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जिला पदाधिकारी ने स्वास्थ्य जागरूकता टीम को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

*जिला पदाधिकारी ने स्वास्थ्य जागरूकता टीम को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
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गया,5 फरवरी 2020, आज ब्रेकथ्रू संस्था द्वारा किशोर किशोरी सशक्तिकरण, लैंगिक भेदभाव, लड़कियों की शिक्षा, स्वास्थ्य व बाल विवाह और दहेज उन्मूलन के लिए जागरूकता फैलाने के लिए निकाली गयी वीडियो वैन कौंच पहुंची जहाँ कौंच के प्रखंड कार्यालय में जिला पदाधिकारी श्री अभिषेक सिंह ने वीडियो वैन को हरी झंडी दिखाई। इस मौके पर अंचलाधिकारी तारा प्रकाश और सभी पंचायतों के मुखिया व सरपंच शामिल रहे। ब्रेकथ्रू संस्था द्वारा लड़कियों व महिलाओं के खिलाफ होने वाले भेदभाव व उनके खिलाफ होने वाली हिंसा रोकने के लिए पिछले कई सालों से जागरूकता कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में ब्रेकथ्रू संस्था कौंच व टिकारी के 40 गाँवों में वीडियो वैन के लघु फिल्मों व नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को जागरूक करेगा।
*क्या माहवारी के दौरान धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने से परम्पराएं टूट जाएगी-चंदा* इसके बाद ब्रेकथ्रू की नाटक टीम द्वारा प्रखंड कार्यालय व गाँव अदैई में भी नुक्कड़ नाटक *चंदा की उड़ान* का मंचन किया गया जिसमें प्रभावशाली ढंग से लैंगिक भेदभाव के खिलाफ व किशोरी स्वास्थ्य विशेषकर माहवारी के मुद्दे पर लोगों को जागरूक किया गया। नाटक में चंदा स्कूल जाकर अपने सपने पूरा करना चाहती है लेकिन समाज के लोग पुरानी परम्पराओं के चलते उसे पीछे रखना चाहते हैं और माहवारी के दौरान उसे स्कूल से वंचित रखा जाता है। अक्सर हमारे समाज मे देखा जाता है कि माहवारी के दौरान आने वाली समस्याओं व शर्म के चलते लड़कियों को बाहर आने जाने व अन्य कार्यक्रमों में घुलने मिलने से रोका जाता है। नाटक के दौरान जब चंदा को अचार छूने, तुलसी का पौधा छूने व मांगलिक कार्यक्रमों में शामिल होने से रोका जाता तो वह समाज के ठेकेदारों से सवाल करती है कि क्या समाज की परम्पराएं इतनी कमजोर हैं जो माहवारी के दौरान एक लड़की को अपने भाई को छूने से टूट जाएगी।
*स्वास्थ्य की जानकारी व सुविधाओं के अभाव और बाल विवाह के चलते असमय मौत का शिकार होती किशोरियां*
इस वीडियो वैन के दौरान अंतिम संस्कार नामक एक वीडियो भी दिखाई गई जिसमें बताया गया कि कम उम्र में शादी व किशोरियों को स्वास्थ्य सलाह और सुविधाएं न मिलने के चलते बड़ी संख्या में किशोरियां कम उम्र में ही मौत का शिकार हो जाती हैं। अगर समय पर अपने शरीर और स्वास्थ्य की जानकारी व सुविधाएं मिले तो इस किशोरियों और महिलाओं को असमय मृत्य से बचाया जा सकता है।
*ब्रेकथ्रू की प्रासंगिक और सामयिक पहल-तारा प्रकाश*
अंचलाधिकारी ने ब्रेकथ्रू की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि ब्रेकथ्रू की यह टीम जो गाँव गाँव जाकर लोगों को इस संवेदनशील मुद्दे पर जागरूक कर रही है, यह बेहद प्रासंगिक है और समाज की जरूरत भी। आज समय आ गया है कि हम लड़के - लड़की के भेदभाव को मिटा दें और समाज से बाल विवाह, दहेज जैसी कुप्रथाओं को जड़ से मिटा दें।

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