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Monday, 8 July 2019

तंबाकू नियंत्रण पर सीडस के द्वारा किया गया कार्यशाला

*तंबाकू नियंत्रण पर सीडस के द्वारा किया गया कार्यशाला
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*जिलाधिकारी ने द्वीप प्रज्ज्वलित कर किया शुभारंभ*
रिपोर्टः
दिनेश कुमार पंडित
बिहार से 
बिहार के जिला गया में सीडस (सोशियो इकोनामिक एंड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसायटी) द्वारा आज जिला परिषद के सभागार में तंबाकू उत्पाद एवं तंबाकू सेवन पर नियंत्रण को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ दीप प्रज्वलन कर जिलाधिकारी श्री अभिषेक सिंह के कर कमलों से किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि बिहार शराबबंदी के मामले में देश में एक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है यहां पूरी तरह से शराबबंदी कर दी गई है और जिसके दूरगामी परिणाम दिख रहे हैं।इसी प्रकार माननीय मुख्यमंत्री जी का अगला कदम नशाबंदी है। अब संपूर्ण बिहार को नशा मुक्त करने की मुहिम चलाई गई है।
इस अवसर पर सीडस के कार्यपालक निदेशक श्री दीपक कुमार मिश्रा ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से तंबाकू के सेवन के दुष्परिणाम एवं इसके रोकथाम के लिए बनाए गए अधिनियम COTPA -2003 के विभिन्न धाराओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष भारत में 1 लाख 30 हज़ार लोगों की मृत्यु तंबाकू सेवन से होती है। आज भी 28.6% लोग तंबाकू सेवन से प्रतिवर्ष मर रहे हैं। जिनमें 40% कैंसर तंबाकू से हो रहा है, 90% ओरल कैंसर चबाने वाले तंबाकू से हो रहा है। बिहार भारत की कैंसर की राजधानी बन गई है। 70 से 75 हजार लोग प्रतिवर्ष यहां मर रहे हैं। 1 लाख 68 हजार लोग प्रतिवर्ष कैंसर के मरीज हो रहे हैं। वर्ष 2019 के आंकड़ों के अनुसार 25.9% लोग तंबाकू के सेवन से मर रहे हैं, जिनमें 5% चबाने वाले तंबाकू से 20% खैनी के सेवन से। उन्होंने कहा कि इसमें 13 से 15 वर्ष तक के बच्चे 14% शामिल हैं। जिनमें 4.4% धूम्रपान करते हैं।यहाँ 5500 नए बच्चे प्रतिदिन तंबाकू सेवन शुरू करते हैं। इस पर रोक लगाना आवश्यक है।उन्होंने कहा कि इसके लिए शिक्षा विभाग की भूमिका बढ़ जाती है। इसके लिए तंबाकू उत्पादों की कीमत की बढ़ाने की जरूरत है, तंबाकू की वैकल्पिक खेती के लिए प्रोत्साहन करने की जरूरत है, साथ ही कानून का अनुपालन कराने की आवश्यकता है। उन्होंने COTPA -2003 अधिनियम के विभिन्न धाराओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कोटपा 2003 की धारा 4 के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करना प्रतिबंधित है। धारा 6 में 18 वर्ष से कम के बच्चों को तंबाकू उत्पाद बेचना प्रतिबंधित है। धारा 6 बी के तहत विद्यालय के 100 गज के अंतर्गत किसी भी प्रकार के तंबाकू का दुकान प्रतिबंधित है। धारा 5 के तहत प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष प्रचार पर प्रतिबंध लगाया गया है। उसी तरह धारा 7 के अनुसार तंबाकू उत्पाद बिना पैकिंग और उस पर बिना चेतावनी के बेचने पर रोक लगाया गया है। इस तरह खैनी की पुड़िया जो प्लास्टिक में रहता है उस पर पूर्ण प्रतिबंध है। उन्होंने कहा कि सभी परिसर में धूम्रपान रहित क्षेत्र का साईनेज लगाया जाना चाहिए और इसके उल्लंघन के लिए ₹200 जुर्माना का प्रावधान भी किया गया है। उन्होंने आंकड़ा प्रस्तुत करते हुए कहा कि आज भी भारत में सिक्किम के बाद बिहार का दूसरा स्थान है, जहां सबसे ज्यादा तंबाकू का सेवन किया जा रहा है। इसलिए इसके रोकथाम के लिए अभियान चलाने की जरूरत है। सीडस के कार्यपालक निदेशक ने कहा कि बिहार के 13 जिला तंबाकू मुक्त घोषित किए जा चुके हैं और वे चाहते हैं कि गया 14 वां जिला बने। 
जिलाधिकारी ने पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जिला स्तर पर, अनुमंडल स्तर पर एवं प्रखंड स्तर पर छापामार दस्ते का गठन किया गया है। उन्होंने प्रत्येक सोमवार को अभियान चलाकर छापामारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नगर निगम को भी देखना होगा नगर निगम क्षेत्र में कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। पुलिस और सिविल ऑफीसर मिलकर करवाई करें। जिलाधिकारी ने इसके लिए सभी पदाधिकारियों को इस दिशा में कार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने सिविल सर्जन को सभी सरकारी परिसर में साइनेज लगवाने का निर्देश दिया तथा स्टेशन मास्टर को भी पत्र प्रेषित करने का निर्देश दिया कि वे स्टेशन परिसर को नो स्मोकिंग जोन घोषित करें।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त श्री किशोरी चौधरी, सिविल सर्जन श्री राजेंद्र प्रसाद सिंहा, जिला परिवहन पदाधिकारी श्री जनार्दन प्रसाद, जिला शिक्षा पदाधिकारी मोहम्मद मुस्तफा हुसैन मंसूरी, उप निदेशक जन संपर्क नरेंद्र कुमार गुप्ता सहित तमाम पदाधिकारी उपस्थित थे।


Editor prajapati

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