बलरामपुर जिला उतरौला तहसील सादुल्लाहनगर क्षेत्र के अंतर्गत,सराय खास , घासी पोखरा,अचलपुरचौधरी, मद्दोंभट्ठा, थाना सादुल्लाहनगर थाना प्रभारी निरीक्षक उपेन्द्र कुमार यादव ने अपनी पुलिस टीम के साथ सादुल्लाहनगर क्षेत्र का भ्रमण किये क्षेत्र में बहुत ही शान्तिपूर्वक ईद -उल-फित्र मनाया गया। - BHARAT NEWS LIVE 24

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Wednesday, 5 June 2019

बलरामपुर जिला उतरौला तहसील सादुल्लाहनगर क्षेत्र के अंतर्गत,सराय खास , घासी पोखरा,अचलपुरचौधरी, मद्दोंभट्ठा, थाना सादुल्लाहनगर थाना प्रभारी निरीक्षक उपेन्द्र कुमार यादव ने अपनी पुलिस टीम के साथ सादुल्लाहनगर क्षेत्र का भ्रमण किये क्षेत्र में बहुत ही शान्तिपूर्वक ईद -उल-फित्र मनाया गया।


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बलरामपुर(ब्यूरो)अशोक कुमार पाल

 

बलरामपुर जिला उतरौला तहसील सादुल्लाहनगर क्षेत्र  के अंतर्गत,सराय खास , घासी पोखरा,अचलपुरचौधरी, मद्दोंभट्ठा, थाना सादुल्लाहनगर थाना प्रभारी निरीक्षक उपेन्द्र कुमार यादव ने अपनी  पुलिस टीम के साथ सादुल्लाहनगर क्षेत्र का भ्रमण किये क्षेत्र में बहुत ही शान्तिपूर्वक ईद -उल-फित्र मनाया गया। 

रमजान का महीना 30 दिन का होता है। ऐसे में मुसलमान पूर 30 दिन रोजा रखते हैं।रोजा रखने के लिए सवेरे उठकर सेहरी किया जाता हैं सेहरी के बाद से सूरज ढलने तक भूखे-प्यासे रहते हैं। सूरज ढलने से पहले कुछ खाने या पीने से रोजा टूट जाता है।रोजे के दौरान खाने-पीने के साथ गुस्सा करने और किसी का बुरा चाहने की भी मनाही है।

शाम को सूरज ढलने  पर फल खाकर या पानी पीकर रोजा खोलते हैं।रोजा खोलने को इफ्तार कहते हैं। इफ्तार के वक्त सच्चे मन से जो दुआ मांगी जाती है वो कूबुल होती है।

ईद के चांद के साथ रमजान का अंत होता है।

रमजान के महीने के आखि‍री दिन जब आसमान में चांद नजर आता है, तो उसके दूसरे दिन ईद मनाई जाती है. ईद को मीठी भी कहते हैं।ईद का अर्थ ही है। 'खुशी का दिन' मुसलमानों के लिए ईद-उल-फित्र त्योहार अलग ही खुशी लेकर आता है। ईद के चांद के दर्शन के साथ हर तरफ रौनक हो जाती है

आखिर  वह दिन आ ही गया, जिसका रोजेदारों को एक माह से इंतजार था। बुधवार की सुबह रोजेदारों के लिए तमाम खुशियां लेकर आ आई। नए कपड़ों सहित टोपी लगाए रोजेदारो ने तैयार होकर ईदगाह की ओर चल पड़े।ईदगाह सहित जिले भर की मस्जिदों में ईद की नमाज पढ़कर अपनों की खुशी और मुल्क की सलामती की दुआ मांगी। एक दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। ग्रामीण क्षेत्रों में नमाज पढ़ने के बाद लोगों से मिलकर बधाई दी। बलरामपुर जिला थाना सादुल्लाहनगर थाना प्रभारी निरीक्षक उपेन्द्र कुमार यादव ने अपनी  पुलिस टीम के साथ सादुल्लाहनगर क्षेत्र को भ्रमण  किये क्षेत्र में बहुत ही शान्तिपूर्वक ईद -उल-फित्र मनाया गया। 

हाफिज मौलाना का कहेना है । कि रमजान के महीने में जन्नत के दरवाजे खुल जाते हैं. अल्लाह रोजेदार और इबादत करने वाले की दुआ कूबुल करता है और इस पवित्र महीने में गुनाहों से बख्शीश मिलती है.मुसलमानों के लिए रमजान महीने की अहमियत इसलिए  ज्यादा है कि इन्हीं दिनों पैगम्बर हजरत मोहम्मद साहब के जरिए अल्लाह की अहम किताब ‘कुरान शरीफ’ (नाजिल) जमीन पर उतरी थी. इसलिए मुसलमान ज्यादातर वक्त इबादत-तिलावत (नमाज पढ़ना और कुरान पढ़ने) में गुजारते हैं. मुसलमान रमजान के महीने में गरीबों और जरूरतमंद लोगों को दान देते हैं.

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बलरामपुर(ब्यूरो)अशोक कुमार पाल

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