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नगर क्षेत्र की सड़कों पर बह रहा नाले का गंदा पानी, लोग परेशान

नगर क्षेत्र की सड़कों पर बह रहा नाले का गंदा पानी, लोग परेशान

नगर क्षेत्र की सड़कों पर बह रहा नाले का गंदा पानी, लोग परेशानशहर में जलजमाव व गंदगी से आम लोग परेशान हैं। लेकिन नगरपरिषद के एक तिहाई सफाईकर्मी शहर की सफाई की जगह सिंहेश्वर में...

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भारत न्यूज़ लाइव 24

रिपोर्टर अमीर आजाद

शहर में जलजमाव व गंदगी से आम लोग परेशान हैं। लेकिन नगरपरिषद के एक तिहाई सफाईकर्मी शहर की सफाई की जगह सिंहेश्वर में श्रावणी मेला की सफाई में जुटे हैं। प्रशासन के इस आदेश से शहर में सफाई अभियान पर असर पड़ रहा है। स्थिति यह है कि नगरपरिषद क्षेत्र के कई वार्डों में कूड़ा का न तो समय पर उठाव हो रहा है और न ही जलजमाव के लिए अभियान सुचारू रूप से चल रहा है। इस मामले में नगरपरिषद के अधिकारी जहां कुछ बाेलने के बच रहे हैं। वहीं कई वार्ड पार्षदों ने प्रशासन से नगरपरिषद के सफाई कर्मियों को अन्यत्र नहीं भेजने की मांग की जा रही है। एक वार्ड पार्षद ने कहा कि एक तो पहले से शहर गंदगी के चपेट में है। मानसून से पहले शहर के नाले की सफाई नहीं होने के कारण कई वार्ड के नालियों में पानी का स्तर ऊपर उठकर सड़क पर बह रहा है। जिसके कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वार्ड पार्षदों का कहना है कि ट्रस्ट के पास पहले से काफी संसाधन व राशि है। ऐसे में यहां से सफाईकर्मी ले जाने का कोई औचित्य नहीं है। 

बारिश के पहले नहीं हुई थी नालों की सफाई : शहर की सफाई का जिम्मा पहले एनजीओ के हवाले था। जिसके कारण शहर की स्थिति काफी नरकीय हो गई थी। उसके बाद नगरपरिषद ने एक जुलाई से शहर की सफाई का जिम्मा अपने हाथ में लेते हुए अपने सभी 65 अस्थायी सफाई कर्मियों को दिया। वहीं नाले की उड़ाही के लिए 45 अतिरिक्त सफाईकर्मी व कुछ समानों को हायर किया गया। लेकिन शुरुआती दौर में लगातार बारिश ने नगरपरिषद के मंसूबे पर पानी फेर दिया। मौसम ठीक होेने के बाद जैसे ही अभियान की शुरुआत हुई, प्रशासन ने सिंहेश्वर में श्रावणी मेले के लिए नगरपरिषद के अधिकतर सफाईकर्मी को सप्ताह में चार दिन के लिए वहां भेज दिया। जिसके बाद नाला उड़ाही का अभियान एक बार फिर धीमा हो गया। नगरपरिषद के ईओ ने बताया कि ऐसा कुछ भी नहीं है। केवल एक दिन 5-6 सफाईकर्मी गए थे। वहीं कई वार्ड पार्षदाें ने बताया कि 20 से 25 सफाईकर्मी सप्ताह में चार दिन वहीं चले जाते हैं। जिसके कारण अभियान पर असर पड़ता है। 

बुधवार को सड़कों पर इस तरह बहता रहा नाले का गंदा पानी।


Editor prajapati

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