दक्षिणबिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा पंडित मदन मोहन मालवीय नेशनल मिशन ऑफ टीचर्स एंड टीचर्स एजुकेशन एक महीना परीक्षण का आयोजन* - BHARAT NEWS LIVE 24

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Wednesday, 12 June 2019

दक्षिणबिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा पंडित मदन मोहन मालवीय नेशनल मिशन ऑफ टीचर्स एंड टीचर्स एजुकेशन एक महीना परीक्षण का आयोजन*

*दक्षिणबिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा पंडित मदन मोहन मालवीय नेशनल मिशन ऑफ टीचर्स एंड टीचर्स  एजुकेशन एक महीना परीक्षण का आयोजन*

 रिपोर्टः

दिनेश कुमार पंडित

बिहार से 

बिहार के गया में होटल महाबोधी बोधगया में  एक महीना दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा भारत सरकार एवं मानव संसाधन मंत्रालय स्कीम द्वारा पंडित दीनदयाल मालवीय नेशनल टीचर्स एवं टीचर असिस्टेंट प्रोफेसर  प्रोफेसर को परीक्षण दिया जा रहा है जिस का संचालन माननीय प्रोफेसर डां.कौशल किशोर  महोदय डी सर बताया 

पी एम एम एम एन एम टी टी योजना के तहत होटल महाबोधि में 30 दिवसीय फैकेल्टी इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया जा रहा है आज कार्यक्रम के  11 वा दिन था स्वयं मुक्स एनआरसी जैसे प्लेटफॉर्म के माध्यम से आज शिक्षा सरल गुणवत्ता की और सुलभ बनाया जा रहा है इसके माध्यम से अनेक सेक्षिक चुनौती पर विजयी हासिल किया जा रहा है उक्त बाते दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित फैकेल्टी इंडक्शन ट्रेंनिंग प्रोग्राम  में दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के शिक्षा पीठ के प्रोफेसर कौशल किशोर ने कही। आम लोगों तक तकनीकी सहायता से शिक्षा का पहुंच और मुक्त परिस्थितियों में विद्यार्थी कि सुविधा को ध्यान  रखकर भारत सरकार अन्य  प्राइवेट संस्थाओं 

द्वारा अनेक कार्यक्रम चलाया जा रहे हैं ।जिसके माध्यम से अच्छा शिक्षक सभी  शैक्षिक कमी को दूर कर पाने में समर्थ हो रहे हैं । इसके अंतर्गत अनेक प्रकार के सक्रिय कॉर्स  जो प्रणाम पत्र आधारित पाठ्यक्रम  भी संचालित करते हैं। प्रोफेसर किशोर ने बताया कि ऑनलाइन कोर्सेज चलाने के लिए मंच चाहिए  । जिसके माध्यम से इस प्रकार के पाठकर्म कराई जा रही है इसके अतिरिक्त अपने व्याख्यान में उन्होंने कहा कि स्वयं पर अगर  कोरस चलाते हैं तो उन शिक्षकों को अनेक प्रोन्नति भी दी जा सकेगी क्योंकि दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय में एनआरसी की कोर्स चलाया जा रहा है।साथ  ही उन्होँने एससे समस्या और विभिन्न प्रकार की खूबियां और खामियां कि चर्चा  कि।   दुसरे सत्र में शिक्षा और उनकी चुनौतियां विषय पर चर्चा हुई कार्यक्रम के तीसरे और चौथे सत्र में प्रतिभागियों ने अपने संसथान कि  प्रोफाइल एवं नयी शिक्षा  निति के प्रारुप को प्रस्तुत किया।  । आईसीएसएसआर हैदराबाद के डॉक्टर विजय कोरा अपने संगठन मैं चुनौतियां और अवसर पर विस्तारपूर्वक चर्चा की उन्होंने आईसीएसएसआर से 4 से ज्यादा प्रोजेक्ट लेकर उस पर कार्य करने के अनुभव बताएं कार्यक्रम के दूसरे प्रतिभागी के रूप में दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्राध्यापक आदित्य मोहंती ने शिक्षा नीति पर अपना विस्तृत विचार दिया महानती   पीएचडी कर रहे हैं इसलिए अपने उद्बोधन मैं उन्होंने भारतीय शिक्षण शिक्षण संस्था तथा विदेशी शिक्षण संस्थाओं के तुलनात्मक विवेचन प्रस्तुत किए और कहा कि विश्वविद्यालयों को अपने-अपने संदर्भ में देखने की जरूरत है किसी खास बड़े विश्वविद्यालय और दुसरे की स्थिति कि तुलना यहां के जमीनी स्तर से करन सही  नहीं है

तीसरे एवं चौथे सत्र में साधन सेवी के रूप में डॉक्टर धनजय धीरज विभागध्याक्ष शिक्षा शास्त्र विभाग गया कॉलेज गया  थे अपने संबोधन में डॉ धीरज ने  प्रतिभागियों द्वारा प्रस्तुत शोध पत्र पर अपने विचार देते हुए सर्वप्रथम शिक्षण के चुनौतीपूर्ण पेसे को स्वीकार करने के लिए बधाई दी  तथा शोध पत्र  के प्रस्तुति के संदर्भ में बताया कि एक शिक्षको को सदैव संप्रेषण कौसल का धनी  होना चाहिए प्रस्तुतीकरण के क्रम में  वैचारिक एवं  शारीरिक अभियक्ति के बीच समन्वय स्थापित करना चाहिए स्वर में उतार-चढ़ाव के साथ लेखन  एवं भाषण की शुद्धता भी होने चाहिए भारत जैसे राष्ट्र में उम्दा शोध संस्थानों की काफी कमी है विकास के लिए शिक्षण संस्थानों को जमीनी समस्याओं से संबंधित शोध कार्य एवं उनके समाधान से राष्ट्र विकास का मार्ग प्रसस्त करना चाहिए

उक्त कार्यक्रम में डॉक्टर रिन्की सहायक प्राध्यापक शिक्षा शास्त्र विभाग दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय मौजूद थे तथा कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन  अभिजीत पंडित ने किया

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