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पुलिस गिरफ्त में शिवानी हत्या काण्ड के पांच आरोपी एवं ड्रग्स व इंजेक्शन

*पुलिस गिरफ्त में शिवानी हत्या काण्ड के पांच आरोपी एवं ड्रग्स व इंजेक्शन


*शिवानी हत्याकाण्ड के पांच आरोपी गिरफ्तार, चिंकी फरार*

*-6 पर मामला दर्ज, खाकी वर्दी हुई दागदार, 2 दिन पहले हुई लवमैरिज, स्मैक के ओवरडोज ने ली जान,*


शिवपुरी ब्रेकिंग न्यूज


*शिवपुरी ब्यूरो।* गत दिवस कृष्णपुरम कॉलोनी में आशीर्वाद हॉस्पीटल के सामने गली में बने जगदीश मंगल के चबूतरे पर मृत अवस्था में पड़ी हुई एक युवती के शव को देखकर जहां मकान मालिक के होश उड़ गए। वहीं देखने वालों की भीड़ लग गई। युवती का शव मिलने की सूचना पुलिस कन्ट्रोल रूम को दी गई। घटना स्थल पर कोतवाली से पुलिस ने पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया। सी.सी.टी.व्ही कैमरे में मिले साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की तलाश की। वहीं युवती की बुआ तथा दादी के द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर शिवानी की दोस्त रूबी जाटव, जूली भार्गव, बिल्ली उर्फ परमार सिंह गौर, गोलू रजक, चिक्की पाठक, व विकास सोनी को स्मैक का नशा कराकर देह व्यापार कराते थे। उन्होंने 6 जुलाई को अत्याधिक नशा कराया जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने आरोपियों के विरूद्ध अपराध क्रमांक 363/19 धारा 302, 201, 120 बी, 34 भादवि का प्रकरण दर्ज कर लिया हैं। 
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेन्द्र सिंह कवर ने जानकारी देते हुए बताया कि उक्त घटना को अंजाम देने वाले सभी आरोपी फतेहपुर में पुलिया के पास खड़े होकर फरार होने की फिराक में थे। मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने आज दविश देकर रूबी जाटव, बिल्ली उर्फ परमार सिंह गौर निवासी ग्राम भगवा पिछोर हाल निवासी फतेहपुर रोड़ शिवपुरी, जूली भार्गव निवासी राधारमण मंदिर के पास, गोलू रजक निवासी पुरानी शिवपुरी, विकास सोनी लुहारपुरा पुरानी शिवपुरी को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि मृतिका शिवानी को नशे का इंजेक्शन दिया था। जिससे उसकी मौत हो गई। शव को ठिकाने लगाने के लिए ऑटो में ले जा कर आशीर्वाद हॉस्पीटल के सामने कृष्णपुरम कॉलोनी स्थित जगदीश मंगल के मकान के चबूतरे पर शव को डाल कर भाग गए। शिवानी की हत्या में शामिल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया हैं वहीं चिक्की पाठक नाम आरोपी पुलिस की गिरफ्त से अभी फरार हैं। बताया तो यहां तक जाता है कि चिक्की द्वारा न्यायालय के माध्यम से शिवानी से लवमैरिज कर ली थी। 

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*पुलिस गश्त व्यवस्था पर लगा सवालिया निशान*
शिवपुरी शहर की पुलिस की कार्यप्रणाली अधिकांशत: विभिन्न प्रकार की शंकाओं के घेरे में ही बनी रहती हैं। फिर चाहे मामला रात्रि में गश्त का हो या सीसीटीव्ही कैमरों का। पुलिस व्यवस्था चुस्त दुरूस्त बनाए जाने के लिए शासन द्वारा करोड़ों रूपए व्यय कर शहर भर में सी.सी.टी.व्ही कैमरे एवं डायल 100 गाड़ियां उपलब्ध कराई गई। जिससे अपराधी तत्वों पर निगाह रखी जा सके तथा अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके। लेकिन बीते रोज बीच शहर में स्मैक के नशेड़ियों द्वारा एक ऑटो खुलेआम शव को रखकर अपराधी फतेहपुर से लेकर आशीर्वाद हॉस्पीटल और फिर शहर की पॉश कॉलोनी कृष्णपुरम में लेकर पहुंच गए लेकिन न तो इन अपराधियों को कहीं पुलिस की डायल 100 गाड़ी मिली और नहीं गश्त करते हुए पुलिस कर्मी इतना ही नहीं पुलिस द्वारा सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए कैमरे में भी यह ऑटो पुलिस को नजर नहीं आया। यह पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालियां निशाना लगाता हैं। 

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*स्मैक के ओवर डोज से हुई शिवानी की मौत*
समय-समय पर समाचार पत्रों व टीव्ही चैनलों द्वारा शहर में चल रहे स्मैक की कालाबाजारी के प्रति पुलिस को आगाह किया जाता रहा हैं। लेकिन पुलिस महकमे द्वारा इसे हवा में उड़ाकर कोई भी स्मैक का व्यापार करने वालों के विरूद्ध कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई। यदि समय रहते पुलिस ने इन लोगों के विरूद्ध कार्यवाही की गई होती तो शायद उक्त युवती की मौत नहीं होती। स्मैक का धंधा किस स्तर पर शहर में चल रहा हैं इसका अंदाजा इस तथ्य से लगाया जा सकता हैं कि युवक तो युवक, युवतियां भी इसकी चपेट में आने लगी हैं। जबकि एक छोटे शहर शिवपुरी में होने वाली अवैध गतिविधियों पर पुलिस महकमा नजर नहीं रख पा रहा हैं। जबकि पूर्व में भी स्मैक के नशेड़ियों द्वारा राघवेन्द्र नगर में एक महिला की हत्या, वहीं शहर के बीच हृदय माधव चौक चौराहे पर एक युवक की हत्या, मनियर टोल टैक्स के पास हाथ ठेला चलाने मजदूर को मौत के घाट उतार चुके हैं। लेकिन इसके बाबजूद भी पुलिस चेतन्य न होने से स्मैक के कारोबारियों के हौंसले बुलंद होते चले गए परिणाम शिवानी की मौत के रूप में सभी के सामने हैं।

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*सिपाही रावत का भी खुलासा होना आवश्यक*
गत दिवस कृष्णपुरम कॉलोनी में मिली युवती की लाश का संबंध स्मैक के नशेड़ियों से  होने से पुलिस महकमा चकरघिन्नी बना हुआ हैं। वहीं स्मैक के कारोबार में पुलिस कर्मचारियों का संबंध होना विभिन्न प्रकार की शंकाओं को जन्म देता हैं। उक्त काण्ड में मृतिका शिवानी की दादी ने रावत नाम पुलिस कर्मी के नाम का खुलासा किया हैं। जिस पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कहना है कि यदि स्मैक के कारोबार में कोई पुलिस कर्मचारी संलिप्त पाया जाता हैं तो उसके विरूद्ध संवैधानिक कार्यवाही की जाएगी। स्मैक के कारोबार में पुलिस के संलिप्त होने से खाकी वर्दी पर एक बदनुमा दाग  लग गया हैं अब देखना है कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी स्मैक के कारोबार में लगे कर्मचारियों के विरूद्ध क्या कार्यवाही करते हैं?

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*स्मैक के बडे तस्कर को पुलिस ने क्यों छोड़ा?*
शहर के देहात थाना अंतर्गत इमामबाड़ा क्षेत्र में बीती रात पुलिस ने 10:00 बजे एक कार क्रमांक एमपी 33 सी 2181 में स्मैक बेचने वाले बड़े तस्कर को पकड़ने की कोशिश की लेकिन कुछ राजनैतिक लोगों ने उसको गिरफ्तार होने से बचा लिया इस पूरे मामले में एक बड़ी पार्टी के नेता का हाथ होना बताया जा रहा है। पुलिस ने जब स्मैक के कारोबारियों को अपनी गिरफ्त में लिए जाने का प्रयास किया जा रहा था। स्मैक के कारोबारियों से जब कार सहित उसमें रखी संदिग्ध सामिग्री व मोबाईल जप्त कर लिया गया तो फिर आरोपियों को क्यों छोड़ा? जबकि पुलिस को स्मैक के कारोबार में लगे संदिग्ध आरोपियों को थाने में लगाकर गहन तरीके से पूछताछ क्यों नहीं की गई? बताया तो यहां तक जा रहा हैं जिस आरोपी को पुलिस ने छोड़ा हैं वह शहर का स्मैक का किंग बताया जा रहा हैं। इतना ही नहीं उसके तार सीधे गुना के एक पुलिस कर्मी से जुड़े हुए हैं और वह पुलिस कर्मी शिवपुरी का हैं।

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*जब पुलिस कर्मियों ने मीडिया के नाम लिए 5 हजार रूपए*
शिवपुरी। शहर के रेलवे स्टेशन के पास मौजूद एक होटल पर कोतवाली पुलिस ने होटल संचालक के साथ मिलकर एक लड़का लड़की जो होटल में बैठे थे उनसे मीडिया के नाम पर 5 हजार रुपये बसूल लिए। हद है वरिष्ठ अधिकारियो की अनदेखी के कारण यह छोटा स्टाफ किसी की नही सुन रहा। सबसे बड़ी बात है लड़का और लड़की दोनों बालिग है इसके बाद भी पुलिस को कष्ट है। बड़ी बात यह है कि अगर कुछ गलत था तो पैसा लेकर क्यों छोड़ गया। यह सबसे बड़ा सवाल बना हैं यदि लड़का लड़की गलत थे तो उनके खिलाफ वैधानिक कार्यवाही क्यों नहीं की गई। इस बात सवाल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के सामने प्रेस वर्ता में गूंजा और एडिशन साव इस बात पर आखिर क्यों चुप्पी साधकर रह गए यह समझ से परे हैं।



विनोद कुमार प्रजापति


9713214512

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