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Tuesday, 10 September 2019

बुद्ध के ज्ञान स्थली बोधगया में महात्मा गांधी के चबूतरे के समीप गंदगी का अंबार l नगर प्रशासन बना मूकदर्शक*

*बुद्ध के  ज्ञान स्थली बोधगया में महात्मा गांधी के चबूतरे के समीप गंदगी का अंबार l नगर  प्रशासन बना मूकदर्शक*
रिपोर्टः
विश्वनाथ आनन्द 
गया से
बिहार के अन्तर्राष्ट्रीय ज्ञान भूमि बोधगया में   बुद्ध  के ज्ञान नगरी बोधगया में बने महात्मा गांधी के चबूतरे के समीप गंदगी का अंबार लगा हुआ है l जबकि इस नगरी में देश विदेश से लेकर महामहिम राष्ट्रपति प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री एवं पर्यटकों का आवागमन होते रहता है इसके बावजूद भी महात्मा गांधी के चबूतरे के समीप गंदगी का अंबार लगना नगर पंचायत प्रशासन के कार्यशैली पर कई सवाल को खड़ा करता हैl आखिर इस कार्य के लिए कौन  जिम्मेवार है l और दोषियों के ऊपर कार्रवाई क्यों नहीं की जाती l इस तरह की समस्या को लेकर  बोधगया के निवासियों  के जेहन में प्रश्न कोध रहा है l बताते चलें कि बुद्ध भगवान के मंदिर के कुछ ही दूरी पर महात्मा गांधी का प्रतिमा स्थापित है l उसी स्थान पर फल सब्जी विक्रेताओं द्वारा दुकान लगाई जाती है l उसी रास्ता से  मंदिर मे  पर्यटकों  एवं आगंतुकों का आना जाना होता है l  मंदिरों की सुरक्षा की दृष्टिकोण से पुलिस बल की तैनाती भी किया गया है l इसके बावजूद भी महात्मा गांधी के चबूतरे के समीप गंदी का अंबार लगना कहीं ना कहीं  स्थानीय प्रशासन का संरक्षण प्राप्त है या नगरपंचायत से। ताज्जुब तो इस बात की है कि एक तरफ  केंद्र की मोदी सरकार एवं बिहार सरकार महात्मा गांधी की स्वच्छता संदेश को सार्थक बनाने के लिए करोड़ों रुपया एवं स्वच्छता अभियान चलाकर नागरिकों को संदेश देते रही है इसके बावजूद भी बुद्ध भगवान की नगरी में महात्मा गांधी के सपने को  साकार नहीं होना भी प्रशासन के लिए चुनौती है l स्वामी जी गया भोला मिश्रा धर्मेंद्र कुमार प्रबंधक बोधगया। टेकारी  के  तिताईगंज निवासी सह टिकारी बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव एवं वरिष्ठ पत्रकार राजेश द्विवेदी ने भ्रमण के दौरान बोधगया में महात्मा गांधी के चबूतरे के समीप गंदी का जो अंबार देखा और पत्रकारों के बीच भेंटवार्ता के  दौरान  बताया कि गंदगी  का अंबार महात्मा गांधी के चबूतरे के समीप लगाना दुखद बात है महात्मा गांधी भारत के राष्ट्रपिता एवं बापू के नाम से जाने जाते हैं एवं  बुद्ध ज्ञान की नगरी के रूप में विख्यात है इसके बावजूद भी असामाजिक तत्वों के द्वारा  गंदगी का अंबार फैलाया जा रहा है जो न्याय उचित नहीं है वैसे लोगों के ऊपर जांच करते हुए करवाई करने की आवश्यकता है l  वही कई बुद्धिजीवी, राजनीतिक, एवं समाजसेवी, व्यक्तियों ने भी वरिष्ठ पत्रकार राजेश द्विवेदी की दी गई प्रतिक्रिया को जुगल किशोर द्विवेदी ,संजीव कुमार, ईश्वरी प्रसाद, धीरेंद्र मिश्रा ,नागेश्वर पासवान, विनोद कुमार भारती ,नवीन कुमार मिश्रा, स्वागत किया है l ऐसे तो गंदगी के अंबार से संबंधित मीडिया द्वारा भी ध्यान आकृष्ट कराते रहा है इसके बावजूद भी महात्मा गांधी के चबूतरे के समीप गंदगी का अंबार लगा रहना प्रशासन के लिए चुनौती के रूप में है l अब देखना दिलचस्प होगा कि बुद्ध भगवान की नगरी में महात्मा गांधी के चबूतरे के समीप गंदगी का अंबार नगर पंचायत प्रशासन हटा पाती है या फिर ढाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ होते रहेगा l विदित हो कि 15 अगस्त 26 जनवरी 2 अक्टूबर या फिर राष्ट्रीय महापर्व में ही महात्मा गांधी के चबूतरे के समीप साफ सफाई का कार्य किया जाता हैl।

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