Breaking News

प्रमंडल स्तर पर हुई विभागों की समीक्षा

*प्रमंडल स्तर पर हुई विभागों की समीक्षा
*
*अस्पतालों में रहे स्वच्छ वातावरण-आयुक्त*
*स्कूल ड्रेस अनुशासन का प्रतीक -आयुक्त*
गया,12 दिसंबर 2019, 
रिपोर्टः
दिनेश कुमार पंडित
बिहार के जिला गया में आयुक्त मगध प्रमंडल, गया श्री असंगबा चुबा आओ की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में प्रमंडल स्तरीय विभागों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। पंचायती राज विभाग की समीक्षा के क्रम में आयुक्त महोदय ने कहा कि पंचायत सरकार भवन की निर्माण में गुणवत्ता संधारित करना होगा। हर घर नल का जल योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने पाइप एवं नल की गुणवत्ता उच्च कोटि का रखने का निर्देश दिया साथ ही किसी प्रकार की खराबी की वजह से यदि जलापूर्ति बाधित होती है तो 24 घंटे के अंदर मरम्मति कराना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
नली-गली योजना के समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि नाली के निर्माण के समय ध्यान दिया जाए कि नाली का लेवल सड़क के ऊपर ना हो। नाली ऐसा बनाएं कि पानी की निकासी में कोई कठिनाई न हो सके। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान सिविल सर्जन सह प्रभारी उप निदेशक, स्वास्थ्य ने बताया कि बताया कि अभी परिवार नियोजन पखवाड़ा चल रहा है इस वर्ष जितना परिवार नियोजन किया गया उतना विगत 10 वर्षों में भी नहीं किया गया था, ओपीडी में माह अप्रैल से नवंबर 2019 तक मगध प्रमंडल में 49,87,566 मरीजों का इलाज किया गया, जिनमें अरवल में 2,60,144, औरंगाबाद में 12,70,982, गया में 20,99,657, जहानाबाद में 5,69,613 एवं नवादा में 7,87,570 मरीजों का इलाज़ किया गया है, जो कुल लक्ष्य का 56% है। आयुष ओपीडी में मगध प्रमण्डल में 9,95,721 मरीजों का इलाज किया गया है, जो कि कुल लक्ष्य का 67% है, जिसमे अरवल में 73,754, औरंगाबाद में 2,89,806, गया में 3,37,849, जहानाबाद में 1,74,353 एवं नवादा में 1,19,959 मरीजों का इलाज किया गया। समीक्षा में IUCD प्रविष्टि, ANC पंजीकरण, ANC चेकउप, आयरन फॉलिक एसिड टैबलेट का वितरण, RBSK प्रोग्राम, JBSY और टिकाकरण की समीक्षा हुई। ANC के पंजीकरण में जहानाबाद और अरवल की स्तिथि असंतोषजनक पायी गई। संस्थागत प्रसव में मगध प्रमण्डल में कुल 96,979 उपलब्धि रही है, जिनमें अरवल में 6,860, औरंगाबाद में 22,754, गया में 35,427, जहानाबाद में 8,976 एवं नवादा में 22,562 उपलब्धि रही। समीक्षा में जहानाबाद और नवादा की स्थिति असंतोषजनक रही। जिस पर आयुक्त महोदय ने नाराजगी व्यक्त की आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत मगध प्रमंडल में 360401 गोल्डन कार्ड वितरण किया गया है। जिनमें अरवल में 37211, औरंगाबाद में 114456, गया में 98534, जहानाबाद में 28966 एवं नवादा में 86234 है। आयुक्त महोदय ने कहा कि हॉस्पिटल में आए सभी मरीजों का रजिस्ट्रेशन इस योजना के तहत कराएं जिससे हॉस्पिटल को भी लाभ होगा क्योंकि इलाज के एवज में इंश्योरेंस का पैसा भी मिलेगा जिससे आप हॉस्पिटल का अन्य कार्य कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी हॉस्पिटल पीएससी, सीएससी में पूरी साफ-सफाई रहे तथा इस बिंदु पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी अस्पताल में आउटसोर्सिंग एजेंसी साफ सफाई के लिए रखा गया है और यदि डॉक्टर साफ-सफाई पर ध्यान नहीं देंगे तो फिर समाज के अन्य लोगों से साफ सफाई की उम्मीद नहीं रखी जा सकती है। जब डॉक्टर ही गंदगी में रहेंगे तो समाज को स्वच्छता का संदेश कैसे मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी अस्पताल में 24 घंटे सेवा उपलब्ध है। इसलिए रोस्टर के अनुसार डॉक्टर उपलब्ध रहने चाहिए। यदि उन्हें ऐसी शिकायत मिलती है कि रात में मरीज अस्पताल गया और डॉक्टर नहीं मिले तो गंभीर कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान क्षेत्रीय उपनिदेशक शिक्षा ने बताया कि सभी पंचायतों में उच्च विद्यालय संस्थापन की योजना पर कार्य चल रहा है और कुछ ही पंचायत बचे हैं जहां उच्च विद्यालय संस्थापन बाकी है। आयुक्त महोदय ने कहा कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान जब वे विद्यालय में जाते हैं तो वहां बच्चों की संख्या कम दिख रही है, यह गंभीर मुद्दा है। जबकि सरकार द्वारा मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका तात्पर्य है कि विद्यालयों में पढ़ाई की अच्छी व्यवस्था नहीं है साथ ही बहुत सारे बच्चे ड्रेस में नहीं दिखते हैं जबकि सबको पोशाक मुहैया कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्कूल ड्रेस में रहना एक अनुशासन है। बच्चे ड्रेस में नहीं आते हैं और शिक्षक बोल भी नहीं रहे हैं। बच्चों में जब अनुशासन ही नहीं रहेगा तो सभ्य समाज कैसे बनेगा। शिक्षा का मतलब केवल किताब पढ़ाना नहीं है बल्कि अनुशासन सिखाना भी है। उन्होंने क्षेत्रीय उपनिदेशक को पदाधिकारीवार विद्यालय निरीक्षण प्रतिवेदन अगली बैठक में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया साथ ही सभी विद्यालय में साफ-सफाई की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। उन्होंने मानव श्रृंखला की तैयारी करवाने का भी निर्देश दिया।
कृषि विभाग की समीक्षा में संयुक्त निदेशक, कृषि, मगध प्रमंडल ने बताया कि पराली न जलाने के लिए जागरूकता अभियान जोर-शोर से चलाया गया है। बोधगया के बकरौर में विदेशी सब्जी की खेती कराई जा रही है, इन सब्जियों की आपूर्ति स्थानीय होटल में की जाती है। पंचायत स्तर पर किसान जागरूकता हेतु किसान चौपाल का आयोजन कर किसानों को कृषि संबंधी जानकारी प्रदान की जा रही है। भूमि संरक्षण के तहत चेक डैम इत्यादि का निर्माण करवाया जा रहा है। मगध प्रमंडल में अब तक गेहूं बुआई का आच्छादन 33.22% है, जबकि जौ का 22.45% है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत मगध प्रमंडल में 5,40,472 किसानों को तथा इनपुट सब्सिडी के तहत 5,29,575 किसानों को लाभान्वित किया गया है। अब तक 3724 किसानों को सॉयल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने कहा कि राजकीय बीज गुणन प्रक्षेत्र वजीरगंज में 5.62 हेक्टेयर भूमि महादलितों द्वारा कब्जा कर लिया गया तथा अरवल में 1 हेक्टेयर में चिमनी भट्टा लगा दिया गया है। आयुक्त महोदय ने इंदिरा आवास के तहत दलितों को अन्य स्थलों पर भूमि उपलब्ध कराने तथा अतिक्रमण भूमि को खाली कराने के लिए संबंधित जिलाधिकारी को पत्र प्रेषित करने का निर्देश दिया।
पशुपालन विभाग की समीक्षा में बताया गया कि बकरी -भेड़ विकास योजना में आवेदक को 50% अनुदान पर 20 बकरी एवं 1 बकरा के लिए 2 लाख रुपये का ऋण मुहैया कराया जा रहा है तथा प्रत्येक परिवार को 25 चूजा APL को 20 रुपये प्रति एवं BPL को 10 रुपये प्रति मुर्गी पालन हेतु उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त उद्यान, सहयोग समितियां, ग्रामीण विकास, मत्स्य, कल्याण, सांख्यिकी विभाग की समीक्षा की गई।
जिला सांख्यिकी पदाधिकारी सह प्रभारी उप निदेशक सांख्यिकी ने बताया कि फसल मूल्य निर्धारण के लिए क्रॉप कटिंग प्रतिवेदन एकत्रित किया जाता है, जिनमें सभी जिलाधिकारी को भी अपनी निगरानी में क्रॉप कटिंग करवा कर प्रतिवेदन उपलब्ध करवाना होता है, जो कि प्राप्त नहीं हो रहे हैं। आयुक्त महोदय ने सभी जिलाधिकारी को स्मार पत्र प्रेषित करने का निर्देश दिया ताकि अगली बार से वे प्रतिवेदन उपलब्ध करावें।
बैठक में आयुक्त के सचिव, क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी, उप निदेशक जन संपर्क, उपनिदेशक कल्याण के साथ सभी संबं धित पदाधिकारी मौजूद थे।

No comments