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महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं ने बुलंद की अपनी आवाज

महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं ने बुलंद की अपनी आवाज 
बाराचट्टी (गया )।
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के के अवसर पर समग्र सेवा केंद्र एवं सेव द चिल्ड्रेन के सहयोग से चल रहे सशक्त किशोरी एवं" शादी बच्चों का खेल नहीं" परियोजना के तहत 8 मार्च को महिलाओं ने विभिन्न गतिविधियों में शामिल होकर अपनी आवाज को बुलंद किया। उत्साह से भरी महिलाएं पिछले 2 दिनों से रैलियां निकालकर महिला आधारित नारों से पूरे गांव एवं पंचायत का ध्यान आकृष्ट किया। चार पंचायतों धरहरा, बगुला, सिंधुआर एवं बुमूआर के 38 गांव में महिलाओं ने रैली निकाली। इन रैलियों में 1000 महिलाओं ने भाग लिया। महिलाओं हाथों में तख्ता ले विभिन्न नारे लगाए' जैसे - हम भारत के नारी हैं फूल नहीं चिंगारी हैं , नारी का सम्मान करो बेटा पढ़ाना कर्ज है तो बेटी में क्या हर्ज है,  एक बेटी पड़ गई सात पीढ़ी बढ़ गई इत्यादि साथ ही शादी बच्चों का खेल नहीं परियोजना के तहत लाडू, मटिहानी, लखैपुर पंचायतों के 20 गांवों में भी रैलियां 600 महिलाओं ने अपने अधिकारों के प्रति विभिन्न नारों से अपनी आवाज बुलंद की । 8 मार्च को मोहनपुर के सदरूद्दीन आजाद उच्च विद्यालय डांगरा के प्रांगण में महिला दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि तथा आगंतुकों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम किया गया। मुख्य अतिथि रामवृक्ष प्रसाद ने महिलाओं का सम्मान करते हुए उन्हें संबोधित किया कि महिलाओं के हालात बदल गए हैं। उन्हें उनका हक आज दिया गया है। और विकास में उनकी भागीदारी है। परंतु यह गांव और शहरों शिक्षित और अशिक्षित अमीर और गरीब में रह रहे। महिलाओं के बीच समान नहीं है। संस्था के सचिव छेदी प्रसाद ने कहा कि संस्था महिला उत्थान और महिला सशक्तिकरण को लेकर प्रतिबद्ध है। खासकर किशोरियों को उनका अधिकार दिलाने उन्हें सशक्त करने के लिए अनेक प्रयास किए जा रहे हैं।

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