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माननीय कृषि मंत्री ने कोविड-19 को लेकर की बैठक

*माननीय कृषि मंत्री ने कोविड-19 को लेकर की बैठक
*
गया,10 अप्रैल, 2020,
रिपोर्टः
दिनेश कुमार पंडित
बिहार
 बिहार के जिला गया में  समाहरणालय सभागार में कोविड-19 वैश्विक महामारी कोरोना से बचाव एवं सुरक्षा के लिए किए गए लॉक डाउन के दौरान केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा बैठक बिहार के माननीय कृषि मंत्री डॉ प्रेम कुमार की अध्यक्षता में गया के सभी माननीय सांसदों, माननीय विधायकों एवं माननीय विधान पार्षदों की उपस्थिति में की गयी, बैठक में इस संबंध में उनके सुझाव भी लिए गए।
बैठक में अब तक की स्थिति से अवगत कराते हुए जिलाधिकारी श्री अभिषेक सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा कोविड-19 से बचाव एवं सुरक्षा के लिए जो कार्य किए गए हैं उनमें वैसे लोगों को क्वॉरेंटाइन सेंटर में रखा गया है जो किसी न किसी तरह से कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आए हैं तथा जो कोरोना पॉजिटिव है उनको आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है। अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल को कोविड-19 स्पेशल हॉस्पिटल बनाया गया है जिसमें मगध प्रमंडल के पास जिला तथा रोहतास एवं कैमूर जिले के कोरोना से संबंधित मामलों को देखा जाएगा। इसके विकल्प में जेपीएन एवं प्रभावती अस्पताल को तैयार किया जा रहा है। जिला के बॉर्डर को सील रखा गया है और जो जहां है उन्हें वहीं रखा गया है। उन्होंने कहा कि अब तक आइसोलेशन सेंटर में 115 लोगों को रखा गया है। जिनमे एपीएचसी महकार में 9 तथा एएनएमएमसीएच में 106 लोग शामिल हैं। इनमें से 111 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है तथा 4 लोग अभी भर्ती हैं। जिनमें से 2 एपीएचसी महकार में तथा 2 एएनएमएमसीएच में है। अब तक कुल 5 पॉजिटिव मामले आए हैं। अभी तक 363 लोगों को ब्लड सैंपल की जांच कराई गई है जिनमें से 293 लोगों का रिपोर्ट प्राप्त है। जिनमें से 288 नेगेटिव एवं 5 पॉजिटिव पाए गए हैं। जिला स्तर पर 5 क्वॉरेंटाइन सेंटर बनाया गया है जिनमें होटल सिद्धार्था बिहार बोधगया में 99, अशोक अतिथि निवास में 109, होटल सिद्धार्था इंटरनेशनल में 45 लोग भर्ती हुए हैं। इस तरह कुल 253 लोग भर्ती हुए हैं। जिनमें से 153 लोगों को मुक्त किया गया है। वर्तमान में 100 लोग भर्ती हैं जिनमें होटल सिद्धार्था बिहार में 28, अशोक अतिथि निवास में 31, होटल सिद्धार्था इंटरनेशनल में 41 लोग शामिल हैं।
पिछले एक माह में प्रखंडों के क्वॉरेंटाइन सेंटर में 8231 लोगों को रखा गया है। अब तक 10890 लोगों को होम क्वॉरेंटाइन तथा 2797 लोगों को क्वॉरेंटाइन में रखा गया है। वर्तमान में 1425 लोग क्वॉरेंटाइन सेंटर पर है। गया जिला में अन्य जिला एवं राज्य से आए 5337 लोगों की जांच करा कर उन्हें भेजा गया है। अन्य जिलों के वैसे मजदूर जो यहाँ फंस गए हैं,जो असहाय, निर्धन और बेसहारा हैं जिनके भोजन की कोई व्यवस्था नहीं है वैसे लोगों के लिए जिला स्तर पर पांच जगहों पर राहत आपदा केंद्र का संचालन किया जा रहा है। जहां प्रतिदिन वैसे सभी व्यक्तियों को भोजन कराया जा रहा है। साथ ही अनुमंडल स्तर पर भी इसकी व्यवस्था की गई है। लॉक डाउन के दौरान आवश्यक सामग्री की कमी ना हो या कालाबाजारी ना हो सके इसके लिए जिला स्तर पर निर्धारित मूल्य का बैनर मुख्य जगह पर लगाया गया है। टीम गठित कर छापेमारी करायी गयी है। गया नगर निगम द्वारा शहरों में सैनिटाइजिंग कार्य कराया गया है। पंचायतों में भी राशि उपलब्ध कराई गई है। जितने स्वास्थ्य कर्मी है उन सबों को मास्क, सैनिटाइजर, साबुन उपलब्ध कराया गया है। विदेश से जितने लोग गया जिला आए थे उनकी जांच करायी गयी है। अन्य राज्य या जिलों से जो आए हैं उनकी भी जांच कराई गई है। बिहार के लिए चक्षु एप्प से इसकी निगरानी की जा रही है। अन्य राज्यों में गया जिला के फंसे हुए 11099 मजदूरों के खाते में एक-एक हजार रुपया भेजा गया है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना अंतर्गत अप्रैल से जून महीने तक तीन महीनों का खाद्यान्न अंत्योदय योजना एवं पीएचएच के प्रत्येक लाभुकों को पांच पांच किलोग्राम चावल मुफ्त में मुहैया कराया जा रहा है। तथा अन्त्योदय अन्न योजना के अंतर्गत ₹2 प्रति किलो की दर से 14 किलो गेहूं एवं ₹3 प्रति किलो की दर से 21 किलो चावल तथा पुर्विकता प्राप्त गृहस्थी के परिवारों को इसी दर पर 2 किलो गेहूं एवं 2 किलो चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि लॉक डाउन के दौरान किसी को कोई परेशानी न हो सके।
बैठक को संबोधित करते हुए माननीय कृषि मंत्री डॉक्टर प्रेम कुमार ने कहा कि कोविड-19 वैश्विक महामारी से बचाव के लिए किए गए लॉक डाउन के दौरान हमारे चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी, पुलिस के जवान, नगर निगम एवं जिला प्रशासन के लोग लगातार दिनरात कार्य कर रहे हैं, जिसके कारण लॉक डाउन सफल रहा है। गया जिला के सांसद,विधायक ,विधान पार्षद, सभी जनप्रतिनिधि, स्वयं सेवी संस्था सक्रिय होकर सहयोग कर रहे हैं। इसके लिए ये सभी बधाई के पात्र हैं। पशुओं को चारा उपलब्ध कराया जा रहा है।कटनी का काम शुरू हो गया है किसान सामाजिक दूरी बनाकर काम करें, उन्हें जागरूक करने के लिए किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक सक्रिय हैं। मछली, चिकेन, अंडा की बिक्री पर कोई रोक नहीं है। मछली के उत्पादन पर प्रभाव न पड़े इसके लिए भी प्रयास किये जा रहे है। भारत सरकार एवं राज्य सरकार के गाइडलाइंस पर जिला प्रशासन लगातार कार्य कर रहा है। मुझे विश्वास है यह प्रयास निश्चित रूप से सफलता प्राप्त करेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत बिहार के 63 लाख 69 हजार 169 किसानों के खातों में 12 अरब 73 करोड़ 83 लाख 38 हजार रुपए भेजा जा चुका है। गया जिला में कुल 2 लाख 54 हजार 543 किसानों के खातों में 50 करोड़ 90 लाख 54 हजार रुपये भेजा जा चुका है। 
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गया के 3 लाख 19 हजार लाभुकों के खातों में 3 कार्यरत कंपनियों द्वारा राशि बैंकों को भेज दी गई है अभी तक 70000 लोगों के खातों में 5 करोड़ 67 लाख रुपया भेजा जा चुका है बाकी लोगों के खातों में 1 सप्ताह के अंदर राशि भेजी जाएगी। 
बैठक में माननीय पूर्व मुख्यमंत्री श्री जीतन राम मांझी, वजीरगंज के माननीय विधायक श्री अवधेश सिंह, बोधगया के माननीय विधायक श्री कुमार सर्वजीत, गुरुआ के माननीय विधायक श्री राजीव नंदन, शेरघाटी के माननीय विधायक श्री विनोद कुमार, बाराचट्टी के माननिया विधान सभा सदस्य श्रीमती समता देवी, माननीय विधान पार्षद श्री संतोष कुमार सुमन, माननीय सांसद गया के प्रतिनिधि श्री ओम सिंह दांगी, माननीय सांसद जहानाबाद के प्रतिनिधि श्री विनोद प्रसाद, माननीय विधान पार्षद श्री अवधेश नारायण सिंह के प्रतिनिधि श्री क्षितिज मोहन ने अपने अपने विचार रखें। जिनमें वैसे लाभुक जिनका राशन कार्ड नहीं बना है उनके लिए खाद्यान्न की व्यवस्था करने, बाहर फंसे मजदूरों के लिए खाद्यान्न की व्यवस्था करने उन्हें वापस लाने की व्यवस्था करने, महादलित खास करके मांझी समाज के लोगों द्वारा खाद्यान्न के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की समस्या, खेतिहर, फुटपाती व दैनिक दुकानदार के लिए खाद्यान्न की मदद, अगलगी की घटना के लिए प्रखंड स्तर पर नजदीकी फायर ब्रिगेड की स्थापना, फसल जलने पर उचित मुआवजा की व्यवस्था करने, राशन की दुकानों का लाभुकों के निवास स्थान के नजदीक टैग करना, एंटी रेबीज वैक्सीन की व्यवस्था कराने, सोशल डिस्टेंसिंग के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता करने, दैनिक मजदूरी करने वालों के पशुओं के लिए भी पशु चारा की व्यवस्था करना, आने वाली गर्मी में पानी की समस्या के लिए पहले से तैयारी करना, टोला सेवक, आशा, सेविका के माध्यम से ऐसे लोगों का सर्वे कराना जिसका राशन कार्ड नहीं है तथा लॉक डाउन के कारण डॉक्टर चिकित्सा कर्मी जहां फंसे हैं वहीं के उसी नजदीकी अस्पताल में उनकी सेवा लेना, सातवा एवं आठवां वर्ग के लिए ऑनलाइन पुस्तक की व्यवस्था करवाना, मानपुर पटवाटोली के मजदूरों के लिए भोजन की व्यवस्था करवाना इत्यादि कई सुझाव प्राप्त हुए। 
जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार के बाहर फंसे लोगों की सूचना को गोपनीय शाखा को उपलब्ध कराई जाए। जिला प्रशासन के साइट पर पुस्तकों को उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। पटवाटोली के मजदूरों के संबंध में कहा गया कि एंपलॉयर को जिम्मेदारी दी गई है कि वे मजदूरों के लिए भोजन की व्यवस्था करेंगे यदि एंपलॉयर, मजदूरों के लिए भोजन उपलब्ध नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। बाहर फंसे लोगों के खातों में पैसा भेजें गए हैं बैंक द्वारा 3 से 4 दिन का समय लगता है। जहां तक पीडीएस डीलर को उपभोक्ताओं के समीप टैग करने की बात है तो इसे कर दिया जाएगा। महिलाओं के डिलीवरी करने के लिए पीएचसी लेवल पर चार चार एंबुलेंस दी गई है उनका प्रयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विदेश से आने वाले 100% लोगों के सैंपल की जांच कराई जा चुकी है। पंचायत स्तर पर मास्क, सैनिटाइजर, साबुन की व्यवस्था जनप्रतिनिधि एवं कर्मी के लिए करने हेतु तथा पंचायत को सैनिटाइज करने हेतु पंचम वित्त आयोग की राशि खर्च करने की छूट दी गई है। अगलगी की घटना के लिए दो-तीन प्रखंडों के लिए एक फायर ब्रिगेड सेंटर आज ही बना दिया जाएगा। अगलगी से खेत में फसल की क्षति की घटना जहां भी हुई है, 24 घंटे के अंदर संबंधित अंचलाधिकारी के माध्यम से रिपोर्ट प्राप्त की जाएगी ताकि अग्रेतर कार्रवाई की जा सके। 
बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक श्री राजीव मिश्रा, नगर आयुक्त श्री सावन कुमार, सहायक समाहर्ता श्री के एम अशोक, उप विकास आयुक्त श्री किशोरी चौधरी, सिविल सर्जन गया एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

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