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कारगिल विजय दिवस पर कैंडल जलाकर कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों को दी श्रद्धांजलि

कारगिल विजय दिवस पर कैंडल जलाकर कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों को दी श्रद्धांजलि

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भारत न्यूज लाइव 24

रिपोर्टर आमिर आजाद


मधेपुरा जिला मुख्यालय के बड़ी दुर्गा मंदिर में आज कारगिल विजय दिवस के अवसर पर स्थानीय युवकों ने कैंडल जलाकर कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी और राष्ट्र को नमन किया. शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्यां में युवाओं ने भाग लिया.


"कारगिल विजय दिवस स्वतंत्र भारत के लिये एक महत्वपूर्ण दिवस है। इसे हर साल 26 जुलाई को मनाया जाता है। कारगिल युद्ध लगभग 60 दिनों तक चला और 26 जुलाई को उसका अंत हुआ। इसमें भारत की विजय हुई। इस दिन कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों के सम्मान हेतु मनाया जाता है।

1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद भी कई सैन्य संघर्ष होता रहा। दोनों देशों द्वारा परमाणु परीक्षण के कारण तनाव और बढ़ गया था। स्थिति को शांत करने के लिए दोनों देशों ने फरवरी 1999 में लाहौर में घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किए। जिसमें कश्मीर मुद्दे को द्विपक्षीय वार्ता द्वारा शांतिपूर्ण ढंग से हल करने का वादा किया गया था। लेकिन पाकिस्तान ने अपने सैनिकों और अर्ध-सैनिक बलों को छिपाकर नियंत्रण रेखा के पार भेजने लगा और इस घुसपैठ का नाम "ऑपरेशन बद्र" रखा था। इसका मुख्य उद्देश्य कश्मीर और लद्दाख के बीच की कड़ी को तोड़ना और भारतीय सेना को सियाचिन ग्लेशियर से हटाना था। पाकिस्तान यह भी मानता है कि इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के तनाव से कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने में मदद मिलेगी।

प्रारम्भ में इसे घुसपैठ मान लिया था और दावा किया गया कि इन्हें कुछ ही दिनों में बाहर कर दिया जाएगा। लेकिन नियंत्रण रेखा में खोज के बाद और इन घुसपैठियों के नियोजित रणनीति में अंतर का पता चलने के बाद भारतीय सेना को अहसास हो गया कि हमले की योजना बहुत बड़े पैमाने पर किया गया है। इसके बाद भारत सरकार ने ऑपरेशन विजय नाम से 2,00,000 सैनिकों को भेजा। यह युद्ध आधिकारिक रूप से 26 जुलाई 1999 को समाप्त हुआ। इस युद्ध के दौरान 527 सैनिकों ने अपने जीवन का बलिदान दिया। (स्रोत: विकीपीडिया)"

मधेपुरा में श्रद्धांजलि कार्यक्रम के मौके पर श्रीकान्त राय, कुन्दन सिंह सोनू, विक्की विनायक, मिथिलेश वत्स, अमर कुमार, विपुल भारती, सौरव कुमार, ठाकुर विवेश, आकाशदीप शेखर, शानु भारद्वाज, आशीष सिंह, आर्या रौशन, विष्णु कुमार, सुरज कुमार सोनू, शशीभूषण, आशीष सत्यार्थी, सुनीत साना, कुन्दन कुमार सोनी आदि शामिल थे.

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