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Saturday, 13 July 2019

बिहार के जिला गया में जिलाधिकारी श्री अभिषेक सिंह की अध्यक्षता में जिला आपदा प्रबंधक की समीक्षा बैठक की गई

*आपदा प्रबंधन की हुई समीक्षा बैठक*
गया, 13 जुलाई 2019,
रिपोर्टः
दिनेश कुमार पंडित
बिहार से
  बिहार के जिला गया में जिलाधिकारी श्री अभिषेक सिंह की अध्यक्षता में जिला आपदा प्रबंधक की समीक्षा बैठक की गई। बैठक में सर्वप्रथम जिला कृषि पदाधिकारी गया ने बताया कि गया जिला में पर्याप्त मात्रा में वर्षा हुई है। लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत बिचड़ा अच्छादन किया गया है। अब शीघ्र ही धान की रोपनी प्रारंभ कर दी जाएगी। गुरारू, कोच, आमस, इमामगंज, बोधगया, सदर गया में रोपनी प्रारंभ हो गई है। जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि वैकल्पिक खेती के लिए भी बीज की मांग की गई है। अरहर, तोरिया, कुर्थी, मक्का, मूंगफली की बीज की मांग की गई है। जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि सभी प्रखंड में हालात ठीक है। 
भूगर्भ जल के संबंध में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने बताया कि स्थिति में सुधार हुआ है। अब भूजल स्तर 38-40 फिट हो गया है। अब जलापूर्ति करने वाले टैंकरों की संख्या कम करा दी गई। बैठक में चापाकल की स्थिति से अवगत कराया गया।
जिलाधिकारी ने गया नगर निगम के उप नगर आयुक्त एवं पीएचईडी को कहा कि जितने भी चापाकल डिफंड हो गए हैं उनकी मरम्मत नहीं कराई जा सकती उसे लाल रंग से रंगवा दे या उखड़वा दें। खराब चापाकलों को 15 दिनों में लाल रंग से रंगवाने का सख्त निर्देश दिया गया। पीएचईडी के सहायक अभियंता ने बताया कि नए चापाकल लगवाए जा रहे हैं। जिस पर जिलाधिकारी ने निदेश दिया कि सारे नए चापाकलों की जियो टैगिंग कराना सुनिश्चित करेंगे। 
उन्होंने नगर निगम को सारे नालों की उड़ाही कराने तथा शहर के बड़े नाले का मेन हॉल के ढक्कन को बंद करने को कहा। उन्होंने कहा कि यदि कहीं मेन हॉल खुला हुआ है तो वहां लाल कपड़े से घेराव कर दें ताकि लोगों को पता चल सके। यदि कोई मेन हॉल के खुले रहने के कारण कोई हताहत होता है, तो इसकी जिम्मेदारी नगर निगम की होगी।
उन्होंने कहा कि घोड़ाघाट से पानी छोड़े जाने का प्रतिवेदन हर 2 घंटे पर उपलब्ध कराएं ताकि वस्तु स्थिति की जानकारी प्राप्त हो सके।
नगर पंचायत बोधगया के कार्यपालक अभियंता ने बताया कि नल जल योजना के लिए टेंडर हो गया है। जिलाधिकारी ने 1 सप्ताह के अंदर कार्य प्रारंभ कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि नल जल के कार्य में सबसे पहले बोरिंग कराने का निर्देश दिया। उन्होंने आपदा प्रबंधन के पदाधिकारी को कहा कि जिले में जितने भी खतरनाक घाट हैं या गहरा तालाब हैं उन स्थलों पर खतरनाक घाट का साइन बोर्ड संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी के माध्यम से लगवाने का निर्देश दिया।

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