राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की घोषणा के पूर्व के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा और जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश पैदल चलकर शान्ति का संदेश दिए। - BHARAT NEWS LIVE 24

Breaking

Friday, 8 November 2019

राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की घोषणा के पूर्व के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा और जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश पैदल चलकर शान्ति का संदेश दिए।

 राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की घोषणा के पूर्व के मद्देनजर पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा और जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश पैदल चलकर शान्ति का संदेश दिए।


(उतरौला )

अयोध्या मंदिर/ मस्जिद विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की घोषणा के पूर्व के  मद्देनजर पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा और जिलाधिकारी कृष्णा करुणेश  ने समाज और देश की सुरक्षा के  खातिर दिन रात एक किए हुए हैं।  सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन की दृष्टि उतरौला पर विशेष  रहती है जिसके लिए दोनों उच्चाधिकारी उतरौला कोतवाली में अनेक बार आए । इसी दृष्टि से आज भी सर्वप्रथम पुलिस कप्तान महोदय ने सुरक्षा कर्मियों को विवाद की स्थिति में /दंगा नियंत्रण के संबंध में कैसे दंगाइयों को काबू में लाया जाए के  गुरु सिखाए स्वयं सुरक्षित रहते हुए अपराधियों/ दंगाइयों को खदेड़ना औऱ उन पर काबू पाया जाने  के तरीक़े बताये । इस पहल में कोई विशेष चोट न पहुंचाते हुये  केवल पैर को चोटिल कर अपराधियों के हौसले पर काबू पाया जाना सुनिश्चित करने का प्रयास होना चाहिए पुलिस कप्तान महोदय ने अपने हाथ में सुरक्षा कवच और दंड लेकर प्रशिक्षण प्रहार करके तरीक़े  बताया । इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी  अधिकारी मनोज कुमार यादव कोतवाल डॉ उपेंद्र राय भी सम्मिलित थे क्षेत्राधिकारी और कोतवाल ने अभ्यास मैच खेला।  प्रशिक्षण के दौरान अल्पज्ञ सुरक्षाकर्मियों को कप्तान महोदय ने डांट भी लगाई । इसके बाद कप्तान और जिलाधिकारी महोदय के साथ एसडीएम अरुण कुमार गौड क्षेत्राधिकारी मनोज कुमार यादव,  कोतवाल डा  उपेंद्र राय कोतवाली उतरौला से पैदल मार्च करते हुये  नगर के मुख्य मार्ग से होकर मंदिर /मस्जिद पर सुरक्षा का संदेश देते हुए नगर पारकर मुख्यालय बलरामपुर  की ओर चले गए । इस प्रकार लगभग 4 किलोमीटर से अधिक दूरी पैदल मार्च किया ।  सभी अधिकारियों ने  पैदल चल कर सुरक्षित रहो का संदेश समाज को दिया इस उपक्रम का एकमात्र उद्देश्य था शांति और सुरक्षा।

No comments:

Post a Comment