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Thursday, 22 August 2019

मां विंध्यवासिनी जयंती जागरण में रात भर झूमे

: मां विंध्यवासिनी जयंती जागरण में रात भर झूमे
श्रद्धालु                  अजय कुमार पांडे          मिर्जापुर : ( उत्तर प्रदेश ) उत्तर प्रदेश राज्य अंतर्गत मिर्जापुर जिला के अंदर पड़ने वाली  जनपद विंध्याचल में शनिवार की रात्रि मां विंध्यवासिनी जयंती के पावन मौके पर पूरा मंदिर परिसर ' सच्चे दरबार की जय " की नारों से गूंजता रहा ! प्रत्येक वर्ष की भांति इस बार भी निश्चित समय अनुसार संध्या पश्चात मां विंध्यवासिनी आराधना केंद्र कमेटी की ओर से रात भर चलने वाली जागरण कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया ! मंदिर कमेटी अध्यक्ष राजन पाठक से पूछे जाने पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया की ऐसे तो मां विंध्यवासिनी का जन्मदिन अनादि काल से मनाया जा रहा है !  लेकिन कमेटी की ओर से यह 48 वां जन्मदिन मनाया जा रहा है ! इस बार जागरण गायन कलाकार के रूप में  मुंबई से प्रसिद्ध सोमा घोष, लगभग 11 वर्ष की उम्र में प्रवेश कर चुके दिल्ली निवासी रुद्राक्ष श्रीवास्तव  ( तबला वादक ) आए हैं ! जो तबला वादक श्रीवास्तव इतने ही कम उम्र में इन्हें तीन वर्ल्ड रिकॉर्ड, 40 अवॉर्ड, 4 नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है ! कार्यक्रम में कैसिओ का धुन राजू चौहान, कैसियो फॉल अशोक,  ढोलक वादक महावीर सिंह के अलावे अन्य कलाकार भी शामिल है ! प्रोग्राम की शुरुआती दौर में ही ( टाटा ) जमशेदपुर निवासी प्रसिद्ध जागरण गायिका श्रद्धा दास ने अपनी मधुर आवाज में जागरण गीत के बोल " आ मैया के द्वार खजाना मिलेगा !  हाथ पसारेला जमाना मिलेगा की  शानदार प्रस्तुति पेश करते हुए मंदिर परिसर में मौजूद भक्तों का दिल जीत लिया ! दूसरी गीत के बोल " मेरी मैया हमें भी स्वीकार किया जाए " !  तूफा में है कश्ती बेड़ा पार किया जाए की भी शानदार प्रस्तुति दी !
तीसरी प्रस्तुति के रूप में गीत के बोल "मेरे मुश्किल डगर भूल कर दे नजर" ! डूबकर भक्ति में मजा आ गया की शानदार आवाज दी ! वही श्रद्धा के प्रेरणा स्रोत पिता रमेश दा ने भी जानदार प्रस्तुति पेश करते हुए कहा कि गीत के बोल में मैं अपना जीवन का सारा दुख लिखा हूं ! जागरण गीत के बोल थे "" तेरे दरबार की  निराली शान ए देखी" ! तुझे देते नहीं देखा, मगर झोली भरी देखी, फिर भला मेरे किस्मत में क्यों अंधेरा है ? क्या मुझे अपना हक नहीं मेरा है ? ध्यातव्य हो कि इनकी पुत्री प्रथम बार विंध्याचल मंदिर में पहुंचकर प्रस्तुति दी है ! दूसरी ओर इसकी पिता श्री दास हिंदुस्तान में दसवें नंबर प्राप्त कर चुके हैं !  वहीं दिल्ली से पहुंची प्रीति सोनी ने भी शानदार प्रस्तुति देते हुए गीत के बोल "तेरे होते झोली खाली है मां "  तू तो ममता लुटाने वाली है मां " आंख से आंख मिला , आस जगने लगी है , होड़ होने लगी है ! तेरा शुक्रिया मां तेरा शुक्रिया ! न भूलूंगी जो प्यार तूने दिया , तू तो ममता लुटाने  वाली है मां से शुरुआत की ! दूसरे भजन गीत में बचपन से लेकर बुढ़ापे तक के बोल शामिल थे ! शानदार भजन पेश करते हुए अपनी मृदुल स्वर में आवाज दी कि  मां देने में कमी नहीं छोड़ी ,  पर नियत है निगोड़ी ! कुछ ना कुछ मांगता रहा,  किस्मत के पीछे भागता रहा ! तृतीय प्रस्तुति के रूप में जन्मदिन के मौके पर अपनी मधुर आवाज देते हुए भजन पेश की जिसके बोल थे फूलों और गुब्बारों से दरबार  सजाएंगे , छोटे छोटे हाथों से केक खिलाएंगे ! वही कोलकाता स्थित लिलुआ से प्रतिवर्ष मां विंध्यवासिनी जन्मदिन के मौके पर  पहुंचने वाले जागरण कलाकार विजय कुमार सोनी ने भी अपनी शानदार आवाज की प्रस्तुति देते हुए बोल निकाली कि दुनिया मुझे पत्थर मारे , पागल कहते हैं सारे !  सुन ले पुकार मा, ओ मेरी मां , जो भी तेरे द्वार का, भूखा तेरे प्यार का ! इसके अलावे जुगलबंदी के रूप में  कथक प्रस्तुति रंजना सिन्हा एवं  पूनम, पुणे से पहुंची गायन प्रस्तुति रेणुका सिंह, सितार वाराणसी  अमरेंद्र मिश्रा, कथक डांस पूजा मिश्रा, इलाहाबाद निवासी सोनू, पुणे निवासी तबला वादक सलो सौरभ करकरें, कोलकाता निवासी प्रियंका,  भजन गायक जितेंद्र पाठक,  अजय शंकर शुक्ला ने भी प्रस्तुति दी ! जन्मदिन के पवन मौके पर पूरी रात जागरण टीम के  कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति पेश करते हुए दर्शकों का मन मोह लिया ! इस पावन मौके पर मां विंध्यवासिनी के भक्तों ने शहर के अंदर घूमकर आकर्षक झांकियां भी निकाली !

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