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2 दिन के भीतर करंट लगने से एक बेजुबान सहित 4 की मौत, परिवार में कोहराम को माहौल

बलरामपुर : 2 दिन के भीतर करंट लगने से एक बेजुबान सहित 4 की मौत, परिवार में कोहराम को माहौल

भारत न्यूज लाइव24 हर खबर आप तक
अशोक कुमार पाल





।बलरामपुर जिले में विद्युत विभाग की लापरवाही थमने का नाम नहीं ले रही है। कुछ दिन पहले ही उतरौला क्षेत्र के नया नगर प्राथमिक विद्यालय में हाईटेंशन लाइन से करंट उतर आया था जिससे 52 बच्चों को तेज झटका लगा था जिनमें चार गंभीर रूप से घायल भी हो गए थे। मामला अभी थमा भी नहीं है कि महज 2 दिन के भीतर ही उतरौला क्षेत्र में ही विधुत करंट से एक बेजुबान सहित 4 की मौत हो चुकी है।

जिले के उतरौला क्षेत्र में अभी कुछ दिन पहले ही नया नगर प्राथमिक विद्यालय के बगल से गुजर रही हाईटेंशन लाइन बरसात के चलते प्राथमिक विद्यालय के भवन के संपर्क में आ गई थी और पूरे भवन में तेज करंट उतर आया था जिससे विद्यालय के परिसर व प्रांगण में मौजूद करीब 52 बच्चों को तेज झटका महसूस हुआ जिसके बाद सभी बच्चों की हालत बिगड़ गई थी। जिनमे 4 बच्चे गंभीर रूप से घायल भी हो गए थे। गनीमत इतनी रही की तार टच होते ही विद्युत सप्लाई कट गई थी जिसके चलते कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ लेकिन विद्युत विभाग इतने बड़े हादसे से भी सबक नहीं ले रहा है जहां तहां लाइनें खुली पड़ी हैं और इंसान तो इंसान बेजुबान भी अपनी जान गवा रहे हैं।


पहला मामला उतरौला क्षेत्र के पटेल नगर इलाके का है जहां बरसात के कारण विद्युत खंभे में करंट उतरा हुआ था तभी एक गाय इस बात से अनजान की मौत तो उसका इंतजार कर रही हैं उसके करीब जाकर लेट गई। खंबे के संपर्क में आते ही गाय तेजी से झटके लेने लगी और कुछ ही देर बाद यह झटके शांत हो गए और उसकी जान चली गई।


दूसरा मामला भी उतरौला क्षेत्र के पिपलेश्वर मंदिर के पास का है जहां एक युवक अजय गुप्ता पुत्र टिनोपाल गुप्ता लखनऊ जाने की तैयारी कर रहा था और नहाने के बाद कुछ गीले कपड़े छत पर फैलाने के लिए गया हुआ था तभी बरसात के कारण पास से गुजर रही लाइन के करंट की चपेट में आ गया जिससे उसकी तड़प तड़प कर मौत हो गयी।


वही तीसरा मामला भी उतरौला क्षेत्र के महदेइया चौकी अंतर्गत कटरा गिद्धौर गांव का है जहां के रहने वाले मिश्री लाल की पत्नी मालती आज चूल्हे के पास काम कर रही थी तभी चूल्हें के बगल पानी व बरसात से बचाव के लिए लगाए गए टीन शेड में करंट उतर आया था और मालती देवी इस बात से अनजान उसकी चपेट में आ गई। जिसके बाद मालती की चीख-पुकार की आवाज सुनकर उनकी बेटी मीना भी उन्हें बचाने के लिए दौड़ पड़ी। लेकिन बेटी भी असमंजस की स्थिति में या नहीं समझ पाई कि कब वह खुद करंट की चपेट में आ गई और मां बेटी की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। मृतक मालती के 5 बच्चे थे जिनमें तीन लड़कियां और दो लड़के शामिल हैं। वहीं मालती की मृतक पुत्री मीना को अभी 9 महीने बच्चा है और मीना का पति कामकाज के सिलसिले में मुंबई रहता है। मौत की सूचना मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया मीना के ससुराल वालों ने मीना के शव को मायके से ले जाकर ससुराल में अंतिम संस्कार कर दिया है।

कोतवाली उतरौला क्षेत्र के नया नगर में प्राथमिक विद्यालय के भवन में करंट उतरने के बाद बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री अनुपमा जायसवाल ने जिला चिकित्सालय व मौके का दौरा कर विद्युत विभाग के अधिकारियों को तमाम दिशा निर्देश दिए थे। लेकिन घटना के बाद जागने वाला विद्युत विभाग मंत्री जी के आदेशों को महज तकरीर मात्र मानकर अभी भी चैन की नींद सो रहा है। जिसके चलते ढीले तारों जर्जर खंभों के चलते आए दिन जिले के किसी न किसी इलाके से किसी न किसी के जान गवाने की खबर सामने आती रहती है। आखिर लगातार हो रही इन मौतों का जिम्मेदार कौन है ! ऐसे लापरवाह अधिकारियों पर आखिर कब और कौन कार्रवाई करेगा या यह हादसे महज नेता और अधिकारियों की बयानबाजी तक ही सिमट कर रह जाएंगे।क्या होगी कोई कारवाही ?या महज खानापूर्ति करेंगे?

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