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युवती के साथ दुष्कर्म के बाद ठहरे गर्भ का संजीवनी हॉस्पिटल में हुआ गर्भपात

युवती के साथ दुष्कर्म के बाद ठहरे गर्भ का संजीवनी हॉस्पिटल में हुआ गर्भपात 

डॉक्टर व सहयोगी गिरफ्तार, एम्बुलेंस जब्त, अन्य आरोपी फरार


अनूपपुर। जिला चिकित्सालय में 2 जून 2019 को नवजात की मौत की सूचना पर कोतवाली पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच प्रारंभ की गई। जहां जांच में जिला चिकित्सालय में नवजात को उपचार के लिए भर्ती करते समय उसकी मॉ के साथ उसके पिता अर्जुन यादव निवासी ग्राम निगवानी थाना रामनगर के नाम की पतासाजी की गई। पूरे मामले में पुलिस को ग्राम बरतराई में अर्जुन यादव नाम के व्यक्ति को महीनो ढूढऩे में लगा और अंत में ग्राम पंचायत निगवानी के सरपंच ने अर्जुन नाम व्यक्ति के नही होने की पुष्टि कर दी। जिसके बाद 22 जुलाई 2019 को 19 वर्षीय युवती ने कोतवाली अनूपपुर पहुंच अपने साथ हुए दुष्कर्म तथा उसका जबरन गर्भपात किए जाने की शिकायत दर्ज की। जिस पर कोतवाली पुलिस ने युवती की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी उमेश यादव पिता पंचू यादव उम्र 30 वर्ष निवासी बरतराई को 27 फरवरी को गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद जिला मुख्यालय में संचालित संजीवनी हॉस्पिटल द्वारा गर्भपात करने के खेल का उजागर हुआ।
गर्भपात के लिए संजीवनी में कराया था भर्ती
पूरे मामले में 19 वर्षीय युवती ने कोतवाली थाने में शिकायत कर बताया की उमेश यादव पिता पंचू यादव उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम बरतराई थाना रामनगर द्वारा उसके साथ नाबालिग से ही दुष्कर्म किए जाने की शिकायत दर्ज करवाई। इसके साथ ही उसने बताया की लगातार दुष्कर्म के बाद उसका गर्भ ठहर जाने पर उसका भर्गपात कराने उसे संजीवनी हॉस्पिटल अनूपपुर में भर्ती कराया गया। जहां पुलिस ने सबसे पहले आरोपी उमेश यादव को गिरफ्तार करते हुए उसके खिलाफ धारा 354, 354 डी, 419, 506, 201, 376, 376(2)(एन), 120, 34 एवं 3/4,5 (2)6 पॉक्सो एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध करते हुए कोतवाली निरीक्षक प्रफुल्ल राय के निर्देशन में उपनिरीक्षक सोनम सोनी, सहायक उपनिरीक्षक महिपाल प्रजापति, आरक्षक विनोद पटेल, दिनेश बंधैया एवं धनीराम तिवारी ने ग्राम बरतराई से आरोपी उमेश यादव को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में संजीवनी हॉस्पिटल का खुला राज
आरोपी उमेश यादव को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस की पूछताछ पर उसने बताया की युवती के गर्भ के बाद उसी के मकान में किराए से रहने वाला झोलाछाप डॉक्टर ललित नारायण मिश्रा निवासी जैतहरी से संपर्क किया गया, जहां ललित नारायण मिश्रा ने संजीवनी हॉस्पिटल के डॉक्टर से फोन में उमेश यादव की बात कराई और उसके बाद झोलाझाप डॉक्टर ललित नारायण मिश्रा ने अपनी कार से युवती का गर्भपात कराने उसे संजीवनी हॉस्पिटल अनूपपुर में भर्ती करा दिया गया। जहां संजीवनी हॉस्पिटल के डॉक्टर रिपेश कुशवाहा ने अपने सहयोगियो के साथ मिलकर युवती का गर्भपात किया, जहां गर्भ में ठहरे सात माह के नवजात का समय पूर्व ही जन्म हो गया, इस दौरान नवजात की नाजुक हालत देखते हुए उसे संजीवनी हॉस्पिटल के डॉक्टरो ने योजना बनाते हुए नवजात को जिला चिकित्सालय में भर्ती करा दिया।
जांच में संजीवनी के डॉक्टर सहित अन्य पर मामला पंजीबद्ध 
जिला चिकित्सालय में 2 जून 2019 को नवजात की मौत पर पुलिस ने मर्ग कायम कर नवजात के पिता का तलाश ही गई। जहां नवजात के पिता का फर्जी नाम लिखवाए जाने पर पुलिस कई उलझनो में फंस गई। इस बीच नवजात को जिला चिकित्सालय में भर्ती करते समय संजीवन हॉस्पिटल अनूपपुर के एम्बुलेंस में लाए जाने की जानकारी पर पुलिस ने संजीवनी हॉस्पिटल से 14 सितम्बर 2019 को इस संबंध में जानकारी चाही गई, जहां पर संजीवनी हॉस्पिटल के डॉक्टर ने किसी तरह की जानकारी की पुष्टि नही करते हुए नवजात को जन्म के बाद हॉस्पिटल में लाने के संबंध में जानकारी दी गई। वहीं युवती के बयान पर संजीवनी हॉस्पिटल की जांच एवं आरोपी की पूछताछ पर पूरे मामला का खुलासा होने के बाद पुलिस ने संजीवनी हॉस्पिटल के एम्बुलेंस वाहन क्रमांक एमपी 65 डीए 0210 को जब्त कर डॉक्टर रिपेश कुशवाहा पिता राम बहोर कुशवाहा उम्र 34 वर्ष वार्ड क्रमांक 3 पटौराटोला एवं ओटी टैक्रिशियन धर्मेन्द्र तिवारी पिता रोहणी तिवारी उम्र 25 वर्ष निवासी पांडवनगर वार्ड क्रमांक 6 शहडोल सहित अन्य खिलाफ धारा 313, 317, 201, 120बी, 34 एवं गर्भ का चिकित्सीय समापन अधिनियम 3(2)5(2) के तहत मामला पंजीबद्ध करते हुए दोनो आरोपी डॉ. रिपेश कुशवाहा एवं धर्मेन्द्र तिवारी को गिरफ्तार करते हुए 8 मार्च को न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हे जेल भेज दिया गया है।

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