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फाइबर से बना भगवान राम और हनुमान की यह मूर्ति, दीपोत्सव में लगायेगी चारचांद

फाइबर से बना भगवान राम और हनुमान की यह मूर्ति, दीपोत्सव में लगायेगी चारचांद



(अयोध्या)
अयोध्या में होने वाले दीपोत्सव को लेकर जहां एक ओर प्रशासन ने कमर कस ली है, वहीं श्रद्धालु भी पीछे नहीं है। दीपोत्सव के दौरान राम की पैड़ी पर भगवान राम और भगवान हनुमान की प्रतिमाएं लगाई जाएंगी।

दीपोत्सव में चार चांद लगा रहे इस मूर्तियों में भगवान राम की एक और हनुमान की दो मूर्तिया होंगी। भगवान राम और लक्ष्मण हनुमानजी के कंधों पर बिराजमान होंगे। जबकि दूसरी मूर्ति में हनुमानजी के सीने में राम सीता दिखाई देंगे। ये प्रतिमाएं फाइबर ग्लास से निर्मित होंगी, जिसकी आकृति 18 फिट की होगी, जिसे नयाघाट राम की पैड़ी पर यथास्थान देकर स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा भी श्री राम की एक आदम कद की मूर्ति लगाई जाएगी जो 15 फिट ऊची होगी और इसके पांच फीट प्लेटफार्म बना होगा। यह मूर्ति और हनुमान जी की एक मूर्ति पूर्व स्थापित प्लास्टर आफ पेरिस से बनी श्रीराम और हनुमानजी जी की मूर्ति के स्थान पर लगेगी। शोध संस्थान के व्यवस्थापक रामतीरथ ने बताया की यह मूर्तिया प्रयाग के संस्था द्वारा निर्मित की जा रही है। जो 21 अक्टूबर को अयोध्या आ जायेगी। और 21, 22 में इसे राम की पैड़ी व नयाघाट पर स्थापित कर दी जाएगी।



दरसल पिछली बार दीपोत्सव में इन जगहों पर प्लास्टर आफ पेरिस की मूर्ति लगाई गई थी जो ध्वस्त हो गई लिहाजा जिसको देखते हुए इस बार सरकार ने तय किया है कि इन जगहों पर फाइबर की मूर्ति लगाई जाय। ब्यवस्थापक ने बताया कि उचित स्थान पर यह मूर्तिया लगेंगी तो वहाँ रहने दिया जाएगा नही तो इसे संग्रहालय में रख दी जाएगी। आपको बताते चलू की फाइबर से बना यह भगवान राम और हनुमान की मूर्ति बहुत ही कलात्मक और साफ्ट ढंग से बना हुआ है। इस बार दीपोत्सव में दीपों की लौ में भगवान श्री राम के दर्शन कराने की योजना है. सबसे खास बात है कि इस बार राम की पैड़ी पर 12 घाट व भरतकुंड, गुप्तारघाट, व अयोध्या के अन्य मठ मंदिरों में भी दीपदान किया जाएगा।। इन घाटों पर जलते दीयों के माध्यम से पूरी अयोध्या के दर्शन हो जाएंगें. वहीं दीपों के जलने के बाद जब ऊंचाई से उन्हें देखा जाएगा तो उसमें भगवान राम की आकृति दिखेगी।

भगवान राम के होंगे दर्शन



इसके लिए अवध विश्वविद्यालय का दृश्य कला विभाग खास तैयारी कर रहा है. इसलिए इस बार दीपों को सीधा ना लगाकर ग्राफिक्स के माध्यम से घाटों पर सजाया जाएगा. इन्हीं ग्राफिक्स को देखने पर भगवान श्री राम, सीता और हनुमान समेत अयोध्या के प्रमुख दर्शनीय स्थलों की आकृतियों को घाटों पर ही देखा जा सकेगा.

24 अक्टूबर से होगा,घाटो पर दिये सजाने के कार्य शुरु



अवध विवि के जनसंपर्क अधिकारी आशीष मिश्रा ने खास बातचीत में बताया कि विश्वविद्यालय इस बार व्यापक कार्य योजना कर रही है. दीपोत्सव का कार्यक्रम 26 अक्टूबर को है, जिसमे हम पिछला गिनीज बुक ऑफ रिकॉर्ड तोड़ने का प्रयास करेंगे। जिसमे छः हजार स्वयंसेवक का सहयोग होगा। हमने लक्ष्य तय किया है की वहां सभी 12 घाटों, पर चार लाख दिए जलाएंगे और 24 अक्टूबर से घाटो पर दिया सजाने के कार्य शुरू कर दिया जाएगा। जिससे कि दीपावली के भव्य आयोजन के साथ अयोध्या को एक बार फिर विश्व पटल पर संदेश दिया जा सके।

अशोक कुमार पाल

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