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जाप प्रदेश महासचिव सह प्रदेश प्रवक्ता ने बिहार पुलिस महानिदेशक को लिखा पत्र।

जाप प्रदेश महासचिव सह प्रदेश प्रवक्ता ने बिहार पुलिस महानिदेशक को लिखा पत्र।   
          अजय कुमार पांडे        औरंगाबाद: ( बिहार )    जन अधिकार पार्टी (लोकतांत्रिक ) प्रदेश महासचिव सह प्रवक्ता श्याम सुंदर ने बिहार पुलिस महानिदेशक माननीय गुप्तेश्वर पांडे को पत्र लिखते हुए कहा है कि औरंगाबाद जिला अंतर्गत गोह अंचल के बंदेया थानाध्यक्ष द्वारा जदयु नेता के इशारे पर मार पीट करहाथ तोड़ दिया गया है! प्रवक्ता ने अपने भेजे गए पत्र में उल्लेख किया है कि मैं शुरू से ही कहते रहा हूं कि यह थाना लंपट सामंत की सुरक्षा के लिए खोला गया है! ताजा मामला चौकीदार से जुड़ा है! खबर है कि थानाध्यक्ष चौकीदार पर दबाव डाल रहे थे की मेरे इलाके में शराब कारोबारी हैं क्या तुझे नहीं पता है की शराब धंधे बाज में ताकतवर लोग लगे हुए हैं! थानाध्यक्ष ने यह भी कहा कि शराब के बारे में जानकारी कैसे दूसरे थाना क्षेत्र के लोगों को मिल रही है जबकि चौकीदार का कहना है कि शराब धंधेबाजो को सीधे तौर पर थाना अध्यक्ष का संरक्षण मिला हुआ है! बेचारा चौकीदार नीरीह है ! तीसरी बार में थानाध्यक्ष ने हाथ तोड़ा है! इसके पूर्व भी दो बार उसकी पिटाई थानाध्यक्ष ने किया है! खबर तो यह भी है कि जदयू के एक सियासतदान खुद ही शराब धंधे बाज बने हुए हैं और इन्हीं के इशारे पर चौकीदार को पीटा गया है! प्रवक्ता ने जारी पत्र में कहा है कि मैं बीते 3 फरवरी को गोह में आयोजित नेता, अपराधी, अधिकारी गठजोड़ के खिलाफ आयोजित प्रदर्शन के दौरान भी सैकड़ों पुलिसकर्मियों के सामने खुलासा किया था की गोह इलाके में शराब कारोबारियों को बंदेया थाने का सीधे तौर पर संरक्षण मिला हुआ है! हालाकी तब उपस्थित हजारों लोगों ने इसे पॉलीटिकल स्टंट माना था! लेकिन अब जब सब कुछ सामने हैं तो क्या बोलेंगे?, पॉलिटिकल स्टंट मानने वाले लोग? प्रवक्ता ने आरोप लगाते हुए कहा है कि यादगारो के लिए बता दूं कि मैं यह भी कहते रहा हूं की बंदेया थाना नक्सल बनाने की फैक्ट्री है! अब तक इस थाने में दर्जी कांडों की समीक्षा करवा ली जाए! समीक्षा के दौरान जो हकीकत सामने आएगा! वह पूरे पुलिस महकमा को चौंका देगा! प्रवक्ता ने पुलिस महानिदेशक से अनुरोध करते हुए कहा है कि बंदेया थानाध्यक्ष का विवेक क्या है? योग्यता क्या है? इस पर मुझे कुछ नहीं कहना है! लेकिन मैं दावे के साथ कह सकता हूं की थानाध्यक्ष जदयू नेता के इशारे पर चौकीदार का हाथ तोड़ा है! फिर भी इस मामले को गंभीरता से जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ विधि सम्मत करवाई की जाए ताकि चौकीदार के साथ इलाके में शांति बहाल हो सके!

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