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विधि व्यवस्था एवं भूमि विवाद से संबंधित मामलों की की गई समीक्षा

*विधि व्यवस्था एवं भूमि विवाद से संबंधित मामलों की की गई समीक्षा
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रिपोर्टः
दिनेश कुमार पंडित
बिहार से
बिहार के जिला गया में  समाहरणालय सभाकक्ष में जिला अधिकारी श्री अभिषेक सिंह एवं वरीय पुलिस अधीक्षक श्री राजीव मिश्रा की संयुक्त अध्यक्षता में मद्य निषेध, भूमि विवाद, खनन, लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम से संबंधित मामलों की व्यापक समीक्षा की गई।
बैठक में डोभी चेक पोस्ट पर लगे हुए कैमरा की समीक्षा की गई समीक्षा के क्रम में उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि चेक पोस्ट पर 40 कैमरे लगे हुए हैं लेकिन 16 कार्यरत हैं। जिलाधिकारी ने उन्हें अतिरिक्त कैमरा लगाने के निर्देश दिए, उत्पाद एवं मद्य निषेध की समीक्षा क्रम में बताया गया कि वर्तमान माह में 15 अभियोग दर्ज किया गया है जबकि 19 को गिरफ्तार किया गया है। 54.65 किग्रा अफीम, 493 किलोग्राम गांजा पकड़ा गया है। वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा जब्त शराब एवं नशीले पदार्थों को रखने के लिए बनाये गए डबल लॉक वाले मालखाना में ही रखने का निर्देश दिया गया। सभी थाना प्रभारियों को सख्ती से इसका अनुपालन करने का निर्देश दिया गया। 
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि हर हाल में थाना में जब्त शराब नहीं रखा जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि मध्य निषेध के बड़े मामले में केवल चालक पर f.i.r. न करें बल्कि जिन बड़े लोगों का तार जुड़ा हुआ है, उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाए।
समीक्षा के क्रम में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 107, धारा 116 एवं निर्गत वारंट की समीक्षा अनुमंडलवार की गई। समीक्षा में बताया गया कि टिकारी अनुमंडल में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 107 के तहत 336 लोगों के विरुद्ध, 2411 लोगों के विरुद्ध वारंट एवं 845 लोगों के विरुद्ध दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 116 के तहत बंध पत्र की कार्रवाई की गई है। नीमचक बथानी अनुमंडल में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 107 के तहत 336 लोगों, वारंट 2411 लोगों के विरोध तथा दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 116 के तहत 845 लोगों के विरुद्ध बंध पत्र जारी किया गया है। सदर अनुमंडल में 7151 लोगों के तहत 107 की कार्रवाई एवं 7151 के विरुद्ध नोटिस जारी किया गया है तथा 5164 लोगों के विरुद्ध दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 116 के तहत कार्रवाई की गयी है। शेरघाटी अनुमंडल में 3685 लोगों के विरुद्ध 116 के तहत बंध पत्र की कार्रवाई की गई है।
भूमि विवाद से संबंधित मामले की समीक्षा में बताया गया कि प्रत्येक शनिवार को अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी के द्वारा बैठक की जाती है। बैठक में यदि गंभीर प्रकृति के मामले आते हैं तो उसका निष्पादन 1 सप्ताह के अंदर किया जाए यदि मारपीट होने की संभावना है तो अविलंब अनुमंडल पदाधिकारी को सूचित किया जाए तथा अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के स्तर से इसका निराकरण किया जाए। अनुमंडल पदाधिकारी को तत्काल दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 107 एवं 144 के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। समीक्षा में पाया गया कि जिला के सभी थाना में भूमि विवाद के कुल 975 मामले प्राप्त हुए थे, जिनमें से 769 मामलों का निष्पादन किया गया है, 74 मामलों का निष्पादन गत शनिवार में किया गया है, 249 मामले में कार्रवाई जारी है तथा 41 मामले गंभीर प्रकृति के हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि सुधार उप समाहर्ता रोस्टर बनाकर के प्रत्येक शनिवार को थानों का निरीक्षण करेंगे कि वहां पर भूमि विवाद के निपटारे के लिए बैठक की जा रही है या नहीं और यदि की जा रही है तो क्या फलाफल निकल रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि अगर किसी जमीन पर विगत 2 महीने से कब्जा किया गया है तो अंचलाधिकारी एवं पुलिस थाना प्रभारी कब्जा मुक्त कराने के लिए सक्षम हैं। अनुमंडल पदाधिकारी को अंचल अधिकारियों का रोस्टर बनाने का निर्देश दिया गया ताकि वे प्रत्येक थाने के बैठक में कम से कम महीने में दो बार स्वयं जरूर जाएं। 
इस अवसर पर विशेष कार्य पदाधिकारी श्री रविशंकर प्रसाद द्वारा बताया गया कि भूमि विवाद के अधिकतर मामले बिना बटवाड़ा किए परिजनों के द्वारा जमीन बेच देना, एक ही जमीन को दो सदस्यों द्वारा बेच देना, रैयत की मृत्यु के उपरांत उनके उत्तराधिकारियों के बीच जमीन का बंटवारा न होना तथा सीमांकन नहीं किया जाना शामिल है। 
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि शनिवार को अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी भूमि विवाद के निराकरण हेतु बैठक नहीं करते हैं तो उनके विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि बैठक की कार्यवाही ऑनलाइन अपलोडिंग की जाती है।
अंचलाधिकारी फतेहपुर द्वारा बताया गया कि फतेहपुर में नकली परवाना बनाने वाले माफिया ग्रुप कार्यरत हैं। जिलाधिकारी ने सभी परवाना का सत्यापन करवाने का निर्देश दिया और कहा कि यदि फर्जी मिलता है तो कब्जा करने वाले के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। 
अंचलाधिकारी बोधगया द्वारा बताया गया कि भूदान यज्ञ कमेटी द्वारा अनेक परवाना दखल कब्जा वाले जमीन के लिए दे दिया गया है, जिसके कारण भी विवाद उत्पन्न हो रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि भूदान का परवाना पूर्ण नहीं होता है, वैसे मामले को जिलाधिकारी के समक्ष भेजे, उसे रद्द किया जाएगा। 
लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के लंबित मामलों की समीक्षा की गई। जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने बताया कि थाना प्रभारियों की उपस्थिति और असंतोषजनक है। जिसके कारण अनेक मामले लंबित हैं वरीय पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को महीने में एक बार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के मामले की समीक्षा कर लेने को कहा।
जिला पदाधिकारी ने समीक्षा के क्रम में बताया कि अब बालू उत्खनन पर रोक लगा दिया गया है इसलिए नदी में ट्रैक्टर या हाईवा नहीं दिखनी चाहिए। जिला खनन पदाधिकारी ने कहा कि जिले में 62 जगह पर बालू का स्टॉक किया गया है। 7 लोगों को लाइसेंस दिया गया है एवं अट्ठारह सौ रुपए पर 100 सीएफटी बालू की दर निर्धारित है। ट्रैक्टर या गाड़ी को बालू लाने ले जाने के लिए इ-चालान निर्गत किया जाता है, जिसमें आने-जाने की अवधि भी अंकित रहती है।
जिलाधिकारी ने कहा कि ई चलान में नजदीक जाने के लिए भी चार-पांच घंटे का समय दिया जाता है जो कि बहुत है और इस समय के अंतराल में ट्रैक्टर एक चलान से कई ट्रिप लगा लेते हैं। विभाग के स्तर पर इस पर समीक्षा कर समय कम करवाने का निर्देश जिला खनन पदाधिकारी को दिया गया।
उन्होंने कहा कि थाना के द्वारा यदि कोई बालू का ट्रैक्टर पकड़ा जाता है और माइनिंग निरीक्षक नहीं आते हैं तो माइनिंग निरीक्षक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। 
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को जिले के सभी ईंट भट्टो की जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अभी भी 50% ईट भट्ठे बिना निर्धारित राशि दिए चलाये जा रहे हैं। इसके लिए उनके विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।
बैठक में नगर पुलिस अधीक्षक श्री मंजीत, अपर समाहर्त्ता श्री राजकुमार सिन्हा, अपर समाहार विभागीय जांच मोहम्मद बलागुद्दीन, पुलिस उपाधीक्षक नगर,अनुमंडल पदाधिकारी सदर, अनुमंडल पदाधिकारी टिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी नीम चक बथानी, अनुमंडल पदाधिकारी शेरघाटी सहित सभी अंचलाधिकारी एवं थाना प्रभारी उपस्थित थे।

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