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Sunday, 9 June 2019

मुंबई के महिला पत्रकार नीतिका राव पर अपराधियों द्वारा की गई हमला दुर्भाग्यपूर्ण

मुंबई के महिला पत्रकार नीतिका राव पर अपराधियों द्वारा की गई हमला दुर्भाग्यपूर्ण:-दिनेश पंडित l मगध गया बिहार से विश्वनाथ आनंद :-अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के बैनर तले वरिष्ठ पत्रकार दिनेश पंडित अजय कुमार पांडे विश्वनाथ आनंद राजेश कुमार द्विवेदी आलोक रंजन विजय कुमार पांडे अविनाश कुमार शुभम द्विवेदी रामकृष्ण त्रिवेदी सुजीत कुमार सिंह ओम प्रकाश उर्फ विपुल, सुधीर कुमार सिन्हा जितेंद्र कुमार तिवारी विवेक कुमार सहित सैकड़ों पत्रकारों ने मुंबई में महिला वरिष्ठ पत्रकारों पर अपराधियों द्वारा की गई हमला दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए अपराधियों पर नकेल कसते हुए सख्त से सख्त कार्रवाई करने की मांग किया है l श्री दिनेश पंडित सहित सभी पत्रकारों ने इसका पुरजोर विरोध करते हुए केंद्र सरकार, मुंबई की राज्य सरकार से जल्द से जल्द 24 घंटे के अंदर अपराधियों को गिरफ्तार करने की मांग किया है यदि सरकार अपराधियों को पकड़ने में विफल साबित होता है तो पूरे देश के पत्रकार चरणबद्ध आंदोलन पर सड़कों पर उतरने के लिए बाध्य हो जाएंगे l एक तरफ केंद्र और राज्य सरकार पत्रकारों की सुरक्षा देने की बात करती है वहीं दूसरी तरफ अपराधियों का मनोबल सर चढ़कर बोलने लगा है और प्रशासन मुख दर्शक बनकर खड़ा है यदि सरकार एवं प्रशासन अपराधियों पर नकेल कसते हुए कार्रवाई करती तो अपराधियों का मनोबल सर चढ़कर नहीं बोलता जिस प्रकार से देश के पत्रकारों पर हमले हो रहे हैं उससे लोकतंत्र सुरक्षित नहीं है ऐसे तो कलम के सिपाही लोकतंत्र का चौथा स्तंभ के रूप में जाना जाता है लेकिन आज लोकतंत्र के सिपाही हैं असुरक्षित महसूस कर रहा है तो देश कैसे सुरक्षित है यह तो अहम प्रश्न है इसमें सभी नेताओं को सामाजिक कार्यकर्ताओं को एवं बुद्धिजीवियों को सोचने की आवश्यकता है l आज पत्रकारों की समस्या पर सरकार वह अमल करने की आवश्यकता है l अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति के पत्रकार विश्वनाथ आनंद ने कहा कि पत्रकारों को सरकार सुरक्षा प्रदान नहीं करती है अपराधियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता है तो सभी पत्रकार को चाहिए कि अपनी कलम की ताकत का परिचय देते हुए चरणबद्ध आंदोलन करते हुए सड़क पर उतरने की आवश्यकता है l देश के पत्रकारों को चाहिए कि चट्टानी एकता का परिचय दें और सड़क पर उतरकर अपनी कलम की ताकत की परिचय कराने की आवश्यकता है l इसी तरह सामाजिक कार्यकर्ता वाल्मीकि प्रसाद ने भी मुंबई में महिला पत्रकार पर अपराधियों द्वारा हमला किए जाने पर घोर निंदा करते हुए अपराधियों को गिरफ्तार करने की मांग किया है l ऐसे तो बुद्धिजीवी संगठन नेभी पत्रकारों की मांगों को जायज ठहराते हुए अपराधियों पर नकेल कसकर करवाई करने की मांग किया है l अधिवक्ता संघ के पूर्व सचिव राजेश द्विवेदी ने भी महिला पत्रकार पर हमला किए जाने वाले अपराधियों पर करवाई करने की मांग किया है l मोहम्मद जावेद अख्तर वरिष्ठ पत्रकार ने कहा कि अब पत्रकारों को हाथ पर हाथ रखकर बैठने की आवश्यकता नहीं है पत्रकार लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है यदि पत्रकार सुरक्षित ही नहीं रहेगा तो देश सुरक्षित कैसे होगा यह एक अहम प्रश्न है पत्रकारों को चाहिए कि अपनी कलम की लेखनी का परिचय दें और अपनी समस्याओं को निजात दिलाने के लिए सभी पत्रकार बंधुओं अपने-अपने जिलों प्रखंड मुख्यालय एवं देश के कोने कोने में बैठक कर सड़कों पर उतरने के लिए चट्टानी एकता का परिचय देने की आवश्यकता है इस प्रकार से देश जिले राज्य एवं प्रखंड मुख्यालय में पत्रकारों पर अपराधियों द्वारा हमला किया जा रहा है वह निंदनीय है और चिंता का विषय है इसमें केंद्र सरकार के मुखिया नरेंद्र मोदी एवं सभी राज्यों के मुखिया मुख्यमंत्री को चाहिए कि पत्रकारों को सुरक्षा प्रदान करें और अपराधियों को सख्त से सख्त करवाई किया जाए l

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