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कोरोना फाइटर्स की तर्ज पर लोकतंत्र के चौथा स्तंभ को भी मिले स्वास्थ्य एवम सुरक्षा संबंधी बीमा - जितेंद्र सोनी

कोरोना फाइटर्स की तर्ज पर लोकतंत्र के चौथा स्तंभ को भी मिले स्वास्थ्य एवम सुरक्षा संबंधी बीमा - जितेंद्र सोनी 

 अनूपपुर- कोरोनाकाल में जो भी सूचनाएं हमे मिल रही है उनमें से ज्यादातर सूचनाओं के स्रोत के रूप में पत्रकार साथी है चाहे वो प्रिंट मीडिया अथवा फिर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में कार्यरत हों। वास्तव में पत्रकारिता अत्यंत व्यापक विषय एवम असीमित क्षेत्र तक व्याप्त  है। सामाजिक जीवन मे हो रही हलचलों, संभावनाओं पर विचार कर एक नई दिशा देने का काम पत्रकारिता जगत के ही अन्तर्गत आता है। किसी ने सही ही कहा था  “समाचार पत्र जनता की संसद है, जिसका अधिवेशन सदैव चलता रहता है ।” लेकिन ताज्जुब की बात यह है कि कोरोना जैसी महामारी के भी दौर में पत्रकारों के इस ससंद का सत्रावसान नही हुआ है, यह अनवरत रूप से कार्यरत है । जिस प्रकार संसद में समस्त समाजोपयोगी समस्याओ पर चर्चा अथवा बहस उपरांत विचार-विमर्श करके समस्याओं के हल खोजें जाते हैं, उसी प्रकार समाचार-पत्रों के माध्यम से भी आम जनमानस की समस्याओं के प्रति शासन प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए समस्याओं का निवारण किया जाता है। या फिर हम ऐसा भी मान सकते हैं कि पत्रकारिता जहाँ लोगों को उनके परिवेश से परिचित कराती है वहीं वह उनके जीवन को भी प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से प्रभावित करती है । इन्ही सारी विशेषताओं की वजह से ही शायद इन्द्रविद्यावचस्पति पत्रकारिता को ‘पांचवां वेद’ की संज्ञा देते हुए कहते हैं – “पत्रकारिता पांचवां वेद है, जिसके द्वारा हम ज्ञान-विज्ञान संबंधी बातों को जानकर अपना बंद मस्तिष्क खोलते हैं ।” 

इस विषय पर भारतीय जनता युवा मोर्चा मध्य प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष जीतेंद्र सोनी ने अपना विचार प्रकट करते हुए कहा कि कोरोनाकाल मे जब आज सम्पूर्ण दुनिया इस महामारी दंश झेल रही तब हमारे पत्रकार साथियों के भी कोरोना वायरस से संक्रमित होने के मामले तेजी से उभर कर सामने आ रहे हैं। अनथक एवम अनवरत रूप से  कार्यरत पत्रकारों को व्यक्तिगत रूप से अपने स्वास्थ्य एवम सुरक्षा की चिंता करनी होगी। सरकार को पत्रकारों की सुरक्षा हेतु आवश्यक कदम उठाने चाहिए, ग्राउंड जीरो में पत्रकारिता क्षेत्र में कार्यरत चाहे संवाददाता हो, फोटोग्राफर हो, या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के रिपोर्टर एवं कैमरामैन अथवा अन्य वह कोरोना वॉरियर्स के रुप मे ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं।  अतः सरकार ने जो घोषणा पुलिसकर्मी, एवम स्वास्थ्यकर्मियों के लिए 50 लाख का बीमा करने की एवं क्लेम देने की बात कही है, उसी तर्ज़ पर ग्राउंड ज़ीरो में काम करने वाले पत्रकार साथियों को भी स्वास्थ्य संबंधी बीमा देते हुए उनके लिए सुरक्षा किट तथा जांच सहित समुचित व्यवस्थाएं उपलब्ध करानी चाहिए जिससे सभी पत्रकार बंधु निर्भीक एवम निर्बाधित रूप से अपना कार्य संपादित करते हुए खुद तथा अपने परिवार को  स्वस्थ्य रख सकें। साथ ही समाज सेवी संगठनों को भी कोरोना वारियर्स की तर्ज पर पत्रकार साथियों का भी भरपूर सम्मान करना चाहिए

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