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Monday, 2 September 2019

ग्राम असोढ के अनशन कर्ता उठकर पहुंचे कलेक्टर उमरिया के पास

भारत न्यूज लाइव 24 हर खबर आप तक रिपोर्ट @ असिस्टेंट हेड एम पी 

ग्राम असोढ के अनशन कर्ता उठकर पहुंचे कलेक्टर उमरिया के पास 


उमरिया:दिनांक 2 सितम्बर 2019 को मध्यप्रदेश कोंग्रेस आदिवासी प्रकोष्ठ के महासचिव अमरू कोल ने माननीय मुख्यमंत्री कमलनाथ को कलेक्टर उमरिया के माध्यम से ज्ञापन दिया जिसका विषय था''अपर कलेक्टर एवं जिला पंचायत उमरिया के प्रभारी सीईओ श्री बीके पाण्डेय को पद से पृथक करने के सांथ उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही तथा आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाए' !
आवेदन में उन्होंने निम्न समस्याओं का उल्लेख किया था।
1.जिले मे पदस्थ अपर कलेक्टर एवं जिला पंचायत के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी बीके पाण्डेय द्वारा लगातार भ्रष्टाचार मे लिप्त लोगों को संरक्षण देने, कार्य के प्रति लापरवाही, अनुसूचित जाति-जनजाति के नागरिकों के सांथ अभद्रता व जातिगत रूप से अपमानित किया जा रहा है।
2. अपर कलेक्टर एवं जिला पंचायत उमरिया के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बीके पाण्डेय द्वारा ग्राम पंचायतों मे धांधली और भ्रष्टाचार मे लिप्त सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक तथा अन्य अधिकारियों कर्मचारियों को संरक्षण दिया जा रहा है।
3.ग्राम पंचायत असोढ  ब्लाक मानपुर के लोग पिछले कई महीनो से निर्माण कार्यों और शासकीय योजनाओं मे की गई गडबडियों की शिकायत करते रहे परंतु सीईओ जिला पंचायत बीके पाण्डेय ने कोई कार्यवाही नहीं की।
4. सीईओ जिला पंचायत की अनदेखी के कारण ग्रामीणों ने 26 अगस्त 2019 से असोढ मे अनशन प्रारंभ कर दिया। जिसके बाद से वे लगातार आरोपी सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक को संरक्षण देते रहे। सरपंच और सचिव ने खुलेआम यह बताया कि उन्होने सीईओ पाण्डेय को ढाई लाख
रूपये की घूंस दी है जिस वजह से उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होगी।
5.  दिनांक 30 अगस्त 2019 को करीब 4 बजे शाम के समय राममोल कोल निवासी दमोय थाना इंदवार जिला उमरिया जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बीके पाण्डेय को उनके कार्यालय मे ज्ञापन सौंप कर असोढ मे चल रहे आमरण अनशन को समाप्त कराने की मांग की तो वे भडक उठे और कहने लगे कि तुम साले कोलवा कभी नहीं सुधरोगे। जितना मिल रहा है, उतना ही मूड मे चढ़े जा रहे हो । यह कहते हुए सीईओ बीके पाण्डेय राममोल कोल की तरफ लपके सीईओ की इस हरकत के बाद राममोल वहां से चले गये।

उन्होंने यह भी बताया कि कलेक्टर महोदय के आश्वासन के बाद ग्राम असोढ मे चल रहा आमरण अनशन समाप्त कर दिया गया है। उक्त 20 सूत्रीय मांगों की निष्पक्ष जांच कर सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक सहित सभी दोषियों के विरूद्ध शासकीय राशि की वसूली,दण्डात्मक कार्यवाही की जाय। अपर कलेक्टर एवं जिला पंचायत के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी बीके पाण्डेय का यह कृत्य लोकसेवक के आचरण के विरूद्ध होने के सांथ ही आपराधिक है। उनकी इस हरकत से समूचा आदिवासी समुदाय अपमानित हुआ है। अतः आपसे आग्रह है कि  लापरवाह और असंसदीय भाषा का प्रयोग करने वाले अधिकारी को तत्काल जिला पंचायत सहित अन्य महत्वपूर्ण दायित्वों से पृथक करने, उन्हे निलंबित
करने तथा उनके विरूद्ध अजा-अजजा निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध करने हेतु निर्देशित किया जाय। सांथ ही ग्राम असोढ मे निर्माण कार्यों मे की गई धांधली, प्रधानमंत्री आवास, शौचालय निर्माण, भूमि घोटाला, फर्जी मस्टर रोल आदि मे की गई धांधली की निष्पक्ष जांच करा कर दोषियों को दण्डित किया जाय।

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