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थाना में लिखित आवेदन देने के वावजूद भी नही होता हैं एफ. आई.आर दर्ज।

थाना में लिखित आवेदन देने के वावजूद भी नही होता हैं एफ. आई.आर दर्ज।

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भारत न्यूज़ लाइव 24

रिपोर्टर अमीर आजाद

थाना में लिखित आवेदन देने के वावजूद भी नही होता हैं एफ. आई.आर दर्ज।

मधेपुरा:-सिंघेश्वर थाना मे सिर्फ पैसो वाला का बोल वाला है अगर आप के भी पास पैसा हैं तो आप भी किसी गरीब पिछड़ा का बहू पत्नी बेटी का अपहरण करके गलत धंधा कर सकते हैं एवं करवा भी सकते हैं ऐसा ही घटना हुआ है झिटकिया निवासी फिरोज साह के साथ फिरोज शाह ने सिंघेश्वर थाना में 5 बार लिखित आवेदन दिया है लेकिन अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है रविवार को पांच बार उसे थाना अध्यक्ष को आवेदन सौंपा लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई है और थाना अध्यक्ष जांच की बात करते है आखिर किस का दबाव है क्या पीड़ित की नहीं सुनी जाएगी दरअसल 11 जुलाई से मोहम्मद फिरोज की पत्नी गायब हैं ।उसका कहना है कि कई बार थाना पहुंचकर आवेदन दिया लेकिन उसकी नहीं सुनी गई छोटे-छोटे चार पुत्र पुत्री को लेकर कई बार न्याय की गुहार लगाई बच्चे मां से मिलने को बेताब है लेकिन उसकी दर्द कौन समझेगा यहां सभी निर्मोही दरअसल सिंघेश्वर थाना क्षेत्र अंतर्गत झिटकिया के वार्ड संख्या 6 निवासी मोहम्मद फिरोज शाह की पत्नी 10 दिनों से गायब है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक ,थाना अध्यक्ष को आवेदन देकर मुखिया पति मो. परवेज आलम एवं पंसस मोहम्मद इश्तियाक आलम पर आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी को बंधक बनाकर रखा है ।आवेदन में पुलिस ने कहा है। की उसकी पत्नी नजराना खातून एक माह पहले गायब हो गई थी इस बात की सूचना थाना में लिखित आवेदन देकर की गई थी बीते 11 जुलाई को पत्नी बाजार में मिली उसके बाद मोहम्मद मजले उसे वह उसकी पत्नी को बुलाकर मुखिया पति एवं पंचायत के पास लाया मुखिया पति ने बिना किसी वाद विवाद के मुगलो वाला साशन अपनाया गांव छोड़ने का फरमान जारी कर दिया उसके बाद उन्होंने पत्नी को वही रोक लिया तभी से पत्नी गायब है काफी खोज बिन करने के वावजूद भी पत्नी का कही अता पता नहि चला बच्चों के माँ माँ के पुकार से आँख मे आँसू भर जाता हैं लेकिन कोन हैं सुनने वाला आखिर कोन हैं जिम्मेदार मेरे पत्नी का फिरोज साह का कहना हैं।आखिर कयो नही मरा एफ.आई.आर दर्ज होता हैं कही थाना प्रभारी ही तो जिम्मेदार तो नहीं।


Editor prajapati

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