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आकांक्षी जिला को लेकर यूनिसेफ के साथ हुई समीक्षा

[20/02, 8:19 PM] Dinesh Kumar Pandit Bihar: *आकांक्षी जिला को लेकर यूनिसेफ के साथ हुई समीक्षा
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गया, 20 फरवरी 2020, गया समाहरणालय सभाकक्ष में जिला अधिकारी श्री अभिषेक सिंह की अध्यक्षता में आकांक्षी जिला की प्रगति को लेकर यूनिसेफ के साथ एक समीक्षा बैठक की गई बैठक में बिहार क्षेत्रीय कार्यालय यूनिसेफ के प्रमुख (CFO)- श्री असदुर रहमान, प्रोग्राम मैनेजर श्री शिवेंद्र पांडे, हेल्थ ऑफिसर श्री एसएस रेड्डी, न्यूट्रिशन स्पेशलिस्ट डॉ शिवानी दार, शिक्षा विशेषज्ञ श्रीमती प्रमिला डीआरआर श्री बंकू बिहारी और वाश के विशेषज्ञ श्री प्रभाकर उपस्थित थे बैठक में यूनिसेफ के विभिन्न आठ सेक्टर के विशेषज्ञों ने अपने- अपने सेक्टर में गया जिला की प्रगति पर समीक्षात्मक विचार रखें, जिनमें स्वास्थ्य, पोषण, वॉटर, सैनिटेशन एंड हाइजीन, शिक्षा, बाल संरक्षण, सोशल पॉलिसी, कम्युनिकेशन फॉर डेवलपमेंट और डिजास्टर रिस्क रिडक्शन, एसबीसीसी (सोशल एंड बिहेवियर चेंज कम्युनिकेशन) शामिल हैं।
पावर प्रजेंटेशन के माध्यम से सबसे पहले आकांक्षी जिला के अंतर्गत वर्ष 2019 की उपलब्धि से अवगत कराया गया। जिसमें बताया गया कि गया जिला के 2629 गांव को ओडीएफ करना था और जो किया जा चुका है। 413785 ओडीएफ परिवारों का जिओ टैगिंग करना था जिनमें से 314756 का किया जा चुका है। इसी प्रकार शत-प्रतिशत विद्यालयों में शौचालय का निर्माण कराना था जो कि 90.9% बॉयज स्कूल में और 82.4% गर्ल्स स्कूल में शौचालय का निर्माण किया जा चुका है। सभी विद्यालयों में पेयजल उपलब्ध कराना था वर्ष 2019 में 94.6% विद्यालयों में पेयजल उपलब्ध करा दिया गया है। सभी 4383 आंगनबाड़ी केंद्रों को पानी और शौचालय की सुविधा उपलब्ध करानी थी जिनमें शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया गया है। जल जीवन हरियाली के तहत जिले में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की गई।
जिला शिक्षा पदाधिकारी मो0 मुस्तफा हुसैन अंसारी ने बताया कि गया जिला के लगभग सभी विद्यालयों में शौचालय एवं पेयजल की सुविधा उपलब्ध करा दी गई है केवल उन्हीं विद्यालयों में यह सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाई है जिनके पास जमीन की कमी है उसके लिए भी उस विद्यालय के किसी एक कमरे में ही कोने में चापाकल और शौचालय की व्यवस्था के प्रयास किए जा रहे हैं। उप विकास आयुक्त श्री किशोरी चौधरी ने कहा कि वैसे लोग जिनके पास अपनी जमीन नहीं है उनके लिए कम्युनिटी शौचालय का निर्माण करवाया जा रहा है गया जिले में 602 कम्युनिटी शौचालय की स्वीकृति प्रदान की गई है गैप को पाटने के लिए।
स्वास्थ्य विभाग की उपलब्धि के संबंध में बताया गया के एनसी पंजीकरण का 80% लक्ष्य के विरुद्ध उपलब्धि 66% रही, गर्भवती महिलाओं का एएनसी चेकअप का लक्ष्य 70% के विरुद्ध उपलब्धि 54% रही, संस्थागत प्रसव का लक्ष्य 80% के विरुद्ध उपलब्धि 40% रही इसी प्रकार 9 से 11 महीने तक के बच्चों के (बी सी जी,डी पी टी 3,ओपीवी 3 और मीजल्स1 के टीकाकरण के लिए 90% लक्ष्य के विरुद्ध उपलब्धि 89% रही, लेबर रूम की सुविधा के लिए चार यूनिट का लक्ष्य निर्धारित था जबकि दो में ही यह सुविधा उपलब्ध है, 558 फंक्शनल डिलीवरी पॉइंट्स के विरुद्ध 46 डिलीवरी पॉइंट्स फंक्शनल हैं, बाराचट्टी,बोधगया, नगर, गुरारू, इमामगंज,परैया और शेरघाटी इन 6 प्रखंडों में एएनसी का पंजीकरण 60% से भी कम रहा है। गया के 16 प्रखंडों में अभी भी होम डिलीवरी 50% से अधिक हो रहा है।
सिविल सर्जन श्री बीके सिंह ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रही कुछ कमियों को स्वीकार किया तथा कहा कि इन कमियों को दूर करने के लिए वर्ष 2020- 21 के लिए कार्य योजना बनाकर प्रयास किए जाएंगे।
बैठक में यूनिसेफ के विशेषज्ञ ने शौचालय के गैप को पाटने, शत-प्रतिशत लाभुकों को भुगतान करवाने, सत प्रतिशत लोगों द्वारा शौचालय का प्रयोग किया जाए इसके लिए जागरूकता अभियान चलाने, पेयजल की गुणवत्ता मेंटेन करने और सभी स्कूलों में शौचालय एवं पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास करने के सुझाव दिए। ने कहा कि अभी भी काफी संख्या में पुरुष शौचालयों का प्रयोग नहीं कर रहे हैं।
पोषण के क्षेत्र में विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्र के द्वारा अच्छे कार्य किए जाने की प्रशंसा की गई। 
बाल संरक्षण के संबंध में भी गया जिला में पिछले दिनों किये गए बच्चों के ट्रैफिकिंग की चर्चा की गई और इसके अंतर्गत गया जिले में किए जा रहे कार्य से भी अवगत कराया गया। यूनिसेफ के विशेषज्ञ द्वारा बाल संरक्षण को आकांक्षी जिला में शामिल कराने के सुझाव दिए गए।
बैठक में सामाजिक सुरक्षा के सहायक निदेशक श्री राजन कुमार ने बताया कि जिले में एक बाल गृह और एक बालिका गृह संचालित है। जिसमें जिला दंडाधिकारी के निर्देशानुसार 116 बच्चों और 25 बच्चियों को रखा गया है। जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में 1200 केस लंबित थे, जिलाधिकारी महोदय के प्रयास से लगातार सुनवाई करवाई गई तथा अब यह घटकर 890 हो गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि बाल गृह में रह रहे बच्चों का नामांकन डंकन स्कूल में कराया गया है। जिला पदाधिकारी महोदय यदि चाहें तो उनके परीक्षा का आयोजन इस स्कूल में कराया जा सकता है।
बैठक में जिलाधिकारी श्री अभिषेक सिंह ने कहा कि आकांक्षी जिला अंतर्गत चैंपियंस ऑफ चेंज के डाटा रैंकिंग में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव देखे जा रहे हैं। जनवरी 2019 में जहां जिले का स्थान छठा था वहीं दिसंबर 2019 में यह काफी नीचे चला गया। पदाधिकारियों के द्वारा अच्छे काम किए जा रहे हैं। लेकिन सॉफ्टवेयर के कारण डाटा इंट्री ठीक से नहीं हो पा रहे हैं।
बैठक में उप विकास आयुक्त श्री किशोरी चौधरी सिविल सर्जन श्री वीके सिंह उप निदेशक एवं संपर्क नरेंद्र कुमार गुप्ता जिला प्रोग्राम पदाधिकारी श्रीमती किसलय शर्मा शिक्षा विभाग, बाल विकास परियोजना विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं यूनिसेफ के पदाधिकारी गण शामिल थे।
[20/02, 8:19 PM] Dinesh Kumar Pandit Bihar: *धंननिरंकार का सत्संग आयोजन  एक जानो एक को मानो एक दिवसीय का समागम*
 
गयामें
बिहार के अंतरराष्ट्रीय ज्ञान स्थल बोधगया  में  धनवा गांव के एकदिवसीय धननिरंकार का समागम आयोजन किया गया  जिसमें जिला स्तरीय धन निरंकार महात्माओं ने  का 10,000 ऊपर
 सत्संगी समागम में भाग लिया सत्संगी कंदबध होकर समागम मैदान में  पहुंचे  और साथ संगत की निर्देश अनुसार पालन करते हुए अपने स्थान पर बैठकर उसके बाद गुरु का प्रार्थना के बाद भजन   प्रवचन  महात्मा विवेक मौजी ने  संदेश देते हुए कहां कि आत्मा  परमात्मा समागम में मानव के कल्याण के लिए यह संदेश सभी के लिए होता है मानव जीव संसार की सभी जीवो का श्रेष्ठ स्थान है इस सत्संग से मानव की रक्षा करना मानव की विचार देना दूसरे को उपकार करना एवं दुख में तो मदद करना यह एक बड़ा मार्गदर्शन है जिसका आज समागम में बताया गया हैं इसका पालन करना ही धन निरंकार का संजोग एवं नियम है सतसंग समारोह में आए अतिथि महात्माओं राकेश कुमार नंदलाल विजय राज प्रसाद मुन्नी मुखी दयानंद कुमार सेवक सूरज कुमार सेवक विजय कुमार ने समागम में सभी को एक नियम का पालन करते हुए कहा कि मनुष्य जीवन ही एक मार्ग एवं सत्य का पहचानने के लिए एक को जानो एक को मानो यही संदेश के साथ समापन किया गया  महिला पुरूषों  महत्माओं मैजूद हूए।

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