे तथा इस संबंध में कोई व्यक्ति घर में चला जाता तो इसकी सूचना तुरंत संबंधित थाना/प्रखंड विकास पदाधिकारी/अंचलाधिकारी को देना सुनिश्चित करेंगे। अगर इसमें किसी प्रकार की चूक होती है तो कोरोना संक्रमण का खतरा से अन्य व्यक्तियों एवं अन्य लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा होगा।
इस चूक के लिए भारतीय दंड संहिता,1860 की धारा 188 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी/अंचलाधिकारी/थानाध्यक्ष, गया जिले के अपने सुरक्षात्मक के साथ-साथ क्वारंटाईन सेंटर में सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित कराएंगे।

No comments