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सिंहेश्वर में राम जानकी ठाकुरबाड़ी के महंत की पीट-पीटकर हत्या, सड़क जाम, हंगामा

सिंहेश्वर में राम जानकी ठाकुरबाड़ी के महंत की पीट-पीटकर हत्या, सड़क जाम, हंगामा

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भारत न्यूज़ लाइव 24

रिपोर्टर अमीर आजाद 


मधेपुरा जिले का सिंहेश्वर आज बेहद अशांत रहा जहाँ बस स्टैंड के पास राम जानकी ठाकुरबाड़ी में महंत दिलीप चौधरी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। 

हत्या के कारणों का फिलहाल स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, लेकिन इसे वहां चल रहे वर्चस्व की लड़ाई से जोड़कर देखा जा रहा है। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने सिंहेश्वर बाजार को नारियल फार्म और ठाकुरबाड़ी के सामने दो जगहों पर पूरी तरह जाम कर दिया। मौके की नजाकत को देखकर कई थानों की पुलिस के साथ-साथ बड़ी संख्या में बाहर से आए पुलिस बल को बाजार में तैनात कर दिया गया। 

घटना के सम्बन्ध में दिलीप चौधरी के साथ रहे सुखासन निवासी मनोज यादव ने जानकारी दी कि ठाकुरबाड़ी में प्रणाम करने के दौरान बबलू रमानी, राजेश गोस्वामी, विक्की दास, श्रवण स्वर्णकार, संजय रमानी और डोमी रमानी के बेटे ने दिलीप चौधरी को पकड़कर पीटना शुरू कर दिया। मैं जब उन्हें रोकना चाहा तो वे लोग मुझे भी मारने लगे और मेरा मोबाइल छीन लिया । वे लोग दिलीप चौधरी को पकड़कर एक कमरे में ले जाकर पीटने लगे। मैं हल्ला करते हुए भागते हुए बाहर निकल गया। बाद में जानकारी मिली कि पिटाई से दिलीप की मौत हो गई।

जबकि जानकारी दी गई कि सहरसा में पदस्थापित डॉ प्रमोद प्रभाकर के अनुसार उनको सिंहेश्वर से फोन आया कि उनके भाई दिलीप चौधरी को ठाकुरबाड़ी में पीटा जा रहा है। इसके बाद उन्होंने सिंहेश्वर थाना को फोन कर घटना की सूचना दी लेकिन पुलिस उन्हें बचाने नहीं गई। एक घंटे के बाद उन्हें फिर फोन आया कि उनके भाई की मौत हो गई है। इसके बाद फिर थाना को फोन किया, तब जाकर पुलिस ठाकुरबाड़ी पहुंची। यह पुलिस की लापरवाही है। डॉ प्रभाकर ने कहा कि साजिश के तहत उनके भाई की हत्या की गई है।

जानकारी यह भी दी गई कि ठाकुरबाड़ी के जिस कमरे में महंत दिलीप चौधरी के साथ घटना हो रही थी, उस कमरे से महज 10 फीट की दूरी पर उसी परिसर में अष्टयाम भी चल रहा था। फिर किसी ने बचाया क्यों नहीं ये एक अहम् सवाल है.

बताया गया कि पुलिस जब घटना स्थल पर गई तो महंत का शव कच्छी और बनियान में टूटे हुए पलंग पर पड़ा था। कमरा भी अस्त व्यस्त था और शरीर पर बिजली का तार रखा हुआ था. आसपास के लोगों का कहना था कि राम जानकी चौधरी ठाकुरबाड़ी में बहुत दिनों से आपसी विवाद चलता रहता था। दो माह पूर्व भी महंत दिलीप चौधरी और राकेश साह का आरोपी लड़कों से किसी मामले को लेकर विवाद हुआ था और मारपीट हुई थी। जिसके बाद अप्रत्यक्ष रूप से थाने की पहल पर आरोपी लड़कों को ठाकुरबाड़ी में पूजा-पाठ और देखरेख व्यवस्था में शामिल किया गया था। माना जा सकता है कि उस दिन के बाद से वर्चस्व की लड़ाई चलने लगी थी.

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