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जयप्रकाश नारायण अस्पताल गया की हालत दयनीय मरीजों को नहीं होता है समय पर इलाज

*जयप्रकाश नारायण अस्पताल गया की हालत दयनीय मरीजों को नहीं होता है समय पर इलाज
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(गया में इलाज के लिए अस्पताल के चक्कर लगा रहे मरीज समय पर नहीं मिलते डॉक्टर एवं कर्मचारी )l
गया में
   गया के जिला मुख्यालय के  जयप्रकाश नारायण हॉस्पिटल की हालत इन दिनों बद से भी बदतर हो गया है l इसका मुख्य कारण  डॉक्टर एवं  कर्मचारियों की लापरवाही बताया जा रहा है l बताते चलें कि जिला मुख्यालय का प्राचीन अस्पतालों में एक नाम जयप्रकाश नारायण अस्पताल है जहां मरीजों के इलाज के  लिए संसाधनों की कमी एवं डॉक्टरों की लापरवाही साफ सफाई नहीं होना भी एक सवाल को खड़ा करता है l ऐसे तो यह अस्पताल शहर के जीबी रोड में अवस्थित है जहां मरीजों को सरकारी स्तर पर इलाज किया जाता है l देखने से यह अस्पताल पुरानी तो है ही लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही एवं  सफाई कर्मियों की मनमानी कई सवाल को अस्पताल के कार्यशैली पर खड़ा करती है l इस अस्पताल में मनमानी तरीके से कर्मचारी  और डॉक्टर ड्यूटी करने आते हैं l जब संवाददाता ने औचक निरीक्षण अस्पताल का किया तो पाया गया कि ना डॉक्टर अस्पताल में हैं और ना ही सफाई कर्मी l शौचालय पूरी तरह गंदगी के अंबार से ढका था l वहीं दूसरी तरफ डॉक्टर की अनुपस्थित रहने से मरीज कराह रही थी l कई मरीजों  के अभिभावक डॉक्टरों  को खोज रहे थे परंतु अभिभावकों को  डॉक्टरों से मुलाकात नहीं हो सकी l कई अभिभावकों ने आप बीती पीड़ा संवाददाता दिनेश पंडित को बताते हुए कहा कि क्या कहें सर जी इस अस्पताल की हालत बद से भी बदतर है l शौचालय गंदी  के अंबार से ढका है डॉक्टर की कुर्सियां खाली पड़ी है जबकि देश से लेकर विदेशों में कोरोना जैसी घातक बीमारी फैलने की आशंका है इसके बावजूद भी अस्पतालों में डॉक्टर की अनुपस्थिति रहना साफ सफाई नहीं होना भी कई सवाल को खड़ा करता है l जबकि शहर का मुख्य अस्पताल के नाम से जयप्रकाश नारायण हॉस्पिटल माना जाता रहा है l पीड़ित अभिभावकों की बात सच मानी जाए तो कहना है कि यह अस्पताल में इलाज की जगह मरीजों को शोषण किया जाता है l  तथा इस अस्पताल में दलालों का अड्डा सक्रिय है l प्रशासन मुकदर्शक बना हुआ है और मरीज जीवन और मौत से जूझ रहा है लेकिन कोई सुधि लेने वाला नहीं l एक तरफ बिहार सरकार केंद्र सरकार स्वास्थ्य विभाग को  सुदृढ़ करने के लिए करोड़ों रुपया प्रतिमाह खर्च कर रही है इसके बावजूद भी अस्पतालों में  मरीजों का इलाज नहीं किया जाना भी सरकार के कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है l आखिर कब तक होते रहेंगे मरीज शिकार l और मरीजों को  कौन करेगा देखभाल l आखिर है किसकी  जिम्मेवारी l इस तरह के सवाल खड़ा है जो जिला वासियों के जेहन में कौंध  रहा है l कई समाजसेवी बुद्धिजीवी एवं राजनीतिक से जुड़े राजेश कुमार द्विवेदी , जगरूप यादव, बाल्मीकि प्रसाद, सुभाष यादव, हिमांशु शेखर ने जिला प्रशासन से अभिलंब जयप्रकाश नारायण हॉस्पिटल में लापरवाही करने वालों की जांच कराने की मांग करते हुए कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है l

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